Տեխնիկական նորություններ

स्क्रीन देखते ही जलती हैं आंखें? फोन और लैपटॉप की ये 2 छुपी सेटिंग्स मिनटों में देंगी राहत

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 22, 2026
2 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now


  • 20-20-20 नियम अपनाएं, डॉक्टर से मिलें

Tech Tips: आज के समय में मोबाइल और लैपटॉप हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई, सोशल मीडिया या फिर देर रात तक वेब सीरीज देखना स्क्रीन से दूरी लगभग नामुमकिन हो गई है. लेकिन लगातार स्क्रीन देखने का असर सबसे पहले हमारी आंखों पर पड़ता है. कई लोगों को आंखों में जलन, पानी आना, सिरदर्द और धुंधला दिखने जैसी समस्याएं होने लगती हैं.

अच्छी बात यह है कि आपके फोन और लैपटॉप में पहले से ही ऐसी कुछ सेटिंग्स मौजूद होती हैं जो आंखों पर पड़ने वाले दबाव को काफी हद तक कम कर सकती हैं. हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर लोग इनके बारे में जानते ही नहीं हैं.

ब्लू लाइट फिल्टर या नाइट मोड करें ऑन

फोन और लैपटॉप स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. यही वजह है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद आंखों में जलन और थकान महसूस होने लगती है. इस समस्या से राहत पाने के लिए आप अपने डिवाइस में मौजूद ब्लू लाइट फिल्टर, नाइट लाइट या आई कम्फर्ट मोड जैसी सेटिंग्स को ऑन कर सकते हैं. यह फीचर स्क्रीन की तेज नीली रोशनी को कम करके उसे हल्का गर्म रंग देता है जिससे आंखों पर दबाव कम पड़ता है.

एंड्रॉयड फोन में यह सेटिंग अक्सर Display सेक्शन में मिल जाती है जबकि Windows लैपटॉप में Night Light नाम से उपलब्ध होती है. इसे शाम के समय ऑटोमैटिक ऑन होने के लिए भी सेट किया जा सकता है.

स्क्रीन ब्राइटनेस को ऑटो मोड पर रखें

कई लोग दिन और रात दोनों समय एक जैसी ब्राइटनेस पर फोन इस्तेमाल करते रहते हैं. यही आदत आंखों में जलन और दर्द की बड़ी वजह बन सकती है. अगर स्क्रीन जरूरत से ज्यादा तेज होगी तो आंखों को लगातार एडजस्ट करना पड़ता है जिससे थकान बढ़ती है. वहीं बहुत कम ब्राइटनेस भी आंखों पर असर डाल सकती है. इसलिए सबसे बेहतर तरीका है कि Adaptive Brightness या Auto Brightness फीचर को ऑन रखा जाए.

यह सेटिंग आसपास की रोशनी के हिसाब से स्क्रीन की चमक अपने आप कम या ज्यादा कर देती है. इससे आंखों को आराम मिलता है और बैटरी की भी बचत होती है.

सिर्फ सेटिंग्स नहीं ये आदतें भी जरूरी

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए केवल सेटिंग्स बदलना ही काफी नहीं है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हर 20 मिनट बाद कम से कम 20 सेकंड के लिए स्क्रीन से नजर हटाकर दूर देखें. इसे 20-20-20 नियम कहा जाता है.

इसके अलावा अंधेरे कमरे में फोन इस्तेमाल करने से बचें और स्क्रीन को आंखों से बहुत करीब न रखें. अगर लगातार जलन या दर्द बना रहता है तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

छोटी सेटिंग्स, बड़ा आराम

अक्सर लोग आंखों की परेशानी को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि फोन और लैपटॉप की छोटी-छोटी सेटिंग्स बड़ा फर्क ला सकती हैं. अगर आप भी लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करते हैं तो आज ही इन दो फीचर्स को ऑन करें. इससे आपकी आंखों को राहत मिलेगी और स्क्रीन टाइम भी पहले से ज्यादा आरामदायक महसूस होगा.

यह भी पढ़ें:

आपका बच्चा Snapchat पर कितना Safe है? तुरंत बदलें ये 5 Settings, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान



Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։