भोजपुर: बारिश और तेज धूप का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि गाड़ियों पर भी पड़ता है. अगर समय रहते सही देखभाल नहीं की जाए तो नई कार भी कुछ ही वर्षों में पुरानी दिखने लगती है. ऐसे में कार प्रेमियों के लिए जरूरी है कि वे मौसम के अनुसार अपनी गाड़ी की देखभाल करें. आरा में गाड़ियों का मॉडिफिकेशन और कार केयर का काम करने वाले सौरभ तोमर बताते हैं कि थोड़ी-सी सावधानी बरतकर कार को लंबे समय तक नई जैसी चमक और बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है.
ऐसे करें कार की सुरक्षा
सौरभ तोमर के अनुसार, बारिश के मौसम में सबसे पहले कार की बॉडी की सुरक्षा जरूरी होती है. लगातार पानी और कीचड़ के संपर्क में रहने से पेंट पर असर पड़ता है और जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बारिश में गाड़ी चलाने के बाद साफ पानी से उसे धोकर माइक्रोफाइबर कपड़े से अच्छी तरह सुखाना चाहिए. गाड़ी के नीचे वाले हिस्से की भी सफाई करानी चाहिए, क्योंकि वहीं सबसे ज्यादा मिट्टी और नमी जमा होती है.
तेज धूप से ऐसे करें बचाव
इसके अलावा तेज धूप भी कार के लिए कम नुकसानदायक नहीं होती है. लंबे समय तक धूप में खड़ी रहने से कार का पेंट फीका पड़ सकता है. प्लास्टिक पार्ट्स कमजोर होने लगते हैं और डैशबोर्ड व सीटों पर भी असर पड़ता है. ऐसे में जहां तक संभव हो गाड़ी को छायादार जगह पर पार्क करें. अगर ऐसी जगह उपलब्ध नहीं है तो अच्छी क्वालिटी की कार का कवर इस्तेमाल करें. विंडशील्ड सन शेड लगाने से केबिन का तापमान भी कम रहता है.
उन्होंने बताया कि कार के इंटीरियर की सफाई भी उतनी ही जरूरी है. बारिश में गीले जूते और छाते के कारण कार के अंदर नमी बढ़ जाती है, जिससे बदबू और फंगस की समस्या हो सकती है. इसलिए फ्लोर मैट को समय-समय पर निकालकर सुखाएं, वैक्यूम क्लीनिंग कराएं और सीटों की नियमित सफाई करें. लेदर सीट होने पर लेदर कंडीशनर और फैब्रिक सीट होने पर उपयुक्त क्लीनर का इस्तेमाल करना चाहिए.
सौरभ तोमर का कहना है कि कार के एयर कंडीशनर और केबिन एयर फिल्टर की भी समय पर जांच करानी चाहिए. गंदा फिल्टर न केवल कूलिंग कम करता है, बल्कि केबिन में बदबू और धूल भी बढ़ा देता है. इसके अलावा रबर डोर बीडिंग, वाइपर, टायर, ब्रेक और बैटरी की भी नियमित जांच जरूरी है, क्योंकि बारिश के मौसम में इन पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है.
उन्होंने सलाह दी कि कार की बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर सेरामिक कोटिंग या पेंट प्रोटेक्शन फिल्म (PPF) जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं. इससे पेंट पर धूप, बारिश, हल्के स्क्रैच और गंदगी का असर काफी कम होता है और कार लंबे समय तक नई जैसी दिखाई देती है.
इसके अलावा सौरभ तोमर कहते हैं कि कार सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि एक निवेश भी है. यदि मालिक रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें और समय पर सर्विस के साथ नियमित सफाई करते रहें, तो बारिश हो या तेज धूप, गाड़ी की चमक और परफॉर्मेंस लंबे समय तक बरकरार रहेगी. यही आदत भविष्य में गाड़ी की रीसेल वैल्यू को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती है.