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दीवार के पीछे छिपी चीजों को भी देख पाएगा आईफोन, वैज्ञानिकों ने निकाल लिया कमाल का तरीका

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 24, 2026
2 min read 1.2k views
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  • आईफोन LiDAR सेंसर से छिपी चीजें डिटेक्ट करेगा, नॉन-लाइन-ऑफ-साइट इमेजिंग संभव.
  • मोशन और डिवाइस की पोजीशन ट्रैक करके ऑब्जेक्ट की शेप, पोजीशन पता चलेगी.
  • रोबोटिक्स, सेल्फ-ड्राइविंग कारों में सहायक, रोबोट छिपी वस्तुओं का अनुमान लगा सकेंगे.
  • यह सुविधा फिलहाल यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं, हार्डवेयर की आवश्यकता होगी.

अब आईफोन का कैमरा यह भी देख सकेगा कि कॉर्नर से आगे क्या रखा हुआ है. MIT मीडिया लैब के रिसर्चर ने आईपैड प्रो और आईफोन में लगे LiDAR सेंसर का एक शानदार इस्तेमाल ढूंढ निकाला है. इसकी मदद से आईफोन और आईपैड कैमरा उन चीजों को ट्रैक और डिटेक्ट कर सकेंगे, जो उनके फील्ड ऑफ व्यू से बाहर है. इस तरह की इमेजिंग को नॉन-लाइन-ऑफ-साइट (NLOS) इमेजिंग कहा जाता है. यह नया कॉन्सेप्ट नहीं है, लेकिन पहले इसके लिए महंगे और लैब में यूज होने वाले लेजर की जरूरत पड़ती थी. अब आईफोन से यह काम हो सकेगा. 

कैसे काम करेगा यह तरीका?

यह पूरा तरीका मोशन पर काम करेगा. यानी जैसे ही आपका डिवाइस मूव करना शुरू होगा, इसका सिस्टम साथ की साथ ऑब्जेक्ट की शेप, उसकी पोजिशन और कैमरा की पोजिशन को ट्रैक करना शुरू कर देगा. रिसर्चर इसे अपर्चर सैंपलिंग मॉडल कह रहे हैं. यह अलग-अलग तरह की रफ रीडिंग को ऐसे तरीके से पेश करता है, जिससे कुछ जानकारी हासिल की जा सकती है. इस तरीके से ऑब्जेक्ट की एकदम क्लियर पिक्चर तो सामने नहीं आती, लेकिन यह पता चल जाता है कि दीवार के पीछे क्या रखा है, उसकी शेप कैसी है और क्या वह मूव कर रहा है. 

इसका फायदा क्या और कहां होगा?

रिसर्चर ने इस तरीके को चार तरह से यूज करके दिखाया है. इससे सिंगल ऑब्जेक्ट को ट्रैक किया जा सकता है, शेप को रिकंस्ट्रक्ट किया जा सकता है और एक साथ कई ऑब्जेक्ट को ट्रैक करने में इसे यूज किया जा सकता है. इसका चौथा यूज रोबोटिक्स में बड़ा काम आ सकता है. इसे कैमरा लोकलाइजेशन यूजिंग हिडन लैंडमार्क कहा जा रहा है. इसकी मदद से रोबोट पहले ही खुद को उन चीजों के लिए तैयार कर सकेंगे, जिसे वो देख नहीं पा रहे हैं. इसकी मदद से सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी और डिलीवरी ड्रोन्स को बेहतर बनाया जा सकता है. यानी इस तरह रोबोट या ड्रोन यह अंदाजा लगा पाएंगे कि कॉर्नर से क्या ऑब्जेक्ट निकलकर उनके सामने आ सकता है. इस तरह एक्सीडेंट आदि के मामले टालने में इस सिस्टम के कारगर साबित होने की उम्मीद है.

क्या आप भी यह तरीका आजमा सकते हैं?

आप अपने स्मार्टफोन पर यह तरीका ट्राई नहीं कर सकते हैं. इसके लिए कंपनियों को रॉ डेटा रिलीज करना पड़ेगा, जो किया नहीं जाता है. हालांकि, रिसर्चर ने अपने कोडिंग डेटा को पब्लिक किया है. अपने आईफोन को इसके लिए तैयार करने पर करीब 5,000 रुपये के सेंसर हार्डवेयर की जरूरत पड़ती है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։