अगर आपने उत्तर प्रदेश में जमीन या मकान खरीदा है और अभी तक आपके नाम पर खतौनी में नाम दर्ज नहीं हुआ है, तो आपको दाखिल-खारिज (Dakhil Kharij) करवाना होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन के नामांतरण से संबंधित आवेदन की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध कराई है। अब नागरिक घर बैठे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।
इस लेख में हम आपको UP Dakhil Kharij Registration Online 2026, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, आवेदन की फीस, स्टेटस चेक करने का तरीका और नामांतरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी आसान हिंदी में बताएंगे।
UP Dakhil Kharij 2026 – मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रक्रिया का नाम | दाखिल-खारिज / नामांतरण |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| विभाग | राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश |
| ऑनलाइन पोर्टल | RCCMS UP |
| संबंधित धारा | उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 34 |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन / जन सुविधा केंद्र |
| संबंधित अधिकारी | तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी |
| लाभार्थी | जमीन खरीदने वाले एवं पात्र दावेदार |
| आधिकारिक वेबसाइट | vaad.up.nic.in |
ऑनलाइन आवेदन: RCCMS UP Official Portal
UP Dakhil Kharij क्या होता है?
दाखिल-खारिज को अंग्रेजी में Land Mutation या नामांतरण कहा जाता है। जब किसी जमीन का मालिकाना हक बिक्री, विरासत, दान या अन्य कानूनी आधार पर दूसरे व्यक्ति को मिलता है, तो राजस्व रिकॉर्ड में पुराने खातेदार के स्थान पर नए खातेदार का नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को दाखिल-खारिज कहते हैं।
उदाहरण के लिए, यदि आपने किसी व्यक्ति से कृषि भूमि खरीदी है और रजिस्ट्री आपके नाम हो गई है, तो राजस्व अभिलेख यानी खतौनी में अपना नाम दर्ज कराने के लिए नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
ध्यान दें: दाखिल-खारिज अपने आप में जमीन के मालिकाना हक का अंतिम प्रमाण नहीं है। जमीन के अधिकार से जुड़े विवाद में रजिस्ट्री, उत्तराधिकार और अन्य कानूनी दस्तावेज भी महत्वपूर्ण होते हैं।
UP Dakhil Kharij Online Registration 2026 कैसे करें?
उत्तर प्रदेश में नामांतरण के लिए राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (RCCMS) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करें।
ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया
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सबसे पहले उत्तर प्रदेश के आधिकारिक RCCMS पोर्टल पर जाएं।
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होमपेज पर ऑनलाइन आवेदन के विकल्प को खोलें।
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जमीन के नामांतरण के लिए धारा 34 (नामांतरण) का विकल्प चुनें।
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पोर्टल पर मांगी गई जानकारी और लॉगिन संबंधी प्रक्रिया पूरी करें।
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अपना जिला, तहसील, गांव और जमीन से संबंधित विवरण भरें।
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खाता संख्या, गाटा संख्या और खातेदार से संबंधित जानकारी दर्ज करें।
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मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
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आवेदन में भरी गई सभी जानकारियों को अच्छी तरह जांच लें।
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आवेदन सबमिट करके प्राप्त आवेदन संख्या सुरक्षित रख लें।
सीधे ऑनलाइन आवेदन करें
RCCMS UP – राजस्व न्यायालय पोर्टल
उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक पोर्टल
दाखिल-खारिज ऑनलाइन आवेदन करें यदि डायरेक्ट लिंक नहीं खुलता है तो RCCMS मुख्य वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन विकल्प चुनें।
सरकारी जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी धारा 34 के अंतर्गत ऑनलाइन नामांतरण आवेदन के लिए यही पोर्टल दिया गया है।
India+1
UP Dakhil Kharij 2026 के लिए जरूरी दस्तावेज
दाखिल-खारिज आवेदन करते समय जमीन के प्रकार और नामांतरण के आधार के अनुसार दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
आमतौर पर निम्न दस्तावेज तैयार रखें:
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आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र।
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जमीन की रजिस्ट्री या पंजीकृत बैनामा (खरीद के मामले में)।
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जमीन की खतौनी की प्रति।
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खसरा या गाटा संख्या।
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खाता संख्या।
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आवेदक का मोबाइल नंबर।
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जमीन से संबंधित अन्य राजस्व दस्तावेज।
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उत्तराधिकार के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र और वारिसों से संबंधित जरूरी दस्तावेज।
महत्वपूर्ण: सभी मामलों में एक जैसे दस्तावेज जरूरी नहीं होते। आवेदन के आधार और पोर्टल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार कागजात तैयार करें।
जमीन का दाखिल-खारिज किन कारणों से कराया जाता है?
उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से निम्न परिस्थितियों में नामांतरण की जरूरत पड़ती है:
| कारण | जानकारी |
|---|---|
| जमीन की खरीद | रजिस्ट्री के बाद नए खरीदार का नाम दर्ज करना |
| जमीन की विरासत | खातेदार की मृत्यु के बाद वारिसों का नाम दर्ज करना |
| दान | कानूनी रूप से दान की गई जमीन का नामांतरण |
| अन्य वैध हस्तांतरण | लागू कानून और दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण |
UP Dakhil Kharij Application Status 2026 कैसे चेक करें?
यदि आपने दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया है, तो आप RCCMS पोर्टल पर संबंधित वाद की जानकारी देख सकते हैं।
स्टेटस चेक करने का तरीका:
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सबसे पहले RCCMS UP की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
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होमपेज पर वाद खोजने का विकल्प चुनें।
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उपलब्ध विकल्पों में कंप्यूटरीकृत वाद संख्या या अन्य खोज विकल्प चुनें।
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अपनी आवेदन या वाद संख्या दर्ज करें।
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आवश्यक जानकारी भरकर खोजें।
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उपलब्ध रिकॉर्ड में अपने मामले की सुनवाई, आदेश और वर्तमान स्थिति देखें।
आवेदन की स्थिति और राजस्व वाद की जानकारी
RCCMS पोर्टल पर स्टेटस चेक करें नई खतौनी ऑनलाइन देखें
UP Dakhil Kharij 2026 में कितना समय लगता है?
दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में लगने वाला समय आवेदन के प्रकार, दस्तावेजों की स्थिति, राजस्व अधिकारियों की जांच और किसी आपत्ति या विवाद पर निर्भर करता है।
सामान्य तौर पर प्रक्रिया में ये चरण शामिल होते हैं:
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आवेदन प्राप्त होना।
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राजस्व रिकॉर्ड की जांच।
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लेखपाल या संबंधित राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट।
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आवश्यक होने पर संबंधित पक्षों को नोटिस और आपत्तियों की सुनवाई।
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सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा आदेश पारित करना।
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आदेश के अनुसार खतौनी में नामांतरण का रिकॉर्ड अपडेट होना।
नोट: आवेदन जमा करने का मतलब यह नहीं है कि नाम तुरंत खतौनी में दर्ज हो जाएगा। अंतिम आदेश और रिकॉर्ड अपडेट होने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
UP Dakhil Kharij 2026 की फीस कितनी है?
दाखिल-खारिज की फीस जमीन के प्रकार, आवेदन के आधार और संबंधित सरकारी नियमों पर निर्भर कर सकती है।
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ऑनलाइन आवेदन करने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध शुल्क संबंधी निर्देश देखें।
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जन सेवा केंद्र (CSC) से आवेदन करने पर केंद्र की निर्धारित सेवा फीस अलग हो सकती है।
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किसी व्यक्ति को बिना सरकारी रसीद के पैसे न दें।
हम यहां कोई निश्चित फीस नहीं बता रहे हैं, क्योंकि सभी प्रकार के नामांतरण के लिए एक समान शुल्क की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद दाखिल-खारिज कैसे होगा?
अगर आपने जमीन की रजिस्ट्री करवा ली है, तो उसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में पंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण की प्रक्रिया शुरू करने की व्यवस्था भी है। यदि आपका नाम खतौनी में अपडेट नहीं हुआ है, तो पहले RCCMS पोर्टल पर संबंधित वाद की स्थिति देखें। जरूरत पड़ने पर धारा 34 के अंतर्गत आवेदन करें।
यदि जमीन विरासत में मिली है, तो सामान्य खरीद वाले नामांतरण की जगह पोर्टल पर उपलब्ध उत्तराधिकार/वरासत आवेदन प्रक्रिया देखें।
UP Dakhil Kharij 2026 के महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक
| काम | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन | यहां क्लिक करें |
| RCCMS मुख्य पोर्टल | यहां क्लिक करें |
| उत्तर प्रदेश भूलेख | यहां क्लिक करें |
| जमीन की खतौनी | भूलेख पोर्टल |
| जमीन की रजिस्ट्री | IGRS UP |
| राजस्व विभाग | यहां क्लिक करें |
UP Dakhil Kharij Registration Online 2026 – जरूरी सावधानियां
दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
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जमीन खरीदने से पहले उसकी पुरानी खतौनी जरूर चेक करें।
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जमीन की गाटा संख्या और खाता संख्या सही भरें।
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जमीन पर किसी प्रकार का विवाद या मुकदमा तो नहीं है, इसकी जानकारी प्राप्त करें।
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रजिस्ट्री के कागजात और ऑनलाइन खतौनी में नाम की स्पेलिंग मिलाएं।
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आवेदन सबमिट करने के बाद रसीद और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
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किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP या पोर्टल का पासवर्ड न बताएं।
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नामांतरण का आदेश होने के बाद नई खतौनी में नाम जरूर चेक करें।
UP Dakhil Kharij 2026 – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. UP Dakhil Kharij Online Registration 2026 कैसे करें?
उत्तर: उत्तर प्रदेश में दाखिल-खारिज के लिए RCCMS पोर्टल पर जाएं। ऑनलाइन आवेदन विकल्प में धारा 34 (नामांतरण) चुनकर मांगी गई जानकारी भरें और आवेदन सबमिट करें।
Q2. UP में दाखिल-खारिज की आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है?
उत्तर: दाखिल-खारिज के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक RCCMS पोर्टल https://vaad.up.nic.in/ है।
Q3. क्या घर बैठे जमीन का दाखिल-खारिज कर सकते हैं?
उत्तर: हां, पात्र मामलों में आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आप जन सुविधा केंद्र की मदद भी ले सकते हैं।
Q4. दाखिल-खारिज के लिए कौन सी धारा लागू होती है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश में सामान्य भूमि नामांतरण के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 34 से संबंधित प्रक्रिया लागू होती है।
Q5. क्या जमीन की रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज जरूरी है?
उत्तर: रजिस्ट्री के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नए खातेदार का नाम दर्ज करवाना महत्वपूर्ण है। इसके लिए नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
Q6. दाखिल-खारिज का स्टेटस कैसे देखें?
उत्तर: RCCMS की वेबसाइट पर जाकर वाद खोजने के विकल्प से उपलब्ध वाद संख्या या अन्य विवरण के आधार पर स्थिति देख सकते हैं।
Q7. क्या दाखिल-खारिज के बिना जमीन की रजिस्ट्री हो सकती है?
उत्तर: रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। रजिस्ट्री के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण कराया जाता है।
Q8. विरासत में मिली जमीन का दाखिल-खारिज कैसे होगा?
उत्तर: विरासत के मामलों में RCCMS पोर्टल पर उत्तराधिकार/वरासत के लिए उपलब्ध ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का उपयोग करें। आवश्यक दस्तावेज और वारिसों की जानकारी देनी होगी।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में जमीन का दाखिल-खारिज करवाना राजस्व रिकॉर्ड अपडेट कराने के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। अगर आपने जमीन खरीदी है या आपको जमीन विरासत में मिली है, तो संबंधित नियमों के अनुसार नामांतरण के लिए आवेदन करें।
आप आवेदन करने, उसकी स्थिति देखने और जमीन की खतौनी चेक करने के लिए ऊपर दिए गए सरकारी लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही रखें और अंतिम आदेश के बाद अपना नाम खतौनी में जरूर जांचें।