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YouTube, TikTok और Snapchat पर बड़ा आरोप! इस तरह बर्बाद कर रहीं बच्चों का भविष्य

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 20, 2026
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  • लत लगाने वाले डिज़ाइन से स्कूलों पर बढ़ा आर्थिक बोझ.

Social Media Apps: अमेरिका में एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कानूनी विवादों में घिर गए हैं. इस बार मामला उन आरोपों से जुड़ा है जिनमें कहा गया कि कुछ लोकप्रिय ऐप्स की लत लगाने वाली डिजाइन ने छात्रों की मानसिक स्थिति और पढ़ाई पर बुरा असर डाला. साथ ही स्कूलों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ाया. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, Snap Inc., YouTube और TikTok ने केंटकी के एक स्कूल डिस्ट्रिक्ट द्वारा दायर बड़े मुकदमे को आपसी समझौते से खत्म कर दिया है. हालांकि समझौते की शर्तों को सार्वजनिक नहीं किया गया है.

यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह उन शुरुआती बड़े मुकदमों में शामिल है जिनमें सोशल मीडिया की लत को सीधे तौर पर स्कूलों में बढ़ती मानसिक समस्याओं और अतिरिक्त खर्चों से जोड़ा गया.

क्यों दायर किया गया था मुकदमा?

यह मुकदमा अमेरिका के केंटकी स्थित Breathitt County School District ने दायर किया था. स्कूल प्रशासन का आरोप था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म छात्रों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है और स्कूलों को काउंसलिंग, व्यवहार सुधार कार्यक्रमों और निगरानी सिस्टम पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है.

शिकायत में कहा गया कि इन ऐप्स में इस्तेमाल होने वाले अनंत स्क्रॉलिंग फीचर, एल्गोरिदम आधारित सुझाव और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन छात्रों को लंबे समय तक स्क्रीन से जोड़े रखते हैं. अधिकारियों का मानना है कि ये फीचर्स युवाओं में अस्वस्थ डिजिटल आदतें पैदा कर रहे हैं.

हालांकि सोशल मीडिया कंपनियां हमेशा यह तर्क देती रही हैं कि उनके प्लेटफॉर्म लोगों को संवाद और क्रिएटिविटी के अवसर देते हैं लेकिन आलोचकों का कहना है कि कई फीचर्स जानबूझकर इस तरह बनाए जाते हैं ताकि यूजर्स, खासकर युवा, ज्यादा समय तक ऐप्स पर बने रहें.

Meta अब भी कानूनी लड़ाई में

जहां Snap Inc., TikTok और YouTube ने समझौता कर लिया है, वहीं Meta Platforms ने अभी तक ऐसा नहीं किया है. अब Meta को इसी मामले में अदालत का सामना करना पड़ सकता है. ब्लूमबर्ग के अनुसार, इस केस को अमेरिका में चल रहे 1,000 से ज्यादा समान मुकदमों के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है. यानी इस मामले का नतीजा यह तय कर सकता है कि भविष्य में दूसरी कंपनियां कोर्ट में लड़ाई लड़ेंगी या समझौते का रास्ता चुनेंगी.

पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप

यह पहली बार नहीं है जब सोशल मीडिया कंपनियों पर लत लगाने वाले व्यवहार को बढ़ावा देने के आरोप लगे हों. इससे पहले भी Snap Inc. और TikTok एक दूसरे मामले में समझौता कर चुके हैं. उस केस में 19 वर्षीय युवक ने दावा किया था कि सोशल मीडिया की लत ने उसकी जिंदगी पर गंभीर असर डाला.

उस समय Google और Meta Platforms ने समझौता नहीं किया था और मामला अदालत तक पहुंचा. बाद में जूरी ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उसे 60 लाख डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։