Tata Sierra Petrol vs Diesel: किसे खरीदना रहेगा फायदे का सौदा? जानें माइलेज, रनिंग कॉस्ट और फीचर्स


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अगर आप नई Tata Sierra खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि पेट्रोल लें या डीजल? एक तरफ डीजल का शानदार माइलेज और कम रनिंग कॉस्ट है, तो दूसरी तरफ पेट्रोल की स्मूद ड्राइविंग और कम मेंटेनेंस. सालाना रनिंग, हाईवे यूज, फीचर्स, सेफ्टी और लॉन्ग-टर्म खर्च को ध्यान में रखते हुए हमने दोनों वेरिएंट का पूरा हिसाब लगाया है. खरीदने से पहले ये तुलना जरूर पढ़ें.

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Tata Sierra Petrol vs Diesel: कौन बचाएगा पैसा और देगा बेहतर माइलेज? जानिएZoom

Tata Sierra डीजल में बेहतर या पेट्रोल? जानिए

अगर आप Tata Sierra खरीदने की सोच रहे हैं तो डीजल या पेट्रोल का फैसला आपकी सालाना रनिंग, ड्राइविंग स्टाइल और बजट पर निर्भर करेगा. ये मिड-साइज SUV इंडियन मार्केट में क्रेटा और सेल्टॉस जैसी गाड़ियों को टक्कर देती है. बोल्ड रेट्रो-मॉडर्न डिजाइन, लोडेड फीचर्स, 5-स्टार सेफ्टी और तीन इंजन ऑप्शन (1.5 लीटर NA पेट्रोल, 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल और 1.5 लीटर डीज़ल) इसे खास बनाते हैं.

पेट्रोल वर्जन स्मूद, कम शोर और आसान मेंटेनेंस वाला है, जबकि डीजल बेहतर माइलेज और टॉर्क देता है. शहर में कम चलाने वालों के लिए पेट्रोल सुविधाजनक, लंबी दूरी और हाईवे पर ज्यादा रनिंग वालों के लिए डीजल समझदारी भरा फैसला हो सकता है. दोनों में फीचर्स और सेफ्टी लगभग समान हैं. आइए जानते हैं कि दोनों में किसे चुनना ज्यादा सही रहेगा?

डीजल और पेट्रोल में कौन बेहतर है?

माइलेज एनालिसिस करें, तो ARAI के अनुसार डीजल मैनुअल 19-21 kmpl तक, जबकि पेट्रोल 15-17 kmpl तक का माइलेज देने में सक्षम है. रियल वर्ल्ड में डीजल सिटी में 14-17 kmpl और हाईवे पर 18-21 kmpl देता है. पेट्रोल सिटी में 11-14 kmpl और हाईवे में 15-17 kmpl तक एफिशियेंसी देने में सक्षम है.

सालाना 12 हजार से 15 हजार KM रनिंग पर डीजल का प्रति किमी खर्च कम होता है (₹5-6/km vs ₹7-9/km) और 1-1.5 लाख रुपये तक बचत हो सकती है. कम रनिंग पर पेट्रोल बेहतर क्योंकि, इसका मेंटेनेंस सस्ता और गाड़ी 15 साल तक चल सकती है, जबकि डीजल इंजन वाली कार की लिमिट 10 साल तक ही है.

डीजल किसके लिए?

  • ज्यादा हाईवे/लंबी ड्राइविंग करने वालों के लिए
  • सालाना 12,000+ KM रनिंग
  • बेहतर टॉर्क और लोड की जरूरत
  • कम रनिंग कॉस्ट चाहने वालों के लिए

पेट्रोल किसके लिए?

  • ज्यादातर शहर में कम रनिंग
  • स्मूद, शांत और रिस्पॉन्सिव ड्राइविंग के लिए
  • कम मेंटेनेंस और आसान सर्विसिंग
  • टर्बो पेट्रोल परफॉर्मेंस लवर्स के लिए

डिजाइन और इंटीरियर

टाटा सिएरा का रेट्रो-मॉडर्न लुक बोल्ड ग्रिल, मजबूत व्हील आर्च और LED लाइट्स के साथ हेड-टर्नर है. इसका डिज़ाइन क्रेटा से ज्यादा रोड प्रेज़ेंस और प्रीमियम फील देता है. इंटीरियर में ट्रिपल स्क्रीन सेटअप, प्रीमियम मैटेरियल, पैनोरमिक सनरूफ, JBL साउंड सिस्टम और अच्छी स्पेसिंग मिलती है.कम्फर्टेबल सीटों के साथ इसका केबिन क्वाइट और फैमिली-फ्रेंडली है.

फीचर्स और सेफ्टी

इसे लेवल-2 ADAS, 360° कैमरा, वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस चार्जिंग, पावर्ड टेलगेट के साथ खरीदा जा सकता है. 5-स्टार Bharat NCAP रेटिंग के साथ सिएरा में 6-7 एयरबैग्स, ESP, मजबूत बॉडी और ADAS मिलता है. डिजाइन से लेकर फीचर्स तक दोनों इंजन ऑप्शन में लगभग समान है. सार यही निकलकर आता है कि ज्यादा रनिंग पर डीजल चुनें, कम रनिंग और शहर यूज पर पेट्रोल बेहतर ऑप्शन हो सकता है.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें





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