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एआई की लहर का भारत को क्यों नहीं मिल रहा पूरा फायदा? एक्सपर्ट ने बता दी असली वजह

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 30, 2026
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  • एआई बूम के बावजूद विदेशी निवेशक भारत में रुचि नहीं ले रहे।
  • भारतीय आईटी सेक्टर इनोवेटिव न होकर आर्बिट्रेज पर आधारित रहा।
  • निवेश पूंजी अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान जैसे देशों में जा रही।
  • एआई का यह हल्ला जल्द ही कम हो जाएगा, फिर भारत को मिलेगी अटेंशन।

AI Boom And India: इन दिनों पूरी दुनिया में एआई की चर्चा है. कई कंपनियां इस लहर में खूब पैसा जुटा रही हैं और उनकी वैल्यूएशन रिकॉर्ड तोड़ रही है. लेकिन एआई की इस लहर का असर भारत पर नहीं देखा जा रहा है और निवेशक यहां पैसा लगाने से बच रहे हैं. रॉकफेलर इंटरनेशनल के चेयरमैन और ब्रेकआउट कैपिटल के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर रूचिर शर्मा ने इसकी वजह बताई है. उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया का फोकस भारत पर है, लेकिन विदेशी निवेशक भारत पर पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं. आइए जानते हैं कि उन्होंने इसे लेकर क्या कारण बताए हैं.

भारत को क्यों नहीं हो रहा फायदा?

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए शर्मा ने एआई बूम की तुलना डॉट कॉम बबल से करते हुए कहा कि आर्बिट्रेज जैसे बिजनेस मॉडल के कारण उस समय भारतीय कंपनियों को खूब फायदा हुआ था, लेकिन इस बार भारत के पास ऐसा कोई बड़ा अवसर नहीं है. शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने 30 साल के करियर में कभी ऐसा नहीं देखा, जब भारत को लेकर निवेशकों में रूचि नहीं है और इसे इग्नोर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत का IT सेक्टर सिर्फ आर्बिट्रेज बिजनेस में था और यह कुछ इनोवेटिव नहीं कर रहा था. इसी का असर है कि अब हमारे पास ऐसा कुछ नहीं है और यही कारण है कि विदेशी निवेशक भारत नहीं आ रहे और भारत को एआई के सेक्टर में बड़े प्लेयर के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. जब एआई का बबल फट जाएगा, तब उम्मीद है कि भारत को फिर से कुछ अटेंशन मिलने लगेगी.

कुछ ही देशों और कंपनियों के पास इकट्ठा हुआ पैसा

शर्मा ने कहा कि अब विदेशी पूंजी कुछ ही देशों के पास इकट्ठी हो रही है, जो एआई में सबसे आगे हैं. विकसित अर्थव्यवस्था की बात करें तो अमेरिका और जापान के पास यह पूंजी जा रही है, जबकि इमर्जिंग इकॉनमी में साउथ कोरिया और ताइवान इस मामले में आगे है. उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन ऐसा देखूंगा, जब ताइवान की एक कंपनी TSMC का स्थान MSCI इंडेक्स में पूरे भारत से ऊपर होगा. उन्होंने कहा कि एआई को लेकर मचा हुआ हल्ला कुछ समय बाद कम हो जाएगा. यह लगातार जारी नहीं रह सकता है. ऐसा नहीं होता कि पूरी ग्लोबल इकॉनमी केवल एक ही फैक्टर पर चलती रहे.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։