Kia Sorento vs Toyota Fortuner: इंडियन कार मार्केट के प्रीमियम फुल-साइज़ SUV सेगमेंट में Fortuner का लंबे समय से दबदबा रहा है. अब इसे टक्कर देने के लिए Sorento ने एंट्री मारी है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत डीज़ल इंजन के साथ 27.99 लाख और हाइब्रिड के लिए 29.49 लाख रुपये से शुरू होती है टॉप वेरिएंट 40.39 लाख रुपये तक जाता है. वहीं, टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमत लगभग 34.76 लाख रुपये (पेट्रोल बेस) से शुरू होकर टॉप 4×4 जीआर-एस वेरिएंट में 50.46 लाख रुपये तक पहुंचती है.
सोरेंटो कीमत में साफ तौर पर सस्ती है और फीचर्स-सेफ्टी में मॉडर्न अप्रोच लेकर आई है, जबकि फॉर्च्यूनर अपनी बॉडी-ऑन-फ्रेम मजबूती, ऑफ-रोड क्षमता और मजबूत रिसेल वैल्यू के लिए जानी जाती है. दोनों सेवन-सीटर विकल्प में आती हैं. हालांकि, सोरेंटो में 6-सीटर ऑप्शन भी है. कुछ मामलों में दोनों के फोकस अलग-अलग हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि दोनों में क्या अंतर हैं और आपके लिए कौन सी SUV ज्यादा बेहतर हो सकती है?
डिज़ाइन और डायमेंशन
सोरेंटो मॉडर्न और शार्प लुक के साथ आती है. इसकी लंबाई 4,815 मिमी, चौड़ाई 1,900 मिमी और व्हीलबेस 2,815 मिमी है, जो फॉर्च्यूनर (4,795 मिमी लंबा, 1,855 मिमी चौड़ा, 2,745 मिमी व्हीलबेस) से थोड़ी बड़ी और चौड़ी है. ऊंचाई में फॉर्च्यूनर (लगभग 1,835 मिमी) आगे है, जिससे उसका रोड प्रेजेंस ज्यादा कमांडिंग लगता है. सोरेंटो में टाइगर-नोज़ ग्रिल, वर्टिकल एलईडी DRLs, आइस-क्यूब हेडलैम्प्स और 19-इंच अलॉय व्हील्स हैं. फॉर्च्यूनर का डिज़ाइन समय के साथ थोड़ा अपडेटेड हुआ है, लेकिन अभी भी पारंपरिक बॉक्सी और टफ लुक है. सोरेंटो शहर में ज्यादा आकर्षक और प्रीमियम दिखती है, जबकि फॉर्च्यूनर ऑफ-रोड और हाईवे पर अपनी मजबूत प्रजेंस दिखाती है.
केबिन और कम्फर्ट
सोरेंटो का केबिन साफ तौर पर ज्यादा मॉडर्न और फीचर-लोडेड है. डुअल 12.3-इंच कर्व्ड स्क्रीन (इंफोटेनमेंट + डिजिटल क्लस्टर), बोस 12-स्पीकर साउंड सिस्टम, वेंटिलेटेड फ्रंट और सेकंड-रो सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ, पावर्ड टेलगेट, डिजिटल IRVM और एआई असिस्टेंट जैसे फीचर्स उपलब्ध हैं. सिक्स-सीटर ऑप्शन में कैप्टन सीट्स मिलती हैं, जो आराम बढ़ाती हैं. व्हीलबेस ज्यादा होने से थर्ड रो भी अपेक्षाकृत बेहतर है.
फॉर्च्यूनर का इंटीरियर टिकाऊ और स्पेसियस है, लेकिन ये टेक्नोलॉजी में पीछे है. आमतौर पर 8-इंच टचस्क्रीन, बेसिक इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स इसके हाइयर वेरिएंट में मिलते हैं. सेकंड रो स्लाइड-रिक्लाइन करती है, लेकिन वेंटिलेशन नहीं है. फॉर्च्यूनर का बूट और ओवरऑल यूटिलिटी मजबूत है, लेकिन सोरेंटो प्रीमियम फील और कम्फर्ट में आगे है.
फीचर्स और सेफ्टी
सोरेंटो फीचर्स की भरमार देता है. ओटीए अपडेट्स, डिजिटल की, वायरलेस चार्जर, 360-डिग्री कैमरा, रिमोट पार्किंग असिस्ट, हेड-अप डिस्प्ले और मल्टिपल ड्राइव/ट्रेन मोड्स (स्नो, सैंड, मड सहित) इसे खास बनाते हैं. हाइब्रिड और डीजल दोनों में एडब्ल्यूडी ऑप्शन उपलब्ध है. फॉर्च्यूनर में बेसिक लेकिन विश्वसनीय फीचर्स हैं. इसे क्रूज कंट्रोल, रियर कैमरा, पार्किंग सेंसर और हायर वेरिएंट में कुछ एडवांस्ड ऑप्शन्स के साथ खरीदा जा सकता है. कुल मिलाकर सोरेंटो टेक्नोलॉजी और कन्वीनियंस में एक-दो पीढ़ी आगे लगता है.
सेफ्टी में सोरेंटो क्लियर विनर है. इसमें 10 एयरबैग्स, लेवल 2+ एडास (लगभग 29-30 फीचर्स जैसे एडैप्टिव क्रूज, लेन कीप असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटर, ऑटो इमरजेंसी ब्रेकिंग, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट), 360-डिग्री कैमरा, टीपीएमएस और मल्टी-कोलिजन ब्रेकिंग मिलते हैं. फॉर्च्यूनर में 7 एयरबैग्स, वीएससी, हिल असिस्ट, ट्रैक्शन कंट्रोल और बुनियादी सेफ्टी किट है. एडास फॉर्च्यूनर में नहीं है. दोनों मजबूत स्ट्रक्चर वाली हैं, लेकिन सोरेंटो एक्टिव सेफ्टी में काफी आगे निकल जाती है.
इंजन और परफॉरमेंस
सोरेंटो दो इंजन ऑप्शन- 2.2-लीटर डीजल (लगभग 190-193 पीएस, 442 एनएम) 8-स्पीड डीसीटी के साथ और 1.6-लीटर टर्बो पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड (इंजन 180 पीएस + मोटर 65 पीएस, कुल मजबूत आउटपुट) 6-स्पीड एटी के साथ आती है. दोनों में एफडब्ल्यूडी/एडब्ल्यूडी और ट्रेन मोड्स हैं, लेकिन लो-रेंज ट्रांसफर केस नहीं है.
फॉर्च्यूनर में 2.7-लीटर पेट्रोल (लगभग 164-166 पीएस, 245 एनएम) और 2.8-लीटर डीजल (लगभग 201-204 पीएस, 500 एनएम तक) उपलब्ध हैं. इसे मैनुअल/ऑटोमैटिक और 4×2/4×4 के साथ खरीदा जा सकता है. डीजल में लो-रेंज और लॉकिंग डिफरेंशियल है, जो असली ऑफ-रोडिंग के लिए बेहतर है. टॉर्क में फॉर्च्यूनर आगे है, जबकि सोरेंटो हाइब्रिड ज्यादा स्मूथ, रिफाइंड और संभावित रूप से बेहतर माइलेज देगी. शहर और हाईवे पर सोरेंटो आरामदायक है. ऑफ-रोड और लंबी दूरी के भारी उपयोग में फॉर्च्यूनर मजबूत साबित होगी.
कौन बेहतर: अगर आप मॉडर्न फीचर्स, बेहतर सेफ्टी, प्रीमियम इंटीरियर और कीमत में बचत चाहते हैं, तो किआ सोरेंटो बेहतर विकल्प है. अगर रग्डनेस, असली 4×4 क्षमता, लंबी उम्र और रिसेल वैल्यू प्राथमिकता है, तो टोयोटा फॉर्च्यूनर अभी भी किंग है. बजट, यूज़-केस और टेस्ट ड्राइव के आधार पर फैसला करें. दोनों अपनी जगह मजबूत हैं.