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AI से सबसे ज्यादा खतरे में महिलाओं की नौकरियां? नई Study में हुआ बड़ा खुलासा, वजह जानकर चौंक जाएंगे

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 13, 2026
2 min read 1.2k views
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  • AI इस्तेमाल पर महिलाओं को अधिक कठोरता से परखा जाता है।

Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब दुनिया भर के ऑफिस और कंपनियों का अहम हिस्सा बनता जा रहा है. ग्राहक सेवा से लेकर कंटेंट राइटिंग, कोडिंग, डेटा एनालिसिस और शेड्यूलिंग जैसे कई काम अब AI टूल्स की मदद से तेजी से किए जा रहे हैं. कंपनियां भी लागत कम करने और काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए AI पर भारी निवेश कर रही हैं.

लेकिन इसी बीच एक नई स्टडी ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक AI का असर सभी कर्मचारियों पर समान नहीं पड़ सकता. खासकर महिलाओं की नौकरियां पुरुषों की तुलना में ज्यादा जोखिम में आ सकती हैं.

किन नौकरियों पर सबसे ज्यादा खतरा?

अमेरिका की संस्था National Partnership for Women & Families की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं का बड़ा हिस्सा उन नौकरियों में काम करता है जिन्हें AI आसानी से ऑटोमेट कर सकता है. रिपोर्ट में बताया गया कि महिलाएं अमेरिकी वर्कफोर्स का लगभग 47 प्रतिशत हिस्सा हैं लेकिन AI से सबसे ज्यादा प्रभावित मानी जा रही 15 नौकरियों में करीब 83 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएं हैं.

इनमें सेक्रेटरी, ऑफिस क्लर्क, रिसेप्शनिस्ट और इंश्योरेंस एजेंट जैसी नौकरियां शामिल हैं. इन कामों में अक्सर दोहराए जाने वाले प्रशासनिक कार्य होते हैं जिन्हें अब जनरेटिव AI काफी तेजी और कम लागत में कर सकता है.

क्यों बढ़ रही है चिंता?

स्टडी के मुताबिक जिन क्षेत्रों में महिलाएं बड़ी संख्या में काम करती हैं, वहां AI के कारण नौकरी में बदलाव का खतरा ज्यादा है. दूसरी तरफ, कई कर्मचारियों के पास नई स्किल सीखने या टेक्नोलॉजी के अनुसार खुद को तेजी से ढालने के संसाधन भी सीमित हो सकते हैं.

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नर्सिंग, चाइल्ड केयर और होम हेल्थकेयर जैसे क्षेत्र अभी पूरी तरह AI से प्रभावित नहीं होंगे. इसकी वजह यह है कि इन कामों में भावनात्मक समझ और मानवीय देखभाल की जरूरत होती है जिसे मशीनें पूरी तरह नहीं बदल सकतीं. फिर भी इन सेक्टर्स में AI आधारित मॉनिटरिंग और निगरानी सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ रहा है.

AI सिस्टम में भी हो सकता है Gender Bias

रिपोर्ट ने एक और गंभीर मुद्दे की तरफ ध्यान दिलाया है. अध्ययन के अनुसार AI सिस्टम खुद भी लैंगिक पक्षपात यानी Gender Bias से प्रभावित हो सकते हैं. बताया गया कि AI डेवलपमेंट और लीडरशिप रोल्स में महिलाओं की भागीदारी अभी भी कम है. इसका असर इस बात पर पड़ सकता है कि AI टूल्स को कैसे डिजाइन किया जा रहा है और उन्हें कार्यस्थलों पर कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है.

एक उदाहरण में AI से पुरुष और महिला नामों वाले रिज्यूमे तैयार कराए गए. बाद में जब उनका मूल्यांकन किया गया तो पुरुष उम्मीदवारों को बेहतर रेटिंग मिलने की बात सामने आई. इससे यह चिंता बढ़ गई कि AI सिस्टम अनजाने में पुराने सामाजिक पूर्वाग्रहों को आगे बढ़ा सकते हैं.

AI इस्तेमाल करने पर महिलाओं को ज्यादा जज किया जाता है?

स्टडी में यह भी सामने आया कि पेशेवर काम में AI टूल्स इस्तेमाल करने पर महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा कठोर तरीके से आंका जा सकता है. एक एक्सपेरिमेंट में प्रतिभागियों को समान काम दिखाया गया लेकिन कुछ को AI-assisted और कुछ को non-AI-assisted बताया गया. जब लोगों को लगा कि किसी महिला ने AI की मदद ली है तो उसकी क्षमता को ज्यादा नकारात्मक रूप से देखा गया.

Deepfake और Online Abuse का भी बढ़ रहा खतरा

रिपोर्ट में महिलाओं को निशाना बनाने वाले AI आधारित Deepfake और नकली कंटेंट को लेकर भी चिंता जताई गई है. AI के जरिए फोटो, वीडियो और आवाज बदलकर गलत जानकारी फैलाना अब पहले से आसान होता जा रहा है. हालांकि यह स्टडी मुख्य रूप से अमेरिकी वर्कफोर्स पर आधारित है लेकिन AI के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इसके असर दुनिया के दूसरे देशों में भी दिखाई दे सकते हैं.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։