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अक्षय कुमार को गिफ्ट देने के लिए एक फैन ने सारी हदें पार कर दी. उन्होंने खुद एक्टर के लिए कर्ज लेकर रोल्स रॉयस कार बनाई और मुंबई जाकर उन्हें गिफ्ट देने की सोची लेकिन एक्टर को दे भी नहीं पाए. अब ये फैन आठ लाख के कर्ज में फंस गया है और अपनी कार को फिल्मों में किराए पर देने का फैसला लिया है.

करोड़ों फैंस एक्टर- एक्ट्रेस की लाइफ और उनकी फिल्मों को बहुत पसंद करते हैं. कई फैंस तो ऐसे भी होते हैं जो अपना सबकुछ भी इन एक्ट्रेस-एक्ट्रेसेस के नाम करने को तैयार हो जाते हैं. वैसे तो फैंस लाखों होते हैं लेकिन ऐसे फैंस कम ही होते हैं जो कुछ भी कर गुजरें. हरियाणा के रोहतक जिले के महम के पास खेड़ी गांव का 21 साल का पंकज अक्षय कुमार का इतना बड़ा फैन है कि उसने दीवानगी में कुछ ऐसा कर डाला जो सुनकर सब हैरान रह गए.
पंकज ने खुद के हाथों से रोल्स रॉयस जैसी लग्जरी कार बना डाली और सोचा कि अपने फेवरेट स्टार अक्षय कुमार को गिफ्ट करेंगे. लेकिन मुंबई जाकर जो हुआ उससे उनके सपनों को नजर लग गई. असल में पंकज रोहतक में एक ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर में डेंटर का काम करता था. मैकेनिकल और बॉडी वर्क की अच्छी समझ थी. अक्षय कुमार की दीवानगी में उसने नौकरी छोड़ दी और पांच महीने रात दिन मेहनत करके कार तैयार कर ली.
चार लाख रुपये का कर्ज लेकर बनाई कार
रोहतक दिल्ली भिवानी हिसार जैसे शहरों से पुराने स्पेयर पार्ट्स उन्होंने जुटाए. उनके पिता शुरू में नाराज थे बार-बार झगड़ा होता था, लेकिन आखिर में वह मान गए. परिवार ने उन्हें ब्याज पर चार लाख रुपये दिए. अक्टूबर में उन्होंने पूरी कार तैयार की. अक्षय के पीएसओ और ड्राइवर राहुल से संपर्क हुआ और उन्होंने कहा साहब को बता दिया आप आ जाइए. पंकज की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. 11 अक्टूबर को ट्रक से कार मुंबई भेजी और कंटेनर का एक लाख दस हजार रुपये किराया लगाया. गांव के आठ लोग साथ गए उनके रहने खाने में एक लाख बीस हजार गए.
छह दिन किया इंतजार..
किराए की गाड़ी से पचास हजार और खर्च कर दिए. कुल मिलाकर मुंबई जाने में ढेर सारा पैसा लगा गया. वहां अक्षय के घर पहुंचे तो पहले छह दिन उन्होंने इंतजार किया. छठे दिन अक्षय दूर से आए बस हाय-हेलो कहा और बोले बाद में मिलेंगे. दो दिन और रुकवाया फिर ड्राइवर ने कहा साहब विदेश चले गए अब लौट जाओ पता नहीं कब आएंगे. पंकज का मन टूट गया क्योंकि उन्हें कार दिखाने का न मौका मिला न ही गिफ्ट करने का. 19 अक्टूबर को निराश होकर लौट आए.
अब परिवार पर आठ लाख का कर्ज है. पंकज अब ये कार हरियाणवी फिल्मों नाटकों शूटिंग में किराए पर देंगे ताकि कुछ कमाई हो सके. 10 नवंबर से रोहतक की महिंद्रा कंपनी में फिर उन्होंने डेंटर की नौकरी शुरू की है.