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Web Cookies कितने समय तक रहती हैं? जानें लॉगआउट के बाद भी क्यों बना रहता है खतरा

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On September 7, 2026
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आज के समय में इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए हम लगभग हर वेबसाइट पर लॉगिन करते हैं. बैंकिंग से लेकर सोशल मीडिया और शॉपिंग वेबसाइट तक, कई सर्विसेज हमें पहचानने के लिए Web Cookies का इस्तेमाल करती हैं. नॉर्मली लगता है कि किसी वेबसाइट से लॉगआउट करते ही अकाउंट पूरी तरह सुरक्षित हो गया है लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है. कुछ Cookies लंबे समय तक आपके ब्राउजर में मौजूद रहते हैं और यही बात प्राइवेसी व सिक्योरिटी के लिए चिंता बढ़ाती है.

क्या होती हैं Web Cookies?

जानकारी के अनुसार, Web Cookies छोटी-छोटी डेटा फाइलें होती हैं जिन्हें वेबसाइट आपके ब्राउजर में सेव करती हैं. इनका इस्तेमाल वेबसाइट को आपकी पहचान याद रखने, आपकी पसंद सेव करने, शॉपिंग कार्ट बनाए रखने और लॉगिन सेशन को मैनेज करने के लिए किया जाता है.

हर Cookie एक जैसी नहीं होती. कुछ Cookies ब्राउजर बंद करते ही हट जाती हैं जबकि कुछ को एक समय तक स्टोर किया जाता है. इन्हें आमतौर पर Persistent Cookies कहा जाता है.

सालों तक कैसे रह सकती हैं Cookies?

आपको बता दें कि किसी Cookie की लाइफ इस बात पर निर्भर करती है कि वेबसाइट ने उसे कितने समय के लिए सेट किया है. अगर उसकी Expiration Date काफी आगे की रखी गई है तो वह लंबे समय तक ब्राउजर में मौजूद रहती है.

लेकिन कई वेबसाइटें सुरक्षा के लिए पुराने Session या Authentication Cookies को समय-समय पर खत्म कर देती हैं. फिर भी लंबे समय तक रहने वाली पहचान या ट्रैकिंग Cookies आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी और प्राइवेसी से जुड़ी जानकारी के लिए जरूरी होती हैं.

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सिर्फ Logout करना हमेशा काफी क्यों नहीं?

जब आप किसी वेबसाइट से लॉगआउट करते हैं तो नॉर्मली वेबसाइट आपके मौजूदा लॉगिन सेशन को खत्म कर देती है. लेकिन इसका मतलब ये जरूरी नहीं कि ब्राउजर में मौजूद हर Cookie तुरंत डिलीट हो जाए. कुछ Cookies केवल वेबसाइट को आपकी पसंद या पहचान याद रखने के लिए होती हैं. वहीं अगर किसी हमलावर के हाथ कोई वैध Authentication Token लग जाए और वह अभी भी एक्टिव हो तो स्थिति गंभीर हो सकती है. हालांकि सुरक्षित वेबसाइटें ऐसे जोखिम को कम करने के लिए Logout के समय Session Token को सर्वर पर खत्म कर देती हैं.

असली खतरा कब बढ़ता है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब आपके डिवाइस या ब्राउजर तक किसी दूसरे व्यक्ति की पहुंच हो या कोई सॉफ्टवेयर आपके ब्राउजर डेटा तक पहुंच जाए. खास तौर पर पब्लिक या शेयर्ड कंप्यूटर पर लॉगिन करना खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे डिवाइस पर ब्राउजर में सेव Cookies और दूसरे डेटा आपकी प्राइवेसी को प्रभावित कर सकते हैं.

खुद को कैसे रखें सुरक्षित?

सुरक्षा के लिए समय-समय पर ब्राउजर की Cookies और Site Data साफ करें. संवेदनशील वेबसाइटों पर काम करने के बाद Logout जरूर करें और पब्लिक कंप्यूटर पर अपने पासवर्ड सेव न करें. ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखना भी जरूरी है. इसके अलावा Two-Factor Authentication (2FA) या Passkeys जैसे सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल करें. अगर किसी अकाउंट में Log out of all devices या Sign out everywhere ऑप्शन उपलब्ध है तो कुछ कंडिशन में उसका इस्तेमाल करना चाहिए.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։