पिछले 25 साल से इंटरनेट पर कुछ भी खोजने का मतलब था- गूगल खोलना, कीवर्ड टाइप करना और नीचे लिंक्स की लिस्ट में से जवाब ढूंढना. अब यह तरीका बदल रहा है. लोग सवाल पूछकर सीधे जवाब पाना चाहते हैं और यही काम AI सर्च टूल्स जैसे ChatGPT, Perplexity और Google के अपने AI Overviews कर रहे हैं. दोनों तरीके आज साथ-साथ इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन इनका काम करने का ढंग बिल्कुल अलग है.
गूगल सर्च कैसे काम करता है?
गूगल सर्च एक कीवर्ड-बेस्ड सिस्टम है. जब कोई सवाल टाइप किया जाता है तो गूगल उससे मिलते-जुलते शब्दों वाले लाखों वेब पेज खोजता है और उन्हें रैंकिंग के हिसाब से लिस्ट में दिखाता है. यूजर को खुद अलग-अलग लिंक खोलकर, पढ़कर और तुलना करके अपना जवाब निकालना पड़ता है. यानी गूगल जवाब नहीं, बल्कि जवाब तक पहुंचने के रास्ते दिखाता है.
AI सर्च कैसे अलग तरीके से काम करता है?
AI सर्च टूल्स बड़े लैंग्वेज मॉडल यानी LLM पर चलते हैं. ये सवाल के पीछे की मंशा समझने की कोशिश करते हैं, इंटरनेट से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करते हैं और फिर उसे एक सीधे, आसान जवाब में बदलकर पेश कर देते हैं. यूजर को अलग-अलग वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं पड़ती. कई बार जवाब के साथ सोर्स लिंक भी दिए जाते हैं, ताकि यूजर चाहे तो असली जानकारी वहां जाकर जांच सके.
लिंक की लिस्ट बनाम सीधा जवाब
यही दोनों में सबसे बड़ा फर्क है. गूगल सर्च संभावित जवाब वाले पेज दिखाता है, जबकि AI सर्च सीधे तैयार जवाब देता है. सीधी और आसान जानकारी के लिए, जैसे किसी शहर का मौसम या किसी शब्द का मतलब, दोनों तरीके तेजी से काम करते हैं. लेकिन जब सवाल जटिल हो और कई पहलुओं को जोड़कर समझना हो, तो AI सर्च का जवाब ज्यादा व्यवस्थित और पढ़ने में आसान होता है.
सावधानी है जरूरी
AI सर्च का एक बड़ा जोखिम भी है. कई बार AI मॉडल गलत या भ्रामक जानकारी को भी उतने ही भरोसेमंद अंदाज में पेश कर देते हैं, जितना सही जानकारी को. इसे तकनीकी भाषा में हैलुसिनेशन कहा जाता है. वहीं गूगल सर्च में यूजर खुद अलग-अलग स्रोतों को देखकर तय कर सकता है कि कौन सी जानकारी भरोसेमंद है. इसलिए जरूरी और संवेदनशील मामलों में, जैसे सेहत, पैसा या कानून से जुड़े सवाल, जवाब को एक से ज्यादा जगह जांचना समझदारी है.
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कौन सा है बेहतर?
रोजमर्रा के छोटे-मोटे सवालों, जैसे किसी जगह का पता, किसी दुकान का समय या किसी वेबसाइट का लिंक ढूंढने के लिए गूगल सर्च तेज और भरोसेमंद है. वहीं रिसर्च, तुलना करने वाले सवाल, या ऐसे मुद्दे जिनमें कई जानकारियों को जोड़कर समझना हो, जैसे किसी नौकरी को चुनना चाहिए या नहीं या दो प्रोडक्ट्स में क्या फर्क है, वहां AI सर्च ज्यादा उपयोगी साबित होता है. ताजा खबरों और ठीक इसी वक्त की जानकारी के लिए अब भी पारंपरिक सर्च इंजन और सीधे न्यूज वेबसाइट ज्यादा भरोसेमंद माने जाते हैं.
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