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Password और Passkey में क्या होता है अंतर, जानिए दोनों में से कौन है ज्यादा सुरक्षित?

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On April 28, 2026
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Password Vs Passkey: डिजिटल दौर में हमारी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो चुका है. बैंकिंग से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह लॉगिन के लिए पासवर्ड की जरूरत पड़ती है. लेकिन बार-बार पासवर्ड याद रखना, उन्हें सुरक्षित रखना और हैकिंग से बचाना आसान काम नहीं है. इसी समस्या का हल बनकर सामने आया है नया सिस्टम Passkeys.

क्या होते हैं पासकी?

Passkeys एक ऐसा लॉगिन तरीका है जिसमें आपको पासवर्ड टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ती. यह टेक्नोलॉजी आपके डिवाइस पर मौजूद बायोमेट्रिक डेटा जैसे फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक या पिन के जरिए आपकी पहचान को वेरिफाई करती है. यानी अब पासवर्ड याद रखने का झंझट खत्म होने वाला है.

कैसे काम करता है यह सिस्टम?

पासकी असल में Public-key cryptography पर आधारित होता है. इसमें दो तरह की “की” बनती हैं एक पब्लिक और एक प्राइवेट. पब्लिक की सर्वर पर सेव रहती है जबकि प्राइवेट की आपके डिवाइस में सुरक्षित रहती है और कभी बाहर नहीं जाती. जब आप लॉगिन करते हैं तो आपका डिवाइस प्राइवेट की के जरिए आपकी पहचान कन्फर्म करता है. इससे हैकर्स के लिए आपके अकाउंट तक पहुंच बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है.

पासवर्ड से ज्यादा सुरक्षित क्यों?

पासवर्ड अक्सर कमजोर, रिपीटेड या लीक हो जाते हैं जिससे हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है. वहीं पासकी में न तो कोई पासवर्ड होता है और न ही उसे चोरी किया जा सकता है. यह सिस्टम Phishing attack से भी काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यूजर किसी नकली वेबसाइट पर अपना पासवर्ड डाल ही नहीं रहा होता. इसके अलावा, हर लॉगिन के लिए अलग क्रिप्टोग्राफिक सिग्नेचर बनता है जिससे सिक्योरिटी और मजबूत हो जाती है.

किन कंपनियों ने अपनाया?

आज कई बड़ी टेक कंपनियां इस नई तकनीक को अपनाने लगी हैं. Google, Apple और Microsoft जैसे दिग्गज अपने प्लेटफॉर्म्स पर पासकी सपोर्ट दे रहे हैं. आने वाले समय में यह तरीका और ज्यादा आम हो सकता है. हालांकि पासकी को काफी सुरक्षित माना जा रहा है लेकिन इसके कुछ चैलेंज भी हैं. अगर आपका डिवाइस खो जाए या खराब हो जाए तो अकाउंट एक्सेस करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

हालांकि, कंपनियां इसके लिए बैकअप ऑप्शन और क्लाउड सिंक जैसे फीचर्स भी दे रही हैं. पासकी टेक्नोलॉजी डिजिटल सिक्योरिटी में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. यह न सिर्फ लॉगिन को आसान बनाती है बल्कि हैकिंग के खतरे को भी काफी हद तक कम कर देती है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։