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नितिन गडकरी ने कहा कि फ्लैश चार्जिंग तकनीक से चलने वाली इस 135 सीटर बस में हवाई जहाज जैसी सीटिंग होगी. इस बस में एयर कंडीशनिंग, आरामदायक सीटें और एयरहोस्टेस की तर्ज पर बस होस्टेस होंगी, जो यात्रियों को चाय-कॉफी परोसेंगी.
ई-बस फ्लैश चार्जिंग तकनीक से लैस होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)नई दिल्ली. देश में जल्द ही ऐसी बस चलेगी जिसमें यात्रियों को हवाई जहाज में मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. इस अल्ट्रा-मॉर्डन इलेक्ट्रिक बस पायलट प्रोजेक्ट नागपुर में चल रहा है. टाटा ग्रुप ने इसके लिए कर्नाटक के धारवाड़ में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी शुरू कर दिया है. इसके लिए तकनीक सीमेंस (Siemens) और हिताची (Hitachi) से ली गई है. नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबांधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने यह जानकारी दी.
गडकरी ने कहा कि फ्लैश चार्जिंग तकनीक से चलने वाली इस 135 सीटर बस में हवाई जहाज जैसी सीटिंग होगी. इस बस में एयर कंडीशनिंग, आरामदायक सीटें और एयरहोस्टेस की तर्ज पर बस होस्टेस होंगी, जो यात्रियों को चाय, कॉफी, फल, पैक्ड फूड और पेय पदार्थ परोसेगी. खास बात यह है कि टाटा ग्रुप के साथ मिलकर विकसित की जा रही यह बस सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी फिर भी डीजल से चलने वाली बसों की तुलना में इसका किराया 30% कम होगा. इन बसों को चलाने का खर्च करीब ₹35-40 प्रति किलोमीटर आंका गया है.
हवाई जहाज जैसी होंगी सुविधाएं
इस इलेक्ट्रिक बस में सवार होने पर हवाई जहाज में बैठने जैसा महसूस होगा. बस क्षमता 135 सीटों की होगी. इसमें, एयर कंडीशनिंग, आरामदायक एग्जीक्यूटिव चेयर्स, टेलीविजन और सीटों के सामने लैपटॉप रखने की जगह होगी. साथ ही एयर होस्टेस की तर्ज पर होस्टेस, जो यात्रियों को फल, पैक्ड फूड और खाने-पीने की वस्तुएं परोसेंगी.
40 सेकेंड में होगी चार्ज
बस में फ्लैश चार्जिंग तकनीक होगी. इसकी वजह से 40 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद बस एक स्टॉप पर रुकेगी और सिर्फ 40 सेकंड में चार्ज होकर अगले 40 किलोमीटर के लिए तैयार हो जाएगी. गडकरी ने कहा, “यह हमारे ट्रांसपोर्ट सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा. लोग दिल्ली से जयपुर, चंडीगढ़ या देहरादून जाने के लिए अपनी कार का इस्तेमाल नहीं करेंगे.”