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गाड़ियां आपस में करेंगी बात, अंधे मोड़ पर भी नहीं होगा एक्सीडेंट, सरकार अनिवार्य करने जा रही V2V सिस्टम

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By Aman Shanti .In On July 27, 2026
1 min read 1.2k views
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नई दिल्‍ली. सोचिए, आप गाड़ी से जा रहे हों और अचानक सामने एक ऐसा मोड़ आज जाए जिस वजह से आपको सामने से आ रही गाड़ी दिखाई ही न दे. लेकिन, अचानक आपकी कार आपको सामने से आती गाड़ी के बारे में अलर्ट कर दे या खुद ही ब्रेक लगा दे तो आपको कैसा लगेगा. हैरान मत होइये, भारतीय सड़कों पर जल्द ही यह हकीकत बनने जा रहा है. सरकार सड़कों पर हादसों को रोकने के लिए वाहनों को आपस में स्मार्ट तरीके से जोड़ने की तैयारी कर चुकी है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय अब वाहनों में V2V यानी ‘व्हीकल-टू-व्हीकल’ कम्युनिकेशन तकनीक को अनिवार्य करने जा रही है.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 में नया उप-नियम जोड़ने का फैसला किया है. यह नियम दोपहिया, तीनपहिया, कार, बस और ट्रक सभी वाहनों पर लागू होगा. 1 अक्टूबर 2027 से अगर किसी गाड़ी में V2V सिस्टम लगा है, तो उसे अनिवार्य रूप से AIS-230 मानकों का पालन करना होगा. 1 अक्टूबर 2028 से देश में बिकने वाली सभी नई गाड़ियों में AIS-230 मानक वाला V2V सिस्टम अनिवार्य कर दिया जाएगा.

क्‍या है V2V तकनीक

V2V यानी ‘व्हीकल-टू-व्हीकल’ कम्युनिकेशन एक वायरलेस तकनीक है. इसके जरिए गाड़ियां एक-दूसरे को अपनी लोकेशन, स्पीड और ब्रेकिंग स्टेटस जैसी जानकारियां रियल-टाइम में भेजती हैं. गाड़ियों में लगे खास सेंसर और डेडिकेटेड शॉर्ट-रेंज कम्युनिकेशन (DSRC) डिवाइस आसपास की अन्य गाड़ियों को सिग्नल भेजते हैं. यानी हम कह सकते हैं कि वे एक-दूसरे से बात कर सकती है. इस तकनीक के बहुत फायदे है और यह सड़क हादसे रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है. भारत रोड एक्सिडेंट्स में 50 फीसदी की कमी लाना चाहता है. इसीलिए वीटूवी तकनीक को अपना रहा है.

V2V का क्‍या होगा फायदा?

  • 360 डिग्री सुरक्षा: यह सिस्टम भारी कोहरे या अंधे मोड़ (ब्लाइंड स्पॉट) में छिपे खतरों को पहले ही पहचान लेगा.
  • ऑटोमैटिक ब्रेक और अलर्ट: आगे वाली गाड़ी के अचानक ब्रेक लगाते ही आपकी कार को सिग्नल मिल जाएगा, जिससे पीछे से टक्कर होने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी.
  • जाम से मुक्ति: गाड़ियां आपस में ट्रैफिक डेटा शेयर करेंगी, जिससे आप जाम में फंसने से पहले ही रास्ता बदल सकेंगे.

आप भी दे सकते हैं अपनी राय

सरकार ने इस ड्राफ्ट नियम पर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. आप 30 दिनों के भीतर अपनी राय मंत्रालय को भेज सकते हैं. अपनी सलाह आप comments-morth@gov.in पर ईमेल कर सकते हैं या फिर अपर सचिव (एमवीएल), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली-110001, के पते पर डाक से भेज सकते हैं.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։