Car Loan लेने से पहले जान लें ये 7 जरूरी बातें, वरना बैंक कर देगा फाइल रिजेक्ट


कार खरीदना हर किसी का सपना होता है और आज के समय में Car Loan ने इस ड्रीम को पूरा करना काफी आसान बना दिया है. हालांकि, कई बार पूरी तैयारी न होने के कारण बैंक आपकी लोन फाइल को रिजेक्ट कर देते हैं, जिससे न केवल आपका सपना अधूरा रह जाता है, बल्कि आपके क्रेडिट स्कोर पर भी बुरा असर पड़ता है.

अगर आप भी नई या पुरानी कार के लिए बैंक से लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो हमारी ये खबर आपके काम की है. हम आपके लिए उन नियमों और बारीकियों की जानकारी लेकर आए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी फाइल को ‘रिजेक्शन-प्रूफ’ बना सकते हैं. आइए, इन टिप्स को एक-एक करके समझ लेते हैं.

CIBIL स्कोर देखें

बैंक सबसे पहले आपकी साख (Creditworthiness) देखता है. कार लोन के लिए आपका सिबिल स्कोर कम से कम 750 या उससे अधिक होना चाहिए. अगर स्कोर कम है, तो बैंक या तो लोन रिजेक्ट कर देगा या आपसे बहुत अधिक ब्याज मांगेगा. लोन अप्लाई करने से 3-6 महीने पहले अपना स्कोर चेक करें। अगर ये कम है, तो पुराने बकाया चुकाकर इसे सुधार लें.

योग्यता चेक करें

बैंक आपकी आय और काम के स्वरूप के आधार पर लोन देता है. लोन लेने के लिए आपकी उम्र 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए. कंपनियां सैलरीड व्यक्ति को कम से कम 1 साल की निरंतर सेवा और निश्चित न्यूनतम मासिक आय (आमतौर पर ₹25,000+) देखकर ही लोन देती हैं. वहीं, व्यवसायी (Self-Employed) को कम से कम 2-3 साल का स्टेबल बिजनेस रिकॉर्ड और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दिखाकर लोन मिल सकता है.

आय और ऋण का अनुपात

ये सबसे बड़ा कारण है, जिससे लोन रिजेक्ट होते हैं. बैंक ये देखता है कि आपकी कुल मासिक कमाई का कितना हिस्सा पहले से चल रही EMI में जा रहा है. नियम कहते हैं कि आपकी कुल EMI (नई कार लोन सहित) आपकी नेट मासिक आय के 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए. यदि आपके पास पहले से कई छोटे लोन चल रहे हैं, तो कार लोन अप्लाई करने से पहले उन्हें बंद कर दें.

सही डाउन पेमेंट का चुनाव

हालांकि आजकल कई बैंक 100% ऑन-रोड फंडिंग का दावा करते हैं, लेकिन समझदारी इसी में है कि आप 15% से 20% डाउन पेमेंट खुद करें. इससे बैंक का जोखिम कम होता है और आपकी फाइल जल्दी क्लियर होती है. साथ ही, आपको कम ब्याज देना पड़ता है और लोन जल्दी निपट जाता है.

फाइल रिजेक्ट न हो, इसके लिए इन दस्तावेजों को पहले से तैयार रखें-

डॉक्यूमेंट टाइप सैलरीड (Salaried) व्यवसायी (Self-Employed)
पहचान प्रमाण आधार, पैन, पासपोर्ट आधार, पैन, वोटर ID
निवास प्रमाण बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट ऑफिस/घर का पता प्रमाण
आय प्रमाण पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप पिछले 2 साल का ITR
बैंक स्टेटमेंट पिछले 6 महीने का पिछले 6 महीने का

ब्याज दर: फिक्स्ड vs फ्लोटिंग

लोन लेते समय ब्याज दर के प्रकार को समझना जरूरी है. ये दो तरह की होती है- फिक्स्ड और फ्लोटिंग. फिक्स्ड रेट में पूरे कार्यकाल के दौरान ब्याज दर स्थिर रहती है. फ्लोटिंग रेट में बाजार (Repo Rate) के आधार पर ब्याज घटता-बढ़ता रहता है. वर्तमान समय में फ्लोटिंग रेट्स अक्सर फायदेमंद होते हैं, लेकिन बाजार की अनिश्चितता को ध्यान में रखना भी जरूरी है.

प्रोसेसिंग फीस और हिडेन चार्ज

सिर्फ ब्याज दर न देखें. फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और प्री-पेमेंट पेनल्टी के बारे में जरूर पूछें. प्रोसेसिंग फीस को कई बार बैंक त्योहारों के सीजन में माफ कर देते हैं. अगर आप समय से पहले लोन चुकाना चाहते हैं, तो क्या बैंक आपसे फोरक्लोजर चार्ज लेगी? ये पहले ही स्पष्ट कर लें.

इन गलतियों से बचें-

  1.  जब आप एक साथ 4-5 बैंकों में लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर जाता है.
  2.  आय या पते के बारे में गलत जानकारी देने पर बैंक आपको ब्लैकलिस्ट कर सकता है.
  3.  अगर आपका सिबिल कम है, तो एक अच्छे सिबिल वाले को-एप्लीकेंट को जोड़कर लोन ले सकते हैं.

अगर आप ऊपर बताए गए नियमों का पालन करते हुए अपने दस्तावेजों को पारदर्शी रखते हैं, तो आपकी फाइल रिजेक्ट होने की संभावना लगभग शून्य हो जाती है. हमेशा लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की तुलना जरूर करें, लेकिन हर जगह Car Loan के लिए अप्लाइ न करें.



Source link