जब मोबाइल एडिक्शन की बात होती है तो आमतौर पर बच्चों और युवाओं का जिक्र किया जाता है, लेकिन अब यह समस्या तेजी से बुजुर्गों में भी फैल रही है। हाल के वर्षों में देखा गया है कि 50 साल से अधिक उम्र के लोग भी स्मार्टफोन और डिजिटल डिवाइस पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने लगे हैं।
यह आदत धीरे-धीरे लत का रूप ले रही है, जिसका असर उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत दोनों पर पड़ रहा है।
पिछले 10 साल में तेजी से बढ़ा स्क्रीन टाइम
विशेषज्ञों के अनुसार, बीते एक दशक में बुजुर्गों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ा है।
- 50+ आयु वर्ग के लोग अब पहले की तुलना में अधिक समय स्मार्टफोन, टैबलेट और टीवी पर बिताते हैं
- 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव हो गए हैं
- कई बुजुर्ग देर रात तक मोबाइल चलाते हैं, जिससे उनकी नींद प्रभावित होती है
यह ट्रेंड बताता है कि डिजिटल दुनिया अब हर उम्र के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
सोशल मीडिया के साथ AI का भी बढ़ा इस्तेमाल
अब बुजुर्ग केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे AI चैटबॉट्स का भी इस्तेमाल करने लगे हैं।
- परिवार के साथ समय बिताने के दौरान भी मोबाइल उपयोग बढ़ गया है
- कई लोग चैटिंग और वर्चुअल इंटरैक्शन में ज्यादा व्यस्त रहते हैं
- डिजिटल डिवाइस का कुल उपयोग युवाओं से भी ज्यादा हो सकता है
यह बदलाव दर्शाता है कि टेक्नोलॉजी का प्रभाव अब हर पीढ़ी पर समान रूप से पड़ रहा है।