Car Care Tips: कार की नियमित देखभाल से आप महंगे रिपेयर खर्चों से आसानी से बच सकते हैं. आजकल कारें महंगी हैं और उनकी मरम्मत में भी लाखों रुपये लग सकते हैं. जैसे इंजन ओवरहॉल, गियरबॉक्स रिपेयर या सस्पेंशन बदलना. हालांकि, अगर समय पर छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो कार की उम्र लंबी होती है, परफॉर्मेंस बेहतर रहती है और अचानक बड़ी समस्या आने की संभावना कम हो जाती है.
नियमित मेंटेनेंस से फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ती है, सेफ्टी बनी रहती है और रीसेल वैल्यू भी अच्छी मिलती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, जो लोग कार की सर्विस और चेकअप समय पर करवाते हैं, उनके रिपेयर कॉस्ट 50-70% तक कम हो जाते हैं. बस थोड़ी सी जागरूकता और आदत से आप अपनी कार को हमेशा नई जैसा रख सकते हैं और पॉकेट पर बोझ नहीं पड़ने देते। आइए, कार को बेहतर स्थिति में रखने की टिप्स जानते हैं.
1. इंजन ऑयल और फिल्टर की समय पर जांच और बदलाव
इंजन ऑयल कार का खून होता है. हर 5,000 से 10,000 किमी (या कार मैनुअल के अनुसार) पर ऑयल और ऑयल फिल्टर बदलें. पुराना या कम ऑयल इंजन में घिसाव बढ़ाता है, जो बाद में महंगा इंजन रिपेयर करवा सकता है. अच्छी क्वालिटी का सिंथेटिक ऑयल इस्तेमाल करें.
2. टायरों का सही प्रेशर और रोटेशन
हर हफ्ते टायर प्रेशर चेक करें (मैनुअल में बताए गए PSI के अनुसार). कम प्रेशर से टायर जल्दी घिसते हैं और फ्यूल खर्च बढ़ता है. हर 8,000-10,000 किमी पर टायर रोटेट करवाएं, ताकि एकसमान घिसाव हो. बैलेंसिंग और व्हील एलाइनमेंट भी समय पर कराएं, वरना सस्पेंशन और स्टीयरिंग पार्ट्स खराब हो सकते हैं.
3. ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच
ब्रेक पैड, डिस्क और ब्रेक फ्लुइड की जांच हर सर्विस में करवाएं. ब्रेक फ्लुइड हर 2 साल या 40,000 किमी पर बदलें. खराब ब्रेक से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ता है और ब्रेक सिस्टम की बड़ी मरम्मत महंगी पड़ती है.
4. कूलेंट, ट्रांसमिशन ऑयल और अन्य फ्लुइड्स
कूलेंट लेवल चेक करें, ताकि इंजन ओवरहीट न हो. ट्रांसमिशन ऑयल (ATF) और ब्रेक फ्लुइड समय पर बदलें. ये फ्लुइड्स इग्नोर करने से गियरबॉक्स या इंजन की महंगी रिपेयर हो सकती है.
5. एयर फिल्टर, केबिन फिल्टर और फ्यूल फिल्टर
धूल भरे इलाकों में एयर फिल्टर हर 10,000-15,000 किमी पर बदलें. गंदा फिल्टर इंजन की पावर और माइलेज कम करता है. केबिन फिल्टर से AC ठंडी हवा अच्छी आती है और एलर्जी से बचाव होता है.
6. बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम
बैटरी टर्मिनल साफ रखें, जंग न लगने दें. हर 4-5 साल में बैटरी बदलें. लाइट्स, वाइपर ब्लेड और हॉर्न की जांच करते रहें.
7. सर्विस शेड्यूल फॉलो करें और खुद कुछ चेक करें
कार मैनुअल में दिया गया सर्विस शेड्यूल फॉलो करें. खुद रोजाना ऑयल लेवल, कूलेंट, वाइपर फ्लुइड और टायर प्रेशर चेक करने की आदत डालें. खराब सड़कों पर धीरे चलाएं, अचानक ब्रेक और एक्सेलरेटर न लगाएं.
8. कार को साफ और सुरक्षित रखें
नियमित वॉशिंग से जंग नहीं लगती. धूप में पार्क न करें, कवर यूज करें. अच्छी क्वालिटी के पार्ट्स ही लगवाएं, सस्ते नकली पार्ट्स से बचें.
इन टिप्स को अपनाकर आप न सिर्फ बड़े खर्च से बचेंगे, बल्कि कार लंबे समय तक बिना परेशानी के चलेगी. कुल मिलाकर, नियमित छोटी देखभाल से बड़ा खर्च टल जाता है और ड्राइविंग का मजा दोगुना हो जाता है.

