दुनियाभर में स्मार्टफोन बनाने वाली दिग्गज कंपनी एप्पल एक बहुत बड़ा बदलाव करने जा रही है. पिछले 20 साल में आईफोन के इतिहास का यह सबसे बड़ा डिजाइन चेंज माना जा रहा है. एप्पल अपना पहला फोल्डेबल यानी मुड़ने वाला आईफोन लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है. इस फोन को बनाने के पीछे कंपनी की 10 साल की लंबी रिसर्च और कड़ी मेहनत छिपी है. इस बेहद महंगे और आधुनिक फोन को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं.
टिम कुक को एशिया दौरे पर मिला था आइडिया
साल 2020 में एप्पल के तत्कालीन सीईओ टिम कुक ने एशिया खासकर चीन का दौरा किया था. वहां उन्होंने देखा कि सैमसंग और हुवावे जैसी कंपनियों के फोल्डेबल फोन काफी पसंद किए जा रहे हैं. टिम कुक वहीं से तय करके लौटे कि एप्पल को भी इस रेस शामिल होना होगा. हालांकि, 2019 में सैमसंग का पहला फोल्डेबल फोन आने से पहले ही एप्पल की सीक्रेट टीमें इस तकनीक पर काम कर रही थीं, लेकिन टिम कुक के आने के बाद इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम होने लगा.
कितनी होगी कीमत?
एप्पल ने अंदरूनी तौर पर इस फोल्डेबल फोन को V68 कोडनेम दिया है, और कुछ लोग इसे आईफोन अल्ट्रा भी कह रहे हैं. कीमत के मामले में यह फोन हर रिकॉर्ड तोड़ने वाला है. कंपनी ने शुरुआत में इसकी कीमत 1,999 डॉलर रखने का लक्ष्य बनाया था. हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह करीब 2,199 डॉलर लगभग 1.84 लाख रुपये से ज्यादा से शुरू हो सकता है. साथ ही, बाजार में चल रही मेमोरी की कमी के कारण इसके बड़े स्टोरेज वाले मॉडल्स की कीमत 3,000 डॉलर करीब 2.50 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.
कैसा होगा इस फोन का डिजाइन?
यह फोन साइज के मामले में काफी अनोखा है. बंद होने पर यह किसी पासपोर्ट के आकार का दिखेगा, और खुलने पर एप्पल के मैजिक ट्रैकपैड जैसा नजर आएगा. इसमें 7.8 इंच की बड़ी स्क्रीन मिलेगी, जो वीडियो देखने और एक साथ कई काम करने के लिए बेहतरीन होगी. साथ ही, फोन के बंद रहने पर बाहर 5.5 इंच की छोटी स्क्रीन होगी, जिससे इसे हाथ में पकड़ना और जेब में रखना आसान होगा.
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एप्पल के सामने थीं तीन बड़ी चुनौतियां
स्क्रीन की लकीर को छिपाना- फोल्डेबल फोन में जहां से स्क्रीन मुड़ती है, वहां एक लाइन दिखने लगती है. एप्पल ने कोर्निग कंपनी के साथ मिलकर एक खास लचीला ग्लास और टाइटेनियम-एल्यूमीनियम का हिंज बनाया है, जिससे मुड़ने वाली जगह पर लकीर न के बराबर दिखेगी.
सॉफ्टवेयर को बेहतर बनाना- एंड्रॉयड के मुकाबले ऐप्पल ने अपने iOS सॉफ्टवेयर और ऐप्स को इस तरह अपडेट किया है कि वे बड़ी स्क्रीन पर बिना किसी रुकावट के बहुत स्मूथ काम कर सकें.
कमजोर कैमरा और बैटरी लाइफ- फोन को पतला और मुड़ने योग्य बनाने के चक्कर में इसकी बैटरी लाइफ और कैमरा सिस्टम आम आईफोन जैसे iPhone 18 Pro के मुकाबले थोड़ा कमजोर हो सकता है.
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