- भविष्य में फीचर्स जुड़ सकते हैं, कीमत कम भी हो सकती है।
WhatsApp Plus: मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप का पेड सब्सक्रिप्शन WhatsApp Plus रोल आउट होना शुरू हो गया है. कई जगहों पर इसे आईफोन यूजर्स के लिए लॉन्च कर दिया है. एंड्रॉयड पर इसकी बीटा टेस्टिंग चल रही है, जिसका मतलब है कि जल्द ही एंड्रॉयड यूजर्स के लिए भी इसे अवेलेबल करवा दिया जाएगा. अगर आप इस सब्सक्रिप्शन प्लान का इंतजार कर रहे हैं तो बता दें कि इसमें मिलने वाले ज्यादातर फीचर्स आपको निराश करने वाले हैं. दरअसल, इसकी प्राइसिंग इसमें मिलने वाले फीचर्स को जस्टिफाई नहीं रही है. हालांकि, अभी यह बहुत शुरुआती स्टेज में है, लेकिन फिर भी इसमें ऐसा कुछ नहीं दिया जा रहा, जिसके लिए भारत जैसी प्राइस-सेंसेटिव मार्केट में लोग पैसे देने के लिए तैयार हो जाएंगे.
इन फीचर्स के साथ रोल आउट हुआ है WhatsApp Plus सब्सक्रिप्शन
WhatsApp Plus को अभी सिर्फ यूरोप के कुछ क्षेत्रों के लिए रोल आउट किया गया है और इसकी कीमत लगभग 280 रुपये प्रति महीना रखी गई है. अभी इसमें मिलने वाले ज्यादातर फीचर कॉस्मेटिक है और ये यूजर्स की खास जरूरतों को पूरा नहीं करते. अभी इस प्लान को थीम एंड ऐप आइकन, एक साथ 20 चैट को पिन करने की सुविधा, प्रीमियम रिंगटोन, चैट लिस्ट कस्टमाइजेशन और स्पेशल इफेक्ट्स वाले प्रीमियम स्टिकर्स के साथ लॉन्च किया गया है. अगर 20 चैन पिन करने के फीचर को छोड़ दिया जाए तो बाकी फीचर्स का यूजर पर बहुत असर नहीं पड़ने वाला. अब सिर्फ चैट पिन करने के लिए पेड सब्सक्रिप्शन लेना किसी भी तरह से फायदे का सौदा नहीं है.
आगे चलकर बढ़ सकते हैं फीचर
अभी इस प्लान को फीडबैक के लिए रोलआउट किया जा गया है. एक बार ज्यादा यूजर्स के लिए अवेलेबल होने के बाद इसमें नए फीचर्स जोड़े जा सकते हैं. वहीं भारत जैसी बड़ी मार्केट के लिए इसकी कीमत को भी कम किया जा सकता है. फिर भी व्हाट्सऐप की कोर फंक्शनलिटी जैसे चैटिंग, कॉलिंग और फाइल शेयरिंग आदि फ्री रहेगी. ऐसे में भारत में लोगों को पेड सब्सक्रिप्शन बेचना कंपनी के लिए काफी मुश्किल हो सकता है.
पहले भी सब्सक्रिप्शन ला चुकी है व्हाट्सऐप
व्हाट्सऐप पहली बार सब्सक्रिप्शन लाने का विचार नहीं बना रही है. 2013 से 2016 के बीच व्हाट्सऐप को केवल एक साल ही फ्री यूज किया जा सकता था. दूसरे साल से यूजर्स को लगभग एक डॉलर प्रति वर्ष के हिसाब से चार्ज देना पड़ता था. भले ही यह रकम बहुत कम थी, लेकिन इससे कंपनी के लिए कई देशों में अपना यूजर बेस मैंटेन करना और नए यूजर्स जोड़ना मुश्किल हो गया था. कंपनी ने यह समस्या पहचाने हुए चार्ज को हटा दिया था. इसी का नतीजा है कि आज दुनियाभर में इसे अरबों लोग यूज कर रहे हैं.
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