रायबरेली, उत्तर प्रदेश। सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद चंद्रशेखर रस्तोगी ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। हालांकि, उन्हें अभी वित्तीय अधिकार नहीं मिल सके हैं। इस मामले में शासन के दिशा-निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदला घटनाक्रम
चंद्रशेखर रस्तोगी को जाति प्रमाणपत्र निरस्त होने के मामले में पहले अध्यक्ष पद से हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 15 अक्टूबर 2026 को अदालत से राहत मिलने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव की मतगणना भी रोक दी गई। मतगणना के दौरान परिणाम घोषित होने से पहले ही न्यायालय का आदेश पहुंच गया था।
इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चंद्रशेखर रस्तोगी 17 अक्टूबर को नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा बैठ गए।
अध्यक्ष की कुर्सी मिली, लेकिन वित्तीय अधिकार अब भी लंबित
नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी प्रियंका तिवारी के अनुसार, न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए चंद्रशेखर रस्तोगी को अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठाया गया। वित्तीय अधिकारों के संबंध में शासन को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है। शासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने नगर पंचायत कर्मचारियों के साथ बैठक की। इस दौरान पेयजल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था और क्षेत्र की अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई। साथ ही व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।
जाति प्रमाणपत्र के मामले से शुरू हुआ था विवाद
चंद्रशेखर रस्तोगी के जाति प्रमाणपत्र को लेकर विवाद के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उन्होंने 29 दिसंबर 2025 को पारित आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 15 अक्टूबर 2026 को अदालत ने संबंधित आदेश के संचालन और क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। इसके बाद अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने का रास्ता खुला।
सलोन नगर पंचायत में अब आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि चंद्रशेखर रस्तोगी को वित्तीय अधिकार कब मिलेंगे और अध्यक्ष पद के उपचुनाव की प्रक्रिया पर आगे क्या निर्णय होगा। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, वित्तीय अधिकारों के मामले में शासन के निर्देशों का इंतजार है और न्यायालय में मामला अभी विचाराधीन बताया गया है।