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क्या एक साथ Wireless और Wired Charger से चार्ज हो सकता है फोन? यह बात जान ली तो नहीं होगा नुकसान

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 21, 2026
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  • वायरलेस चार्जिंग में ऊर्जा का कुछ हिस्सा गर्मी में बदल जाता है।

Wireless Charging And Wired Charging: क्या आपने सोचा है कि फोन को एक साथ वायरलेस और वायर्ड चार्जर से चार्जिंग पर लगा दें तो क्या होगा? कुछ लोगों को लग सकता है कि इससे नुकसान हो जाएगा तो कुछ लोगों को यह भी लग सकता है कि इससे फोन क्या पता जल्दी चार्ज हो जाए! आपने पहले यह नहीं सोचा, लेकिन अब सोच रहे हैं तो इसे करने से बचना चाहिए. दरअसल, फोन एक साथ दो तरीकों से चार्ज नहीं हो सकता. आइए जानते हैं कि ऐसा करने पर क्या हो सकता है.

क्या एक साथ दो तरीकों से चार्ज हो सकता है फोन?

फोन को एक साथ दो तरीकों से चार्ज नहीं किया जा सकता. दरअसल, ज्यादातर फोन वायर्ड चार्जिंग को प्रेफर करते हैं. यानी अगर आप चार्जिंग पैड पर रखने के बाद फोन को वायर वाले चार्जर से कनेक्ट करेंगे तो यह वायर्ड चार्जर से ही पावर लेगा. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वायर्ड चार्जर ज्यादा फास्ट और एफिशिएंट होते हैं. अब यह सवाल उठ सकता है कि फोन को इसका पता कैसे लगेगा? फोन के अंदर पावर मैनेजमेंट सर्किटरी लगी होती है. जब यह वायर्ड कनेक्शन को डिटेक्ट करती है तो वायरलेस चार्जिंग कॉइल को डिसेबल कर देती है. इससे इंटरनल पार्ट्स में गड़बड़ नहीं होती और फोन ओवरहीटिंग से बच जाता है. 

कोशिश करना हो सकता है खतरनाक

अगर आप फोन को एक साथ वायर्ड और वायरलेस चार्जर से चार्ज करने की कोशिश करेंगे तो यह खतरनाक हो सकता है. इससे हीट जनरेट हो सकती है, जो फोन की बैटरी को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए. अगर आपके पास वायर्ड और वायरलेस चार्जिंग समेत दोनों ऑप्शन है तो हमेशा पहले वाला चुने. वायर्ड चार्जिंग ज्यादा एफिशिएंट होती है और इससे बैटरी भी जल्दी चार्ज होती है. इसमें एनर्जी लॉस कम होता है और बैटरी पर भी असर नहीं पड़ता. 

वायरलेस चार्जिंग में हीट जनरेट क्यों होती है?

वायरलेस चार्जर के चार्जिंग पैड में एक ट्रांसमीटर कॉयल लगी होती है, जो अल्टरनेटिंग करंट (AC) का मैग्नेटिक फील्ड क्रिएट करती है. जब इस चार्जिंग पैड पर कोई डिवाइस रखा जाता है तो उसकी रिसीवर कॉयल उस करंट को DC में कन्वर्ट कर बैटरी को ट्रांसफर कर देती है, लेकिन इस प्रोसेस में चार्जिंग पैड की पूरी पावर बैटरी तक नहीं पहुंच पाती. इसलिए वह पावर हीट में कन्वर्ट हो जाती है और इसी वजह से इस चार्जिंग प्रोसेस में हीट जरनेट होती है. इसलिए इसे चार्जिंग का प्राइमरी मेथड बनाने से बचना चाहिए.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։