दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों को हटाकर उनकी जगह नए और कम प्रदूषण वाले वाहनों को बढ़ावा देने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. दिल्ली सरकार ने केंद्र की ‘परिवर्तन’ योजना को राजधानी में लागू करने की मंजूरी दे दी है. इसके तहत दिल्ली में करीब 78 हजार पुराने BS-3 और BS-4 कमर्शियल वाहनों को बदलने के लिए वाहन मालिकों को कई तरह के आर्थिक फायदे दिए जाएंगे.
पूरे दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिक इस योजना से लाभ उठा सकते हैं. खास बात ये है कि वाहन बदलना फिलहाल अनिवार्य नहीं बल्कि स्वैच्छिक रहेगा. पात्र पुराने वाहन को स्क्रैप कर नया BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर टैक्स, रजिस्ट्रेशन फीस, लोन ब्याज और वाहन निर्माता की ओर से छूट जैसे कई फायदे मिलेंगे.
10 साल तक 100% मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ
योजना का सबसे बड़ा आकर्षण पुराने वाहन को स्क्रैप कर नया पात्र वाहन खरीदने पर मिलने वाली टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस की छूट है. पात्र वाहन को अधिकृत स्क्रैप सेंटर में जमा कर नया वाहन खरीदने पर वाहन मालिक को 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स और 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट मिलेगी.
इसके अलावा नए वाहन की खरीद के लिए लिए गए लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाएगी. योजना में शामिल वाहन निर्माता यानी OEM की ओर से 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त डिस्काउंट भी मिलेगा. इसके साथ पात्र वाहन मालिकों को फ्यूल वाउचर या उसके रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त आर्थिक लाभ दिया जाएगा.
BS-6 डीजल और CNG वाहनों पर फ्यूल वाउचर
योजना के तहत BS-6 डीजल और CNG वाहनों को खरीदने वालों को भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा. ऐसे पात्र वाहनों के लिए 5 साल तक हर महीने 1,200 रुपये से 4,800 रुपये तक का फ्यूल वाउचर दिया जाएगा. यानी वाहन की कैटेगरी के हिसाब से वाहन मालिक को लंबे समय तक ईंधन खर्च में राहत मिल सकेगी.
इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर ज्यादा फायदा
दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इस योजना में EV खरीदारों को खास प्रोत्साहन दे रही है. अगर कोई वाहन मालिक अपना BS-IV या उससे पुराना लाइट गुड्स व्हीकल (LGV) स्क्रैप करके नया इलेक्ट्रिक LGV खरीदता है तो उसे 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट मिलेगी.
इसके साथ व्हीकल लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और OEM की ओर से 8 प्रतिशत तक डिस्काउंट मिलेगा. इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर 64 हजार रुपये से लेकर 2.56 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद भी मिल सकती है. अगर कोई वाहन मालिक नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बजाय पुराना इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे 10 वर्षों तक 50 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स में छूट मिलेगी. इसके साथ 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और फ्यूल वाउचर के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा.
बड़े ट्रक और मालवाहक वाहन भी योजना में शामिल
योजना सिर्फ छोटे कमर्शियल वाहनों तक सीमित नहीं है. BS-IV या उससे पुराने मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों (MGV/HGV) को भी इसके तहत बदला जा सकेगा. अगर पुराना वाहन स्क्रैप कर नया BS-VI या उससे बेहतर उत्सर्जन मानकों वाला मालवाहक वाहन खरीदा जाता है तो वाहन मालिक को 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट मिलेगी. इसके साथ 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, 8 प्रतिशत तक OEM डिस्काउंट और फ्यूल वाउचर का लाभ भी दिया जाएगा.
वहीं, अगर कोई वाहन मालिक नया वाहन लेने के बजाय पुराना BS-VI या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदता है तो उसे 10 वर्षों तक 50 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स में छूट, 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और फ्यूल वाउचर के बराबर एकमुश्त लाभ मिलेगा.
पुरानी बसों को सिर्फ CNG या इलेक्ट्रिक बस से बदला जा सकेगा
परिवर्तन योजना में BS-IV और उससे पुरानी बसों को भी शामिल किया गया है. इन पुरानी बसों को बदलने के लिए नई बस के रूप में केवल BS-VI CNG या इलेक्ट्रिक बसों को ही अनुमति दी जाएगी.
बस मालिकों को भी अन्य पात्र कमर्शियल वाहनों की तरह मोटर व्हीकल टैक्स में छूट, रजिस्ट्रेशन फीस में राहत, लोन पर ब्याज सब्सिडी, OEM डिस्काउंट और फ्यूल वाउचर का लाभ मिलेगा. इसका मकसद पुराने डीजल वाहनों की जगह ज्यादा स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है.
पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर बकाया टैक्स और पेनल्टी में राहत
सरकार ने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बकाया राशि को लेकर भी राहत का प्रावधान किया है. योजना के तहत स्क्रैप किए जाने वाले पात्र वाहनों पर एक साल से ज्यादा समय से लंबित रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में भी राहत दी जाएगी.
इसके अलावा BS-IV वाहनों को हर परिस्थिति में स्क्रैप कराना जरूरी नहीं होगा. ऐसे वाहनों को NCR से बाहर के नॉन-NCAP शहरों में बेचा जा सकेगा. यानी वे शहर जो नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) की सूची में शामिल नहीं हैं, वहां इन वाहनों की बिक्री की जा सकती है.
दिल्ली में नए LGV सिर्फ इलेक्ट्रिक होंगे
दिल्ली सरकार ने स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नए वाहनों को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं. योजना के तहत दिल्ली में खरीदे जाने वाले नए LGV केवल इलेक्ट्रिक होंगे.
इसी तरह नई बसों के लिए केवल BS-VI CNG या इलेक्ट्रिक बसों को ही अनुमति दी जाएगी. इसका उद्देश्य दिल्ली की सड़कों पर पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों की जगह कम उत्सर्जन वाले वाहन लाना है.
प्रदूषण पर AI कैमरों से नजर
पुराने वाहनों को बदलने के साथ ही दिल्ली सरकार धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी निगरानी बढ़ा रही है. जुलाई में शुरू किए गए प्रदूषण निगरानी पोर्टल के जरिए AI से लैस कैमरों की मदद से करीब 2,000 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहां धूल प्रदूषण रोकने से जुड़े नियमों का पालन नहीं हो रहा था.
जिला स्तर के अधिकारियों को ट्रैफिक जाम और प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट की पहचान करने और स्थानीय स्तर पर उनके समाधान तलाशने के निर्देश दिए गए हैं. सभी जिलों को सितंबर के अंत तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है.
1 नवंबर से GRAP से अलग भी सख्त कार्रवाई
दिल्ली सरकार के मुताबिक 1 नवंबर से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 5 के तहत सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू किए जाएंगे. खास बात यह है कि इन उपायों को GRAP के स्तर की परवाह किए बिना लागू किया जाएगा. यानी प्रदूषण की स्थिति GRAP के किसी भी स्तर पर हो, सरकार अपने स्तर पर अतिरिक्त सख्त कदम उठा सकेगी.
CM रेखा गुप्ता ने बताया अहम कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘परिवर्तन’ योजना को दिल्ली-एनसीआर में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों को हटाने की दिशा में अहम कदम बताया है. उनके मुताबिक योजना से पुराने वाहनों को हटाकर स्वच्छ और आधुनिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा. इससे कमर्शियल व्हीकल फ्लीट का आधुनिकीकरण होगा और परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी.
डिजिटल पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया
योजना की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के डिजिटल पोर्टल के जरिए संचालित की जाएगी. इससे वाहन मालिकों के लिए आवेदन करने, पुराने वाहन को स्क्रैप कराने और नया वाहन खरीदने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी.
कुल मिलाकर, ‘परिवर्तन’ योजना के जरिए दिल्ली सरकार पुराने कमर्शियल वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक, CNG और नए एमीशन स्टैंडर्ड वाले वाहनों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है. टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 10 साल तक की छूट, लोन पर ब्याज सब्सिडी, OEM डिस्काउंट, फ्यूल वाउचर और EV खरीद पर अतिरिक्त आर्थिक मदद जैसे प्रोत्साहन इस योजना को वाहन मालिकों के लिए आकर्षक बनाने की कोशिश हैं. हालांकि, फिलहाल वाहन बदलना स्वैच्छिक रखा गया है.