Volkswagen बेच सकती है भारत में अपनी हिस्सेदारी! इस कंपनी के साथ पार्टनरशिप का प्लान


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Volkswagen AG भारत में अपनी सहायक कंपनी Skoda Auto Volkswagen India में हिस्सेदारी बेचने के लिए JSW Group के साथ बातचीत कर रही है. अगर ये डील होती है तो भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इस साझेदारी से JSW को Volkswagen की ग्लोबल टेक्नोलॉजी और प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच मिल सकती है, जबकि जर्मन कंपनी को भारत में विस्तार का नया रास्ता मिलेगा. जानिए अब तक क्या-क्या सामने आया है.

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Volkswagen बेच सकती है भारत में अपनी हिस्सेदारी! Zoom

फॉक्सवैगन जल्द JSW के साथ पार्टनरशिप कर सकती है.

Volkswagen AG भारत में अपनी सहायक कंपनी स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में हिस्सेदारी बेचने के लिए JSW ग्रुप के साथ चर्चा कर रही है. विश्व की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल मार्केट में मजबूत प्रजेंस बनाने के लिए जर्मन कार मेकर को लोकल पार्टनर की तलाश है, जिसमें JSW ज्यादा इंटरेस्टेड नज़र आ रही है.

ये डील होने पर फॉक्सवैगन की सालों पुरानी स्थानीय साझेदार खोज पूरी हो जाएगी. JSW ग्रुप को फॉक्सवैगन के व्हीकल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच मिलेगी, जबकि फॉक्सवैगन को मार्केट में विस्तार का मौका मिलेगा. दोनों कंपनियों के आला अधिकारी हाल में मिल चुके हैं, लेकिन वैल्यूएशन, कैपिटल इन्वेस्टमेंट और अन्य मुद्दों पर बात होना अभी बाकी है. सौदा अगले कुछ हफ्तों में फाइनल हो सकता है. आइए अब तक के डेवलपमेंट्स पर नज़र डालते हैं.

VW का प्लान

फॉक्सवैगन भारत में दो दशक से ज्यादा समय से मौजूद है, लेकिन Skoda,VW और AUdi समेत अपने सभी ब्रांड्स के साथ सिर्फ 2.5% बाजार हिस्सेदारी हासिल कर पाई है. कंपनी ने 2030 तक 5% शेयर का लक्ष्य रखा था. JSW के साथ बातचीत तीन साल पहले शुरू हुई थी, जो पहले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स (पुणे और छत्रपति संभाजीनगर) पर केंद्रित थी.

दिक्कत कहां आ रही

फॉक्सवैगन ग्लोबल लेवल पर टर्नअराउंड की चुनौतियों से जूझ रही है. इंडियन यूनिट ने मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में मुनाफा बढ़ाया है, लेकिन पेरेंट कंपनी बिना स्थानीय पार्टनर के आगे निवेश करने से हिचकिचा रही है. इसी क्रम में उसने भारत में नई EV प्लेटफॉर्म पर निवेश $1 बिलियन से घटाकर $700 मिलियन कर दिया.

JSW ग्रुप के लिए फायदे

JSW ग्रुप (सज्जन जिंदल) के लिए ये सौदा फॉक्सवैगन के साथ वैश्विक सहयोग का आधार बन सकता है. कंपनी पहले से SAIC मोटर के साथ JV के जरिए MG ब्रांडेड कारें बेच रही है और जल्द JSW ब्रांडेड कारें भी लॉन्च करने वाली है.

पिछली कोशिशें

फॉक्सवैगन पहले महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ बातचीत कर चुकी थी, लेकिन डेवलपमेंट कॉस्ट और कल्चरल अंतर के कारण वह डील नहीं हो पाई. इंडियन मार्केट की प्राइस सेंसटिविटी और मारुति, हुंडई, महिंद्रा, टाटा जैसी कंपनियों की तुलना में यूरोपीय कंपनियों की चुनौती बनी हुई है. दोनों पक्ष अभी भी कई अड़चनों को सुलझाने में लगे हैं. अगर डील फाइनल हुई तो ये भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव ला सकती है. ये खबर समाचार एजेंसी रॉयटर्स ( Reuters) के इनपुट के साथ डेवलप की गई है.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें





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