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WhatsApp Username Feature पर सरकार सख्त, Telegram और Signal पर भी हो सकती है कार्रवाई; जानें पूरा मामला

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On July 2, 2026
1 min read 1.2k views
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WhatsApp Username Feature: व्हाट्सऐप के यूजरनेम फीचर पर रोक लगाने के बाद अब सरकार टेलीग्राम और सिग्नल पर भी एक्शन ले सकती है. इन दोनों ही प्लेटफॉर्म पर पहले से ही यूजरनेम फीचर अवेलेबल है. अब आईटी मंत्रालय इनको नोटिस भेजकर इस फीचर को लेकर जवाब मांग सकता है. सरकार यह जानना चाह रही है कि इस फीचर में यूजर की असली पहचान कैसे सुनिश्चित की जाती है. साथ ही यह भी कि कोई व्यक्ति फर्जी नाम या किसी दूसरे की पहचान से अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह या ठगी तो नहीं कर सकता. बता दें कि सरकार ने कुछ दिन पहले ही नीट पेपर लीक की घटना में नाम सामने आने के बाद टेलीग्राम पर टेंपरेरी बैन लगाया था. 

इन सवालों के मांगे जाएंगे जवाब

  • Username बनाने की प्रक्रिया क्या है?
  • फर्जी या मिलते-जुलते Username को रोकने के लिए क्या सुरक्षा उपाय हैं?
  • किसी सरकारी संस्था, सेलिब्रिटी या आम व्यक्ति की पहचान की नकल (Impersonation) कैसे रोकी जाती है?
  • शिकायत मिलने पर फर्जी Username हटाने या ब्लॉक करने की प्रक्रिया क्या है?
  • कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जरूरत पड़ने पर कैसे सहयोग किया जाता है?

WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर लग चुकी है रोक

यूजर प्राइवेसी के लिए व्हाट्सऐप यूजरनेम फीचर को ला रही थी, लेकिन उसके रोलआउट से पहले ही उस पर रोक लग गई है. सरकार ने मेटा से इस फीचर को रोलआउट न करने का कहते हुए नोटिस भेजकर तीन दिनों में जवाब मांगा है. सरकार ने फ्रॉड और पहचान छिपाकर धोखाधड़ी के मामलों के डर से इसके खिलाफ सख्ती बरती है. इसके जवाब में व्हाट्सऐप ने कहा कि अभी यह फीचर रोलआउट नहीं किया जा रहा है और उसने इसमें कई सुरक्षा उपाय किए हैं. व्हाट्सऐप ने अभी इस फीचर के लिए यूजरनेम रिजर्व करना शुरू किया था.

यूजरनेम फीचर को लेकर सरकार को क्या चिंता?

व्हाट्सऐप को भेजे नोटिस में सरकार ने कहा है कि इस फीचर के कारण ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और पहचान छिपाकर धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं. साथ ही सरकार को यह भी चिंता है कि इस फीचर का दुरुपयोग कर लोग किसी व्यक्ति, सरकारी संस्था, वित्तीय संस्थान और सरकारी एजेंसियों से मिलते-जुलते नाम रिजर्व कर सकते हैं. इससे यूजर्स के लिए असली और नकली में पहचान करना मुश्किल हो जाएगा. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि साइबर अपराधी पहले ही व्हाट्सऐप के जरिए डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम को अंजाम दे रहे हैं. यह फीचर उनकी और मदद कर सकता है.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।