Braj Holi 2026: ब्रज में 40 दिनों तक चलेगा रंगों का महासंग्राम, जानें कब और कहां खेली जाएगी होली?

सतीश कुमार
4 Min Read


Braj Holi 2026: ब्रज में होली 2026 की शुरुआत बसंत पंचमी के साथ हो चुकी है, जो भगवान कृष्ण की पवित्र भूमि पर मनाए जाने वाले 40 दिवसीय रंगोत्सव का प्रतीक है. वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और मथुरा में मनाया जाने वाला यह लंबा होली उत्सव अपनी भक्तिमय रीति-रिवाज, जीवंत परंपराओं और गहरी सांस्कृतियों को जोड़ने के लिए जाना जाता है.

राधा रानी और भगवान कृष्ण की अद्भुत लीलाओं से जुड़ा ब्रज क्षेत्र 40 दिनों तक रंगों और भक्ति में डूबा रहने वाला है. मंदिर के आंगन से लेकर पतली गलियों तक हर कोने में होली की भावना पारंपरिक रूप से देखने को मिलेगी. 

ब्रज में होली की तिथि जानें

दिनांक  दिन घटना स्थान
23 जनवरी 2026 शुक्रवार बसंत पंचमी (होली का जश्न शुरू)    बांके बिहारी जी मंदिर और सभी ब्रज मंदिर
24 फरवरी 2026 मंगलवार लड्डू मार होली (फाग निमंत्रण) श्री जी मंदिर, बरसाना
25 फरवरी 2026 बुधवार लठमार होली रंगिली गली, बरसाना
26 फरवरी 2026 गुरुवार लठमार होली नंद भवन, नंदगाँव
27 फरवरी 2026 शुक्रवार रंगभरनी एकादशी/फूलों वाली होली बांकेबिहारी मंदिर, वृन्दावन
1 मार्च 2026 रविवार छड़िमर होली गोकुल
2 मार्च 2026 सोमवार रमन रेती होली / विधवा होली गोकुल और वृंदावन
3 मार्च 2026 मंगलवार होलिका दहन द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा और अन्य मंदिर
4 मार्च 2026 बुधवार Dhulandi मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल
5 मार्च 2026 गुरुवार दाऊजी का हुरंगा मथुरा में दाऊ जी मंदिर

ब्रज में होली और रंगोत्सव का महत्व

40 दिनों तक ब्रज की होली का गहरा आध्यात्मिक महत्व है, जिसकी शुरुआत बसंत पंचमी के दिन से होता है. ब्रज में होली नई शुरुआत, भक्ति और खुशी का प्रतीक माना जाता है. खास रस्मों में से एक है मंदिर के अंदर होली का डंडा लगाना, जो उत्सव के रस्मों की शुरुआत का संकेत है. 

रंगोत्सव के दौरान, भक्त राधा रानी और भगवान कृष्ण को ताजे फूल से बने रंग और गुलाल चढ़ाए जाते हैं. ब्रज के मंदिरों में फूलों की होली, लट्ठमार होली और लड्डू मार होली जैसे अनोखे उत्सव का भव्य आयोजन किया जाता है, जो आज से नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा है. 

भक्तों के लिए ब्रज में होली खेलना एक आशीर्वाद का प्रतीक है, पूरा इलाका भक्ति गीतों और कीर्तन से गूंज उठता है, जिससे ब्रज होली भारत के सबसे आध्यात्मिक त्योहारों में से एक बन जाती है. 

ब्रज होली भक्तों का ध्यान क्यों खींचती हैं?

एक दिन के होली उत्सव के उलट ब्रज होली 40 दिनों तक चलती है, जिसमें आस्था, लोकगीत का मिलाजुला त्योहार होता है. हर रस्में राधा और कृष्ण के बीच दिव्य मिलन को दर्शाती है, जिससे भक्तों को पवित्र परंपराओं में बताई गई होली का अनुभव प्राप्त करने का दुर्लभ मौका मिलता है. 

वृंदावन के मंदिरों से लेकर बरसाना की गलियों और नंदगांव के आंगनों तक ब्रज होली 2026 भक्ति, रंग और सांस्कृतिक विरासत की एक बेहतरीन यात्रा का भरोसा दिलाता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
Leave a Comment