Bengaluru Bus Conductor Inspires: बेंगलुरु की एक बस कंडक्टर की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने अपने काम और जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई करने का अनोखा उदाहरण पेश किया. उसकी नौकरी में लंबे घंटे, थकान और ध्यान की जरूरत होती है, फिर भी अपनी शिफ्ट के बीच उसने खुद के भविष्य के लिए वक्त निकाला और किताब पढ़ती रही.
इंस्टाग्राम यूजर वर्षिनी ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें एक महिला बस के अंदर बैठकर किताब पढ़ रही हैं. महिला पूरी तरह से शांत हैं और पन्ने पलट रही हैं, लेकिन उनका चेहरा वीडियो में नहीं दिखाया गया है. वर्षिनी ने कहा कि उन्होंने महिला की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा है. उन्होंने लिखा, “मैंने उनका चेहरा इसलिए नहीं दिखाया ताकि उनकी प्राइवेसी बनी रहे. इसे पोस्ट करने का मेरा मकसद युवा दिमागों को प्रेरित करना है, ठीक वैसे ही जैसे मैं प्रेरित हुई हूं.”
प्रेरणा की सच्ची तस्वीर
वीडियो में कोई बड़ा नाटक या भाषण नहीं था. बस कंडक्टर शांत बैठी, किताब पढ़ रही थी. फिर भी यह दृश्य लोगों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि अगर यह महिला इतनी थकान के बाद पढ़ सकती है, तो हम भी अपने लक्ष्य के लिए कोशिश कर सकते हैं.
थकान के बावजूद सीखने की चाह
सभी ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह थकान और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सीखते रहने की याद दिलाता है. कई लोगों ने वर्षिनी को धन्यवाद दिया कि उन्होंने यह खास पल साझा किया, जो शायद अन्यथा अनदेखा रह जाता.
चुपचाप बढ़ते कदम
कभी-कभी प्रेरणा शोर-शराबे या तालियों के साथ नहीं आती. यह चुपचाप बस की सीट पर बैठी रहती है, पन्ने पलटती रहती है और थकान को पीछे छोड़ कर खुद को सुधारने और आगे बढ़ने का विकल्प चुनती है. इस छोटे से दृश्य ने कई लोगों को हिम्मत और उत्साह दिया. थकान के बावजूद, यह हमें सिखाती है कि अगर मेहनत और लगन हो, तो कोई भी अपनी मंज़िल पा सकता है.

