Tiger attack in Nilgiri : नीलगिरी एक ऐसा ज़िला है जिसका 65 परसेंट हिस्सा जंगल का है. यहां के जंगलों में बाघ, तेंदुआ, भालू, हाथी और भैंस जैसे जंगली जानवर रहते हैं. जब ये जानवर कभी-कभी जंगल से बाहर निकलते हैं, तो इंसानों पर हमला कर देते हैं. ऐसे ही एक हमले में 60 वर्षीय आदिवासी महिला की मौत हो गयी.
नीलगिरी ज़िले में मसिनकुडी के पास मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व की जंगल की सीमा पर बसे मावनल्ला गांव है. यहां रहने वाली नागियाम्मल (60) सोमवार 24 नवंबर की दोपहर को हमेशा की तरह अपने जानवरों को चराने के लिए पास के जंगल में ले गई थी. उसी समय, झाड़ियों में छिपे बाघ ने नागियाम्मल पर हमला कर दिया.हमले में घायल होने के बाद वह चीखती-चिल्लाती रही. लोगों के पहुंचने से पहले ही बाघ ने उसकी गर्दन और हाथों पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. चश्मदीदों के मुताबिक, फिर नागियाम्मल की बॉडी को झाड़ियों में घसीटकर ले गया.
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों और पुलिस ने नागियाम्मल की बॉडी को बरामद किया. उसे पोस्टमार्टम के लिए उधगई गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया.
हमला करने वाले बाघ की पहचान करने के लिए, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी मुदुमलाई इलाके में पहले से लगे ऑटोमैटिक कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रहे हैं. फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की ट्रैकिंग टीम बाघ के पैरों के निशान, बॉडी को घसीटने वाले निशान और बाघ की हरकतों पर लगातार नजर रख रही है.
मसिनागुडी के पास एक 60 साल की महिला पर बाघ के हमले की घटना जंगल में आग की तरह फैल गई है, जिससे नीलगिरी के लोग दहशत में हैं. उन्होंने यह भी मांग की है कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट उस बाघ को तुरंत पकड़े जिसने इंसान की जान ले ली. साथ ही जंगली जानवरों से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की. वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे बाघ की गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रहे हैं. बाघ को पकड़ने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं.