नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने भारतीय ग्राहकों के लिए ऐसा प्लान बनाया है कि जिसे सुनकर दूसरी कंपनियों के सीने पर सांप लोट जाएगा. कंपनी की मंशा अपने ग्राहकों को नया अनुभव देने के साथ उनके लिए शानदार विकल्प पेश करना भी है. इस प्लान के तहत कंपनी अगले 5 साल में 8 नए एसयूवी के मॉडल पेश करने की तैयारी कर रही है. कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में एक बार फिर अपनी हिस्सेदारी को 50 फीसदी पहुंचाना है, जो फिलहाल 40 फीसदी से भी नीचे आ चुकी है.
एसयूवी के 28 मॉडल होंगे
सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (एसएमसी) की देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) में लगभग 58 प्रतिशत हिस्सेदारी है. चालू वित्तवर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में घरेलू यात्री वाहन बाजार में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी घटकर लगभग 39 प्रतिशत रह गई है. सुजुकी ने 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की योजना के बारे में कहा कि बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए हम अगले 5-6 साल में आठ एसयूवी पेश करेंगे, जिससे हमारी कुल उत्पाद शृंखला 28 मॉडल तक पहुंच जाएगी.
भारत में अभी कंपनी के 18 मॉडल
उन्होंने कहा कि कंपनी 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने और इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण तथा निर्यात में भी अव्वल बनने के लिए प्रतिबद्ध है. मारुति सुजुकी इस समय घरेलू बाजार में 18 मॉडल बेच रही है और उसकी बाजार हिस्सेदारी वित्तवर्ष 2018-19 के 51.2 प्रतिशत से घटकर वित्तवर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 38.8 प्रतिशत रह गई है. सुजुकी ने भारत के लिए अपनी रणनीति के बारे में कहा कि मारुति सुजुकी घरेलू बाजार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के साथ ही निर्यात बढ़ाने पर भी ध्यान देगी.
हर साल बनाएगी 40 लाख कार
उन्होंने कहा कि घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एमएसआई संयंत्रों की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 40 लाख सालाना तक की जाएगी. सुजुकी ने बताया कि भारत जैसे बड़े देश में ग्राहकों की विविध जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और सीएनजी मॉडल सहित सभी प्रकार की कारें पेश करेगी. कंपनी गुजरात में नौ बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की योजना के साथ बायोगैस से चलने वाले वाहनों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है. इसके लिए वित्तवर्ष 2030-31 तक 70,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है.