Car Airbags सबसे जरूरी सेफ्टी फीचर्स में से एक हैं. दुर्घटना के समय ये सिर, छाती और चेहरे को गंभीर चोटों से बचाता है. हालांकि, अगर सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए तो एयरबैग खुद चोट का कारण बन सकता है, जैसे चेहरे पर जलन, आंखों में नुकसान, गर्दन की चोट, हाथ-बांह में फ्रैक्चर.
1. हमेशा सीट बेल्ट लगाएं
ये सबसे जरूरी काम है. सीट बेल्ट लगाने से शरीर आगे नहीं झटका मारता और एयरबैग के खुलने पर आप उससे बहुत करीब नहीं पहुंचते. बिना बेल्ट के एयरबैग तेज स्पीड से खुलता है और चेहरे या छाती पर जोरदार प्रहार कर सकता है, जिससे गंभीर चोट लगती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि एयरबैग सीट बेल्ट के साथ मिलकर ज्यादा अच्छा काम करता है.
2. स्टीयरिंग व्हील और डैशबोर्ड से उचित दूरी रखें
ड्राइवर को स्टीयरिंग व्हील से छाती तक कम से कम 10 इंच (लगभग 25 सेमी) की दूरी रखनी चाहिए। सीट को पीछे खींचें, ताकि पैडल तक पहुंच आसान रहे लेकिन शरीर ज्यादा दूर हो. पैसेंजर को भी डैशबोर्ड से दूर रहना चाहिए. छोटे कद के ड्राइवर सीट एडजस्ट कर सकते हैं, स्टीयरिंग व्हील नीचे की ओर टिल्ट कर सकते हैं या पेडल एक्सटेंशन भी यूज कर सकते हैं.
3. स्टीयरिंग पर हाथों की सही पोजीशन रखें
ड्राइविंग पोश्चर सही रखना बहुत जरूरी है. गाड़ी चलाते समय स्टीयरिंग को 9 और 3 बजे की पोजीशन पर पकड़ें. इससे एयरबैग खुलने पर हाथ और बांहें चेहरे की ओर नहीं उछलता है और फ्रैक्चर या चेहरे पर चोट का खतरा कम हो जाता है. अंगूठे स्टीयरिंग के अंदर न रखें, बल्कि बाहर की तरफ रखें.
4. बच्चों को पीछे की सीट पर बिठाएं
13 साल से कम उम्र के बच्चों को आगे की सीट पर न बिठाएं, खासकर पैसेंजर साइड पर जहां एयरबैग होता है. रियर-फेसिंग चाइल्ड सीट को कभी एयरबैग वाले स्थान पर न रखें. बच्चों के लिए उम्र और वजन के अनुसार कार सीट या बूस्टर इस्तेमाल करें. गलत पोजीशन में बच्चे को एयरबैग से गंभीर चोट लग सकती है.
5. सीधे और सही पोजीशन में बैठें
ड्राइविंग के दौरान पीठ सीधी रखें, ज्यादा आगे न झुकें और सिर को हेडरेस्ट पर टिकाएं। अगर एक्सीडेंट होने वाला हो तो (बहुत कम समय मिले) पैसेंजर हाथों को X आकार में चेहरे के सामने करके झुक सकते हैं, लेकिन सामान्य स्थिति में सही बैठना ही बेहतर है.
इन टिप्स की मदद से आप एयरबैग सेफ्टी को बेहतर कर सकते हैं और चोट के जोखिम को काफी कम कर सकते हैं. याद रखें, एयरबैग जान बचाने के लिए है, लेकिन इनका सही इस्तेमाल भी बेहद जरूरी है. सुरक्षित ड्राइविंग करें, नियमों का पालन करें और बिना सीट बेल्ट कभी ड्राइविंग न करें.