Tata Motors की सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने आज यानी 9 फरवरी 2026 से तमिलनाडु के रानीपेट जिले में पनपक्कम (Panapakkam) में अपना नया ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू कर दिया है. इस प्लांट का उद्घाटन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने टाटा संस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की मौजूदगी में किया.
ये प्लांट सिपकोट इंडस्ट्रियल पार्क में स्थित है और ₹9,000 करोड़ (लगभग 994 मिलियन अमेरिकी डॉलर) के निवेश से विकसित किया गया हैय निर्माण कार्य सितंबर 2024 में शुरू हुआ था. ये टाटा मोटर्स का भारत में पांचवां पैसेंजर व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है, जिसमें गुजरात के साणंद में दो, पुणे में एक और रांजणगांव में जीप के साथ संयुक्त प्लांट शामिल हैं.
साल में बनेंगी 2.5 लाख गाड़ियां!
इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.5 लाख यूनिट्स है और ये अगली नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल्स का प्रोडक्शन करेगा. इसमें Tata Motors और JLR दोनों के मॉडल शामिल होंगे. प्लांट को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के उत्पादन के लिए तैयार किया गया है, जो सस्टेनेबल और फ्यूचर-रेडी मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस करता है. भारत में JLR के लक्जरी मॉडल्स का उत्पादन करने वाला यह पहला प्लांट है.
Range Rover Evoque हुई रोल-आउट
उद्घाटन के दौरान प्लांट की असेंबली लाइन से पहला वाहन लोकली असेंबल्ड Range Rover Evoque रोल आउट हुई है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने खुद इस वाहन को थोड़ी दूरी तक ड्राइव किया, जिसमें चंद्रशेखरन उनके साथ थे. यह प्लांट भारत में ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि तमिलनाडु अब हुंडई, रेनो-निसान, बीएमडब्ल्यू, विनफास्ट के बाद टाटा-JLR का छठा प्रमुख ऑटोमेकर हो गया है.
कीमत और खासियत
रेंज रोवर ईवोक JLR की लाइनअप में सबसे ज्यादा एक्सेसिबल मॉडल है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत भारत में ₹64.86 लाख है. ये दो इंजन ऑप्शन के साथ उपलब्ध है. इसमें पहला P250 पेट्रोल माइल्ड हाइब्रिड (2.0-लीटर, 4-सिलेंडर, टर्बो, 247 hp, 365 Nm) और दूसरा 2.0-लीटर टर्बो डीजल (201 hp, 430 Nm) इंजन है.
दोनों में माइल्ड-हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, ऑल-व्हील ड्राइव और टेरेन रिस्पॉन्स सिस्टम है. फीचर्स में 11.4-इंच Pivi Pro इंफोटेनमेंट, पैनोरमिक सनरूफ, मेरिडियन साउंड सिस्टम, वायरलेस चार्जिंग, एपल कारप्ले/एंड्रॉयड ऑटो आदि शामिल हैं.
घट जाएंगे दाम?
पहले रेंज रोवर ईवोक पूरी तरह इंपोर्टेड (CBU) थी, जिस पर भारी इम्पोर्ट ड्यूटी लगती थी. अब CKD (कंप्लीटली नॉक्ड डाउन) असेंबली से लोकल प्रोडक्शन शुरू होने से इंपोर्ट ड्यूटी कम हो जाएगी, जिससे प्रोडक्शन कॉस्ट घटेगी. इससे एक्स-शोरूम प्राइस में 10-20% तक की कमी आ सकती है. हालांकि, इसको लेकर कंपनी ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

