40,000 करोड़ का निवेश, 5 साल में दोगुनी बिक्री का लक्ष्य, निवेशकों के लिए पैसा छापने की मशीन बनेगी ये कंपनी!


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टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस के लिए अगले पांच वर्षों का बड़ा रोडमैप पेश किया है. कंपनी 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और वित्त वर्ष 2031 तक 12 लाख से ज्यादा गाड़ियों की सालाना बिक्री का लक्ष्य हासिल करना चाहती है. इसके साथ ही घरेलू पैसेंजर व्हीकल बाजार में 20 फीसदी हिस्सेदारी, 1.4 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू और इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 फीसदी से अधिक करने का भी लक्ष्य रखा गया है.

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40,000 करोड़ का निवेश, डबल बिक्री का लक्ष्य, पैसा छपाई की मशीन बनेगी ये कंपनी!Zoom

कंपनी अगले कुछ वर्षों में 6 बिलकुल नई गाड़ियां लॉन्च करेगी.

नई दिल्ली. भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. एसयूवी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और नई तकनीकों पर कंपनियां तेजी से दांव लगा रही हैं. इसी बीच टाटा मोटर्स ने भी अपने पैसेंजर व्हीकल कारोबार के लिए अगले पांच साल की रणनीति का खुलासा कर दिया है. कंपनी का लक्ष्य सिर्फ नई कारें लॉन्च करना नहीं, बल्कि बिक्री, बाजार हिस्सेदारी और मुनाफे तीनों में बड़ी छलांग लगाने का है कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) ने 81वीं सालाना आम बैठक (AGM) में बताया कि टाटा मोटर्स वित्त वर्ष 2030 तक पैसेंजर व्हीकल बिक्री को 12 लाख यूनिट से ऊपर ले जाना चाहती है. फिलहाल कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 14.2 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 20 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है.

इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए टाटा मोटर्स अगले कुछ वर्षों में करीब 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. यह राशि नए प्रोडक्ट्स विकसित करने, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और नई तकनीकों पर खर्च की जाएगी. कंपनी का कहना है कि इस निवेश के जरिए वह अपने पैसेंजर व्हीकल कारोबार को अगले स्तर पर ले जाना चाहती है. साथ ही लगभग 10,000 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) भी हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है.

आएंगी 6 नई कारें, 20 से ज्यादा मॉडल होंगे अपडेट

टाटा मोटर्स अपने पोर्टफोलियो का विस्तार भी करेगी. कंपनी अगले कुछ वर्षों में 6 नए नेमप्लेट (6 बिलकुल नई कार) लॉन्च करेगी, जबकि 20 से ज्यादा मौजूदा मॉडल्स को अपडेट किया जाएगा. स्टैंडअलोन स्तर पर कंपनी अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाकर 15 नेमप्लेट तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है. साथ ही उन सेगमेंट्स में भी उतरने की तैयारी है, जहां अभी उसकी मौजूदगी नहीं है.

EV पर रहेगा खास फोकस

कंपनी ने साफ किया है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स उसकी रणनीति का अहम हिस्सा होंगे. वित्त वर्ष 2030 के अंत तक कंपनी चाहती है कि उसकी कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 30 फीसदी से ज्यादा हो. भारत में EV बाजार तेजी से बढ़ रहा है और टाटा मोटर्स पहले से ही इस सेगमेंट की प्रमुख कंपनियों में शामिल है. ऐसे में कंपनी अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए नए इलेक्ट्रिक मॉडल्स और तकनीक पर निवेश बढ़ाएगी.

कमाई और मुनाफे का भी बड़ा लक्ष्य

टाटा पैसेंजर मोबिलिटी (Tata Passenger Mobility) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेश चंद्र (Shailesh Chandra) ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2031 तक 1.4 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना चाहती है. इसके साथ ही डबल डिजिट EBITDA मार्जिन, 5 फीसदी से अधिक EBIT मार्जिन और मौजूदा स्तर की तुलना में पांच गुना से ज्यादा प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) का लक्ष्य भी तय किया गया है. समूह स्तर पर टाटा मोटर्स ने 60 अरब डॉलर के रेवेन्यू, 10 फीसदी EBIT मार्जिन और 5 अरब डॉलर के PBT का दीर्घकालिक लक्ष्य रखा है.

पिछले साल प्रदर्शन पर पड़ा था असर

कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में जगुआर लैंड रोवर (Jaguar Land Rover) पर हुए साइबर हमले की वजह से करीब दो महीने तक उत्पादन प्रभावित रहा था. इसका असर कंपनी के कुल कारोबार पर भी पड़ा. वित्त वर्ष 2026 में टाटा मोटर्स का समेकित रेवेन्यू 8 फीसदी घटकर 3.35 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि कुल बिक्री भी 1 फीसदी घटकर 9.49 लाख यूनिट रह गई. अब कंपनी नए निवेश, नए मॉडल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के विस्तार के दम पर अगले पांच वर्षों में तेज ग्रोथ हासिल करने की तैयारी में है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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