इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरी उसकी सबसे महंगी और महत्वपूर्ण पार्ट है. अच्छी देखभाल से ये 10 से 15 साल या उससे भी ज्यादा चल सकती है, जबकि गलत आदतें इसकी क्षमता को जल्दी घटा देती हैं. लिथियम-आयन बैटरियां तापमान, चार्जिंग लेवल और इस्तेमाल के तरीके के प्रति संवेदनशील होती हैं. रोजाना की छोटी आदतें बैटरी की सेहत पर बड़ा असर डालती हैं. ज्यादातर मैन्युफैक्चरर्स 20-80 प्रतिशत चार्ज रेंज रखने की सलाह देते हैं, क्योंकि पूरी तरह फुल या खाली रखना सेल्स पर तनाव बढ़ाता है.
फास्ट चार्जिंग से ज्यादा गर्मी पैदा होती है और बार-बार इस्तेमाल से उम्र कम होती है. गर्मियों में सीधी धूप या सर्दियों में बहुत ठंड भी नुकसान पहुंचाती है. सही तरीके अपनाकर आप न सिर्फ battery की क्षमता बनाए रख सकते हैं, बल्कि रिप्लेसमेंट का खर्चा भी बचा सकते हैं. यहां पांच आसान और कारगर टिप्स दिए गए हैं, जो रोजाना फॉलो करने लायक हैं.
20 से 80 प्रतिशत चार्ज रखें
डेली यूज में बैटरी को 20 प्रतिशत से नीचे या 100 प्रतिशत तक न ले जाएं. ज्यादातर EV में चार्जिंग लिमिट सेट करने का ऑप्शन होता है. लंबी ट्रिप से पहले ही 100 प्रतिशत चार्ज करें. इससे केमिकल स्ट्रेस कम होता है और लाइफ बढ़ती है.
फास्ट चार्जिंग कम से कम करें
घर पर स्लो (लेवल 2) चार्जिंग बेहतर है क्योंकि इससे गर्मी कम पैदा होती है. डीसी फास्ट चार्जिंग को सिर्फ जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करें. बार-बार फास्ट चार्जिंग बैटरी की क्षमता को तेजी से घटाती है.
अत्यधिक तापमान से बचाएं
बैटरी के लिए 15-25 डिग्री सेल्सियस का तापमान परफेक्ट है. गर्मियों में छाया में या गैरेज में पार्क करें. सर्दियों में प्रीकंडिशनिंग का इस्तेमाल करें. गर्मी और ठंड दोनों एजिंग बढ़ाते हैं.
लंबे समय तक स्टोर करते समय सही लेवल रखें
अगर गाड़ी हफ्तों नहीं चलानी है तो बैटरी को 40-60 प्रतिशत पर रखें. पूरी फुल या खाली छोड़ना नुकसानदायक है. कई गाड़ियों में स्टोरेज मोड होता है.
सॉफ्ट ड्राइविंग और सॉफ्टवेयर अपडेट अपनाएं
फास्ट एक्सेलरेशन और ब्रेकिंग से गर्मी बढ़ती है. स्मूथ ड्राइव करें. गाड़ी के सॉफ्टवेयर अपडेट नियमित रूप से करें क्योंकि ये बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) को बेहतर बनाते हैं. इन टिप्स को अपनाने से आपकी EV बैटरी लंबे समय तक अच्छी परफॉर्मेंस देगी और कुल खर्च भी कम रहेगा.