Petrol Pump Scam Complaint: पेट्रोल पंप पर ठगी से कैसे बचें? जानें शिकायत करने का तरीका


Last Updated:

क्या पेट्रोल पंप पर आपको पूरा ईंधन मिल रहा है या फिर आपकी जेब पर चुपचाप डाका डाला जा रहा है? मीटर में हेराफेरी, कम फ्यूल, नकली सॉफ्टवेयर और ओवरचार्जिंग जैसी चालें आज भी कई जगह देखने को मिलती हैं. अच्छी बात ये है कि कुछ आसान जांच और सावधानियों से आप खुद को इन धोखाधड़ियों से बचा सकते हैं. जानिए पेट्रोल पंप पर ठगी पकड़ने और शिकायत करने का पूरा तरीका.

ख़बरें फटाफट

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी! आपकी जेब पर डाका डाल रहे हैं पेट्रोल पंप?Zoom

Petrol Pump Scam Complaint: जानिए कैसे होती है धोखाधड़ी? (AI Image)

Petrol Pump Scam Complaint: आजकल पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऐसे में ये जरूरी है कि हम फ्यूल की क्वालिटी और क्वांटिटी का ध्यान रखें. दरअसल, कई पेट्रोल पंप मालिक और कर्मचारी ग्राहकों को धोखा देने के लिए ट्रिक्स अपनाते हैं. मीटर में हेराफेरी, कम ईंधन भरना, नकली सॉफ्टवेयर, ओवरचार्जिंग और कार्ड डेटा चोरी जैसी घटनाएं इस समय आम हो गई हैं. इन धोखाधड़ी से न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि वाहन के इंजन को भी नुकसान पहुंच सकता है.

हर रोज लाखों वाहन चालक पेट्रोल पंप पर जाते हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण वे आसानी से ठगे जाते हैं. सरकारी एजेंसियां समय-समय पर छापे मारती रहती हैं, फिर भी पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पाता. इसलिए हमें खुद सतर्क रहना जरूरी है. सही तरीके से जांच करके और कुछ सावधानियां बरतकर आप अपने पैसे और वाहन दोनों की सुरक्षा कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी से कैसे बचा जा सकता है.

मीटर और सील की जांच करें

पेट्रोल पंप पहुंचते ही सबसे पहले डिस्प्ले मीटर को ध्यान से देखें. सुनिश्चित करें कि मीटर जीरो पर सेट हो और कोई पिछला अमाउंट न दिख रहा हो. पंप पर पेट्रोलियम एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) की वैध सील लगी होनी चाहिए. अगर सील टूटी हुई या नकली लगे तो दूसरे पंप पर जाएं. कई पंपों पर सॉफ्टवेयर से मीटर को हेराफेरी की जाती है, इसलिए हमेशा नज़र रखें.

नोजल डालने से पहले और बाद में मात्रा चेक करें

नोजल टैंक में डालने से पहले और भरने के तुरंत बाद टैंक की मात्रा नोट करें. अगर आपका टैंक आधा भरा था और पंप वाले ने 500 रुपये का ईंधन बताया तो लगभग 5 लीटर बढ़ना चाहिए. कम बढ़े तो तुरंत शिकायत करें. कुछ पंप नोजल में स्पेशल डिवाइस लगाकर कम ईंधन देते हैं.

भुगतान में सावधानी बरतें

नकद भुगतान करते समय सही नोट दें और बदलाव गिनकर लें. कार्ड या UPI पेमेंट करते समय पंप ऑपरेटर को फोन या कार्ड अपने हाथ से न दें. स्वाइप मशीन पर नज़र रखें कि वह सही अमाउंट डाल रहा है. डिजिटल पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करें जहां ट्रांजेक्शन तुरंत दिख जाता है.

पंप की साफ-सफाई और स्टाफ के व्यवहार पर ध्यान दें

गंदे, अंधेरे या कम रोशनी वाले पंप से बचें. स्टाफ अगर जल्दबाजी में काम कर रहा हो या आपकी नज़र बचाने की कोशिश कर रहा हो तो सतर्क हो जाएं. अच्छे पंप पर हमेशा साफ बोर्ड, काम करने वाले प्रेशर गेज और सुपरवाइजर मौजूद होते हैं.

रसीद लें और बाद में वेरिफाई करें

हर बार डिजिटल या प्रिंटेड रसीद जरूर लें. उसमें पंप का नाम, तारीख, मात्रा, रेट और कुल अमाउंट साफ लिखा होना चाहिए. घर पहुंचकर रसीद और टैंक की कंडीशन दोबारा चेक करें. अगर शक हो तो संबंधित ऑयल कंपनी की हेल्पलाइन या कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराएं.

इन सरल टिप्स को अपनाकर आप पेट्रोल पंप पर होने वाली अधिकांश धोखाधड़ी से बच सकते हैं. याद रखें, आपका पैसा आपकी मेहनत की कमाई है. थोड़ी सी सावधानी आपको नुकसान से बचा सकती है.

About the Author

Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें





Source link