PM Kisan

बांदा में Farmer Registry की रफ्तार धीमी, 37,534 किसानों की रजिस्ट्री अभी बाकी

satish
By satish On October 2, 2026
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

बांदा। फार्मर रजिस्ट्री की गति बेहद धीमी है, यदा कदा जन सुविधा केद्रों में ही किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री करवा रहे हैं। तमाम दुश्वारियों के कारण दो वर्ष में 37534 किसानों की अभी भी Farmer Registry नहीं हो पाई है। अभी भी 13 प्रतिशत से ज्यादा किसान सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए एलिजिबल नहीं हो पाएं हैं

लेखपालों पर अन्य विभागीय कार्य होने के कारण अब लेखपाल भी गांव-गांव नहीं जा पा रहे हैं। आधार कार्ड व खतौनी में नाम आदि में अंतर व 21 गांवों के भूलेख आनलाइन न दिख पाने के कारण करीब फार्मर रजिस्ट्री की गति बेहद धीमी गति से चल रही है।

सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसली ऋण, प्रधानमंत्री फसल बीमा क्षतिपूर्ति, आपदा राहत समेत किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हो रहींं हैं। इसमें पारदर्शिता लाने व सभी किसानों को लाभ पहुंचाने को लेकर फार्मर रजिस्ट्री करवाना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही किसानों में जमीन को लेकर हाेने वाले विवादों आदि की समस्याओं से भी निराकरण आदि आसानी से हो सकेगा।

शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री बना सपना

राजस्व विभाग के भूलेख विभाग से प्रत्येक समान नाम व पिता के नाम वाले किसानों का डाटा तैयार कर राज्य को आनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विवाद समेत अन्य प्रकरणों के सुलझाने में सुविधा मिलेगी। लेकिन दो वर्ष बीतने को हैं, लेकिन अभी शत-प्रतिशत के लिए फार्मर रजिस्ट्री महज सपना बना हुआ है।

किसानों की फार्मर रजिस्ट्री करने का काम बीते नवंबर वर्ष 2024 से शिविर लगाकर शुरू किया गया। बाद में राजस्व विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर फार्मर रजिस्ट्री करने काम किया, लेकिन हालात यह है कि अभी काम शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो सका।

जिले में कुल 2,88,258 पंजीकृत किसान हैं। इसमें अब तक 2,51,258 किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो सकी है। अभी भी 37,534 किसानाें की फार्मर रजिस्ट्री होना शेष है। कुल मिलाकर अभी तक महज 87 प्रतिशत किसान ही सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए अर्ह हो पाएं हैं।

13 प्रतिशत किसान अभी फार्मर रजिस्ट्री करवाने को लेकर परेशान हैं। इसमें कई राजस्व गांवाें का डाटा कंप्यूटर में शो नहीं कर रहा है। आधार व खतौनी में नाम में अंतर होने से समस्या बनी हुई है।

आधार कार्ड व खतौनी में दर्ज नाम में जरा सी गलती पर फार्मर रजिस्ट्री नही हो पा रही है। इसके लिए आवेदन भी दिया है लेकिन अभी तक सही ही नहीं हो पा रहा है। -देव कुमार, अतर्रा

फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रयास किया लेकिन नहीं हो सकी। राजस्व विभाग का कहना है कि खतौनी में अभी अंश निर्धारण नही हुआ है। जबकि अंश निर्धारण का काम भी राजस्व विभाग का है। -शिवविजय, नरैनी

कुछ चकबंदी वाले गांवों का डाटा नहीं शो कर होगा। लेकिन जो अन्य किसान हैं उन्हें अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र जाकर फार्मर रजिस्ट्री करवा चाहिए। ताकि विभिन्न याेजनाओं का लाभ मिल सके। -डॉ. अभय यादव, उपकृषि निदेशक, बांदा

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
satish

satish

### Satish Kumar – Biographical Info Satish Kumar is a content writer and digital information publisher focused on government schemes, government jobs, exam results, scholarships, and other important public-service updates in India. He aims to provide readers with simple, useful, and easy-to-understand information about the latest government initiatives and online services. He is from Uttar Pradesh and has completed his graduation. Through his work in digital publishing, Satish Kumar shares informative articles to help readers understand eligibility criteria, application processes, benefits, required documents, status-check procedures, and other important details related to government schemes and services. His primary focus is on presenting information in a clear and reader-friendly manner so that people can easily find the information they need online.