Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आम आदमी के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. बजट में बायोगैस से मिश्रित सीएनजी (Biogas Blended CNG) पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise duty) की गणना में बायोगैस के पूरे मूल्य को बाहर रखने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे बायो-मिक्स सीएनजी सस्ती हो सकती है.
सस्ती हो जाएगी CNG!
सरकार का ये कदम क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण और एनर्जी सेफ्टी के लक्ष्यों से जुड़ा है. इससे सीएनजी पर निर्भर वाहनों खासकर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, कमर्शियल ट्रक और कारों के मालिकों को सीधा फायदा होगा.
विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रति किलोग्राम सीएनजी की कीमत में कुछ रुपये (लगभग 2-3 रुपये तक) की कमी आ सकती है, क्योंकि सामान्य सीएनजी पर एक्साइज ड्यूटी करीब 14% या 14-15 रुपये प्रति किलो है. बायोगैस मिक्स में जितना प्रतिशत बायोगैस होगा, उतना टैक्स कम होगा.
किसानों को फायदा
ये फैसला किसानों के लिए भी वरदान साबित होगा. बायोगैस प्लांट्स से किसान अपने खेतों के कचरे, पराली और अन्य अपशिष्टों से अतिरिक्त आय कमा सकेंगे. इससे पराली जलाने की समस्या कम होगी, वायु प्रदूषण घटेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. साथ ही, देश की तेल आयात पर निर्भरता कम होगी, क्योंकि घरेलू बायोगैस उत्पादन बढ़ेगा.
ऑटो इंडस्ट्री के लिए गुड न्यूज
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी ये बदलाव सकारात्मक असर डालेगा. कई कंपनियां पहले से ही बायोगैस-कंपैटिबल वाहन लॉन्च कर रही हैं. टैक्स राहत से इन वाहनों की मांग बढ़ेगी और सीएनजी स्टेशनों पर बायो-मिक्स सीएनजी की उपलब्धता भी तेजी से बढ़ सकती है.
सरकार का कहना है कि ये कदम हरित ऊर्जा संक्रमण को तेज करेगा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा. आम उपभोक्ताओं के लिए ये बजट की सबसे व्यावहारिक राहतों में से एक है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में फ्यूल खर्च को कम करेगा.
बायोगैस क्या है और इसका महत्व
बायोगैस कृषि अवशेषों, फसल कचरे, पशु गोबर, नगर निगम के कूड़े और अन्य जैविक अपशिष्टों से बनाई जाती है. इसे सामान्य सीएनजी में मिलाकर कम कार्बन वाला ईको-फ्रेंडली फ्यूल तैयार किया जाता है, जिसे Bio-CNG या CBG (Compressed Biogas) कहा जाता है. ये ईंधन पारंपरिक सीएनजी से अधिक साफ होता है और कार्बन उत्सर्जन को काफी कम करता है.