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Rashtriya Poshan Maah 2026: राष्ट्रीय पोषण माह की थीम, तारीख और पूरी जानकारी

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By satish On September 14, 2026
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Rashtriya Poshan Maah 2026: राष्ट्रीय पोषण माह की थीम, तारीख और पूरी जानकारी

Rashtriya Poshan Maah 2026: भारत में पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष सितंबर महीने में राष्ट्रीय पोषण माह (Rashtriya Poshan Maah) मनाया जाता है। यह अभियान गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों, किशोर-किशोरियों और परिवारों में बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़ी आदतों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

साल 2026 में 9वां राष्ट्रीय पोषण माह शुरू किया गया है। केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 9 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया। इस वर्ष अभियान की मुख्य थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” (Hamari Anganwadi, Hamari Jimmedari) रखी गई है।

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का आयोजन 9 सितंबर 2026 से 8 अक्टूबर 2026 तक देशभर में किया जाएगा। अभियान में आहार की विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा गरम भोजन, सामुदायिक भागीदारी और बच्चों के शुरुआती विकास जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 क्या है?

राष्ट्रीय पोषण माह यानी National Nutrition Month एक राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जागरूक करना है।

यह अभियान POSHAN Abhiyaan से जुड़ा हुआ है। सरकार ने मार्च 2018 में POSHAN Abhiyaan की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य देश में कुपोषण की समस्या से निपटने और पोषण को राष्ट्रीय विकास के केंद्र में लाना था।

हर वर्ष सितंबर में पोषण माह के माध्यम से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायतों, स्वास्थ्य संस्थानों और समुदायों के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।

इसका उद्देश्य केवल पोषण की जानकारी देना नहीं है, बल्कि लोगों को अपने दैनिक जीवन में बेहतर खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

Rashtriya Poshan Maah 2026 कब से कब तक मनाया जाएगा?

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का आधिकारिक शुभारंभ 9 सितंबर 2026 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में किया गया।

इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन:

  • शुरुआत: 9 सितंबर 2026
  • समापन: 8 अक्टूबर 2026
  • अवसर: 9वां राष्ट्रीय पोषण माह
  • मुख्य थीम: “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी”
  • आयोजन: देशभर में
  • मुख्य केंद्र: आंगनवाड़ी केंद्र और समुदाय

सरकारी जानकारी के अनुसार अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ समुदाय का जुड़ाव मजबूत करना और पोषण, मातृ स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक बाल विकास के लिए सामूहिक भागीदारी बढ़ाना है।

Rashtriya Poshan Maah 2026 की थीम क्या है?

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 की थीम है:

“हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी”

अंग्रेजी में इसे “Hamari Anganwadi, Hamari Jimmedari” कहा गया है।

इस थीम का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल सरकारी सेवा केंद्र के रूप में नहीं बल्कि समुदाय के सहयोग से संचालित महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में मजबूत करना है।

आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसलिए इस वर्ष लोगों से अपने आसपास के आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ने और पोषण से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने की अपील की गई है।

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 की शुरुआत कहां हुई?

Rashtriya Poshan Maah 2026 का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 9 सितंबर 2026 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में किया गया।

शुभारंभ कार्यक्रम रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

इस अवसर पर पोषण मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थ, पोषण से संबंधित नवाचार और आंगनवाड़ी केंद्रों की बेहतर गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया।

राष्ट्रीय पोषण माह क्यों मनाया जाता है?

राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का सबसे बड़ा उद्देश्य देश में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

कुपोषण का प्रभाव केवल बच्चों के शारीरिक विकास पर नहीं पड़ता, बल्कि यह सीखने की क्षमता, स्वास्थ्य, उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकता है।

इसी कारण सरकार पोषण को बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य से जोड़ते हुए जनभागीदारी के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करती है।

राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से लोगों को निम्न विषयों के बारे में जानकारी दी जाती है:

  • संतुलित आहार
  • पर्याप्त प्रोटीन
  • बच्चों का पोषण
  • गर्भवती महिलाओं का पोषण
  • स्तनपान
  • शिशु एवं छोटे बच्चों का आहार
  • स्वच्छता
  • स्वास्थ्य जांच
  • प्रारंभिक बाल विकास
  • स्वस्थ जीवनशैली

Rashtriya Poshan Maah 2026 के मुख्य उद्देश्य

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों पर ध्यान दिया जा रहा है।

1. आहार में विविधता बढ़ाना

एक ही प्रकार का भोजन खाने के बजाय अलग-अलग खाद्य समूहों को आहार में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करके संतुलित भोजन तैयार करने की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

2. पर्याप्त प्रोटीन पर जोर

इस वर्ष अभियान में Adequate Protein Intake को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

दाल, अनाज, दूध और दुग्ध उत्पाद, अंडे तथा उपलब्ध स्थानीय प्रोटीन स्रोतों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

3. बच्चों के पोषण में सुधार

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उचित पोषण बहुत महत्वपूर्ण है।

आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, वृद्धि की निगरानी और प्रारंभिक विकास से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है।

4. मातृ स्वास्थ्य और पोषण

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान महिलाओं को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय पोषण माह में माताओं को स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाता है।

5. सामुदायिक भागीदारी

इस अभियान में केवल सरकार की भूमिका नहीं है। परिवार, पंचायत, स्कूल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्थानीय समुदाय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसी कारण 2026 की थीम में “हमारी जिम्मेदारी” पर विशेष जोर दिया गया है।

Rashtriya Poshan Maah 2026 के 5 प्रमुख फोकस एरिया

सरकारी जानकारी के अनुसार 2026 का अभियान पांच प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्रित है।

1. Dietary Diversity और पर्याप्त प्रोटीन

लोगों को अलग-अलग खाद्य समूहों और पर्याप्त प्रोटीन को दैनिक भोजन में शामिल करने के लिए जागरूक किया जाएगा।

2. आंगनवाड़ी में ताजा गरम भोजन

आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा और पौष्टिक गरम भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर जोर दिया जा रहा है।

3. समुदाय की भागीदारी

आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों और Supplementary Nutrition Programme यानी SNP Menu Boards के माध्यम से पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर है।

4. पोषण और प्रारंभिक बाल विकास

बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनके शुरुआती मानसिक और संज्ञानात्मक विकास को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

5. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 10 वर्ष

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के 10 वर्ष पूरे होने को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है।

आंगनवाड़ी केंद्र की क्या भूमिका है?

Rashtriya Poshan Maah 2026 में आंगनवाड़ी केंद्रों को अभियान के केंद्र में रखा गया है।

आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं तक विभिन्न पोषण एवं प्रारंभिक बाल विकास सेवाएं पहुंचाई जाती हैं।

सरकार के अनुसार देश में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों और गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं तक पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं पहुंचा रहे हैं।

इसी वजह से 2026 की थीम में आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ स्थानीय समुदाय के जुड़ाव को विशेष महत्व दिया गया है।

Poshan Maah में किन लोगों के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है?

राष्ट्रीय पोषण माह का लाभ और संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • गर्भवती महिलाएं
  • स्तनपान कराने वाली माताएं
  • छोटे बच्चे
  • किशोर-किशोरियां
  • माता-पिता
  • परिवार
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
  • आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ता
  • शिक्षक
  • पंचायत प्रतिनिधि
  • स्थानीय समुदाय

बच्चों के लिए पोषण क्यों जरूरी है?

बचपन में शरीर और मस्तिष्क तेजी से विकसित होते हैं। इस दौरान पर्याप्त और संतुलित पोषण बच्चे की वृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है।

बच्चों के भोजन में उम्र और आवश्यकता के अनुसार विभिन्न खाद्य समूहों को शामिल करना चाहिए।

माता-पिता को बच्चों के भोजन में विविधता, स्वच्छता और उचित मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।

किसी बच्चे में पोषण या विकास से संबंधित चिंता हो तो परिवार को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या संबंधित स्वास्थ्य/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से सलाह लेनी चाहिए।

गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण क्यों जरूरी है?

गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं। इस समय पर्याप्त पोषण मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है।

राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाता है।

किसी भी विशेष आहार या सप्लीमेंट के संबंध में डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्यकर्मी की सलाह लेना बेहतर है।

स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी पर्याप्त भोजन और उचित पोषण महत्वपूर्ण है।

परिवार को मां को पर्याप्त आराम, पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए।

राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य इसी प्रकार के सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहारों के प्रति परिवारों और समुदाय को जागरूक करना है।

पोषण और शुरुआती बाल विकास का संबंध

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में पोषण के साथ Early Childhood Development पर भी जोर दिया गया है।

बच्चे के शुरुआती वर्षों में पोषण, देखभाल, बातचीत, खेल और सीखने का वातावरण उसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसलिए केवल बच्चे को भोजन देना ही पर्याप्त नहीं है। उसके साथ संवाद, खेल और उम्र के अनुसार सीखने की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण हैं।

Poshan Abhiyaan क्या है?

POSHAN Abhiyaan भारत सरकार की प्रमुख पोषण पहल है, जिसे मार्च 2018 में शुरू किया गया था।

इसका उद्देश्य पोषण को जन आंदोलन का रूप देना और विभिन्न सरकारी विभागों तथा समुदायों के बीच समन्वय के माध्यम से पोषण संबंधी परिणामों में सुधार करना है।

इसी व्यापक प्रयास के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष Poshan Maah और Poshan Pakhwada जैसी जनभागीदारी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।

Mission Poshan 2.0 क्या है?

सरकार ने पोषण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों को एक व्यापक ढांचे के तहत आगे बढ़ाने के लिए Mission Poshan 2.0 को लागू किया है।

PIB के अनुसार Mission Poshan 2.0 के अंतर्गत POSHAN Abhiyaan, आंगनवाड़ी सेवाएं और किशोरियों से संबंधित पोषण कार्यक्रमों को एकीकृत ढांचे में रखा गया है।

इसका उद्देश्य पोषण सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और निगरानी को बेहतर बनाना है।

Poshan Tracker क्या है?

Poshan Tracker एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसका इस्तेमाल आंगनवाड़ी सेवाओं और लाभार्थियों से संबंधित गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जाता है।

सरकारी जानकारी के अनुसार इसका उपयोग आंगनवाड़ी केंद्रों, बच्चों की उपस्थिति, ECCE गतिविधियों और ग्रोथ मॉनिटरिंग जैसी सेवाओं की निगरानी में किया जाता है।

Rashtriya Poshan Maah में कौन-कौन सी गतिविधियां होती हैं?

पोषण माह के दौरान अलग-अलग स्थानों पर कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं, जैसे:

  • पोषण जागरूकता कार्यक्रम
  • पोषण मेला
  • स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी
  • हेल्थ और न्यूट्रिशन से जुड़े कार्यक्रम
  • बच्चों की वृद्धि की निगरानी
  • स्वस्थ भोजन पर जागरूकता
  • आंगनवाड़ी गतिविधियां
  • मातृ एवं शिशु पोषण जागरूकता
  • सामुदायिक बैठकें
  • स्कूल आधारित जागरूकता कार्यक्रम
  • स्थानीय स्तर पर पोषण संबंधी प्रदर्शन

Rashtriya Poshan Maah 2026 में आम लोग कैसे भाग ले सकते हैं?

राष्ट्रीय पोषण माह केवल सरकारी कर्मचारियों या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तक सीमित अभियान नहीं है।

आम नागरिक भी इसमें अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

आप:

  1. अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ सकते हैं।
  2. परिवार में संतुलित भोजन को बढ़ावा दे सकते हैं।
  3. बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य पर ध्यान दे सकते हैं।
  4. गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
  5. स्थानीय पोषण जागरूकता कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं।
  6. बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भोजन की आदत विकसित कर सकते हैं।
  7. पोषण से जुड़ी सही सरकारी जानकारी दूसरों तक पहुंचा सकते हैं।

Rashtriya Poshan Maah 2026 का महत्व

राष्ट्रीय पोषण माह का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि पोषण का संबंध व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ देश के मानव संसाधन और भविष्य से भी है।

स्वस्थ बच्चे बेहतर तरीके से सीख सकते हैं और आगे चलकर समाज एवं अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं।

इसी सोच के साथ सरकार Suposhit Bharat के लक्ष्य को व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

राष्ट्रीय पोषण माह और आंगनवाड़ी का संबंध

2026 में आंगनवाड़ी केंद्र राष्ट्रीय पोषण माह के अभियान का प्रमुख केंद्र हैं।

“हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” का संदेश लोगों को यह समझाने का प्रयास करता है कि आंगनवाड़ी केंद्रों की सेवाओं और गुणवत्ता में समुदाय की भी भूमिका है।

स्थानीय स्तर पर बेहतर सामुदायिक भागीदारी से पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास से जुड़े प्रयासों को मजबूत किया जा सकता है।

Rashtriya Poshan Maah 2026 में PMMVY का महत्व

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के 10 वर्ष पूरे होने को भी विशेष महत्व दिया गया है।

PMMVY एक मातृत्व लाभ योजना है जिसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मातृत्व अवधि के दौरान सहायता और स्वास्थ्य संबंधी व्यवहारों को बढ़ावा देना है।

2026 के Poshan Maah में इसके 10 वर्षों की यात्रा को भी रेखांकित किया जा रहा है।

Rashtriya Poshan Maah 2026 के बारे में महत्वपूर्ण बातें

जानकारी विवरण
अभियान राष्ट्रीय पोषण माह 2026
अंग्रेजी नाम Rashtriya Poshan Maah 2026
संस्करण 9वां
शुरुआत 9 सितंबर 2026
समाप्ति 8 अक्टूबर 2026
मुख्य थीम हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी
शुभारंभ स्थान वाराणसी, उत्तर प्रदेश
प्रमुख मंत्रालय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
प्रमुख फोकस पोषण, प्रोटीन, आंगनवाड़ी, बाल विकास और मातृ स्वास्थ्य
संबंधित मिशन Mission Poshan 2.0

उपरोक्त तारीख और 2026 की थीम सरकारी PIB जानकारी पर आधारित हैं।

Rashtriya Poshan Maah 2026 FAQs

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 कब मनाया जा रहा है?

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का आयोजन 9 सितंबर 2026 से 8 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है।

Rashtriya Poshan Maah 2026 की थीम क्या है?

2026 में राष्ट्रीय पोषण माह की थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” है।

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 कौन-सा संस्करण है?

साल 2026 में 9वां राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत कहां हुई?

राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ 9 सितंबर 2026 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में किया गया।

राष्ट्रीय पोषण माह क्यों मनाया जाता है?

राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य पोषण, स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

Poshan Maah किस महीने मनाया जाता है?

राष्ट्रीय पोषण माह हर वर्ष सितंबर में मनाया जाता है। 2026 में अभियान 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।

Poshan Maah 2026 में किस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है?

2026 में आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा गरम भोजन, सामुदायिक भागीदारी, प्रारंभिक बाल विकास और PMMVY के 10 वर्ष जैसे विषयों पर विशेष जोर है।

आंगनवाड़ी की Poshan Maah में क्या भूमिका है?

आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल से संबंधित सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्या आम नागरिक Poshan Maah में भाग ले सकते हैं?

हां। आम नागरिक स्थानीय आंगनवाड़ी, पंचायत और समुदाय स्तर पर आयोजित पोषण जागरूकता गतिविधियों में भाग ले सकते हैं और स्वस्थ पोषण व्यवहारों को बढ़ावा दे सकते हैं।

निष्कर्ष

Rashtriya Poshan Maah 2026 भारत में पोषण को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अभियान है। इस वर्ष “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” थीम के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों और समुदाय के बीच भागीदारी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, ताजा गरम भोजन, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल विकास और सामुदायिक भागीदारी प्रमुख विषय हैं।

पोषण केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, समुदाय, आंगनवाड़ी, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं की सामूहिक भागीदारी से ही बेहतर पोषण और स्वस्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

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