Chaitra Month 2026: हिंदू कैलेंडर का पहला माह चैत्र है बड़ा पुण्यकारी, करें ये 6 काम, बदल सकता है भाग्य!

aditisingh
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Chaitra Month 2026: चैत्र का महीना 4 मार्च से शुरू हो चुका है. इसका समापन 2 अप्रैल 2026 को होगा. चैत्र माह का महीना प्रकृति में नयापन, ऊर्जा और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है. शास्त्रों के अनुसार इस मास में किया गया जप, तप, व्रत और दान अनेक गुना फल प्रदान करता है.स्कंद पुराण में चैत्र माह का महत्व बताया गया है. चैत्र माह में कौन से व्रत त्योहार आएंगे. इस दौरान कौन से काम करें, क्या न करें जान लें.

स्कंद पुराण में चैत्र माह का महत्व

चैत्रे मासि नरः स्नात्वा दानं कुर्यात् प्रयत्नतः।

सर्वपापविनिर्मुक्तः विष्णुलोकं स गच्छति॥

अर्थात – जो व्यक्ति चैत्र मास में श्रद्धा से स्नान और दान करता है, वह पापों से मुक्त होकर विष्णुलोक को प्राप्त करता है. चैत्र मास में मनाये जाने वाले अनुष्ठानों से न केवल आध्यात्मिक लाभ होते हैं, बल्कि मन और शरीर को संतुलित रखने में भी सहायता मिलती है.

चैत्र मास में क्या करें?

  • प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दें.
  • दुर्गा सप्तशती या रामचरितमानस का पाठ करें.
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करें.
  • नववर्ष पर घर में कलश स्थापना करें.
  • सात्विक भोजन और संयम का पालन करें.
  • नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं.

चैत्र माह में क्या न करें

  • चैत्र मास व्रत, उपवास और सात्विकता का समय है. इस दौरान मांसाहार, शराब, लहसुन-प्याज और अधिक मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए.
  • क्रोध, झूठ और अपमानजनक व्यवहार से दूर रहें.
  • इस माह में आलस्य, देर तक सोना या पूजा-पाठ की उपेक्षा करना शुभ नहीं माना जाता.
  • ये ऋतु परिवर्तन का समय हैं इसलिए तला और गरिष्ठ भोजन न करें.हल्का भोजन उपयुक्त माना गया है.
  • झगड़ा-विवाद, कटु वचन और अनावश्यक बहस से दूर रहना चाहिए.

चैत्र माह व्रत त्योहार 2026

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी – 6 मार्च 2026

रंग पंचमी – 8 मार्च 2026

होली के पांच दिन बाद मनाया जाने वाला त्योहार, जिसमें रंगों के साथ पानी का भी आनंद लिया जाता है।

शीतला सप्तमी (बासोड़ा) – 10 मार्च 2026

इस दिन माता शीतला की पूजा की जाती है और पारम्परिक रूप से बासी भोजन ग्रहण करके चूल्हा नहीं जलाया जाता है. इसका उद्देश्य माता से स्वास्थ्य और रोगों से रक्षा की प्रार्थना करना है.

पापमोचिनी एकादशी, खरमास शुरू – 15 मार्च 2026

चैत्र अमावस्या – 18 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि – 19 से 27 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि को भगवती दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के लिए समर्पित नौ दिवसीय पर्व के रूप में मनाया जाता है. चैत्र मास शुक्ल प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि शुरू होती है. हर दिन माँ के अलग-अलग स्वरूप का पूजन, कथा-पाठ और व्रत किया जाता है. यह समय ऊर्जा, धैर्य और आध्यात्मिक उन्नति को बल देता है. 

साथ ही इस दिन से हिंदू नववर्ष का आरंभ माना जाता है. यह दिन नए कार्यों की शुरुआत, घर में पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ है.

उगादी और गुड़ी पड़वा – 19 मार्च 2026

तेलुगू, कन्नड़ और मराठी समुदायों का नववर्ष. यह दिन नए आरंभ, सुख-समृद्धि और अच्छे समय की कामना के लिए आदर्श माना जाता है.

राम नवमी – 27 मार्च 2026

भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव और नवरात्रि का अंतिम दिन. यह दिन जीवन में धर्म, सत्य, मर्यादा और आदर्श जीवन का स्मरण दिलाता है. भक्तजन मंदिरों में भजन-कीर्तन, कथा-पाठ और उपवास के साथ इस पर्व को मनाते हैं.

हनुमान जयंती – 2 अप्रैल 2026

भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. भक्तभजन, हनुमान चालीसा का पाठ और मंदिरों में विशेष पूजा होती है.

कामदा एकादशी – 29 मार्च 2026

जैन धर्म का महत्त्वपूर्ण पर्व, महावीर स्वामी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह अहिंसा, सत्य और आत्म-अनुशासन का संदेश देता है.

महावीर जयंती- 31 मार्च 2026

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.