Traffic Challans | QR Code Pay Traffic Challans| Delhi Traffic Challans| ट्रैफिक चालान का झंझट खत्म! QR कोड से ऑन-द-स्पॉट होगा पेमेंट

नई दिल्ली, दिल्ली Traffic Police ने अब एक नया सिस्टम शुरू किया है जिसमें लोग चालान का पेमेंट बहुत आसानी से कर सकते हैं. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के डीसीपी ट्रैफिक हेडक्वार्टर एस के सिंह ने बताया कि इस सिस्टम को लॉन्च करने का मुख्य मकसद जनता की सुविधा बढ़ाना है और चालान भरने की प्रक्रिया को सरल बनाना है. पहले लोग अक्सर शिकायत करते थे कि वे सरकारी पोर्टल या कोर्ट के पोर्टल पर चालान नहीं भर पा रहे थे या पेमेंट डिक्लाइन हो जाता था. अब यह समस्या खत्म हो गई है. अब UPI के जरिए QR कोड स्कैन करके तुरंत भुगतान किया जा सकता है, और जैसे ही पेमेंट होता है, वह सिस्टम में तुरंत दिखेगा.

अधिकारियों के अनुसार, पूरे दिल्ली में लगभग 1,500 QR कोड स्कैनर लगाए जाएंगे. पहले लोग बार-बार पोर्टल पर जाते थे या लोक अदालत में अपनी बारी का इंतजार करते थे. कई बार भुगतान के बाद भी सिस्टम में अपडेट होने में समय लग जाता था. अब सिस्टम पूरी तरह इंटीग्रेटेड है, जिससे प्रक्रिया सरल होगी और लंबित चालानों की संख्या भी घटेगी. अब ट्रैफिक पुलिस वाले चालान जारी करते समय आपके मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजते हैं। अगर आप तुरंत पेमेंट करना चाहें तो पुलिस वाले एक क्यूआर कोड जेनरेट करते हैं. आप बस अपने यूपीआई ऐप जैसे गूगल पे, फोनपे या पीएटीएम से उस क्यूआर कोड को स्कैन कर लें और पैसे ट्रांसफर कर दें. जैसे ही पेमेंट सफल होता है वैसे ही सिस्टम में अपडेट हो जाता है और रसीद भी मिल जाती है. यह सब कुछ सेकंडों में हो जाता है.

QR कोड से ऑन-द-स्पॉट पेमेंट

  • चालान के QR कोड को स्कैन करें.
  • UPI ऐप के जरिए तुरंत पेमेंट करें.

UPI ऐप से पेमेंट करने का तरीका

  • मोबाइल पर चालान से जुड़ा संदेश प्राप्त होने के बाद अपने वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से लिंक किए गए UPI ऐप को खोलें.
  • ऐप में पेंडिंग चालानों की लिस्ट दिखाई देगी.
  • जिस चालान का भुगतान करना है उसे चुनें और ऐप के जरिए पेमेंट करें.
  • पेमेंट कंफर्म होने पर मोबाइल पर मैसेज प्राप्त होगा.

ध्यान दें दोनों तरीकों में पेमेंट की स्टेटस सरकारी वेबसाइट पर तुरंत अपडेट हो जाएगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को धोखाधड़ी से सावधान रहने की चेतावनी दी है. केवल आधिकारिक पोर्टल या कोर्ट वेबसाइट के जरिए ही चालान का भुगतान करें. इस सिस्टम से लोगों की परेशानी कम होगी और कैशलेस ट्रांजेक्शन बढ़ेगा. ट्रांसपरेंसी भी आएगी क्योंकि सब कुछ डिजिटल हो जाएगा. पिछले साल दिल्ली में लाखों चालान और नोटिस पेंडिंग थे. अब यह सिस्टम बैकलॉग कम करने में भी मदद करेगा.