चीन ने कारों में हिडन हैंडल पर लगाई रोक.
आजकल की मॉडर्न और महंगी कारों में आपने एक बेहद स्टाइलिश फीचर देखा होगा, दरवाजे के हैंडल जो बॉडी के अंदर छिपे रहते हैं और टच करने पर बाहर आते हैं. यह फीचर टेस्ला ने शुरू किया था और देखते ही देखते यह स्टेटस सिंबल बन गया. लेकिन अब यह फीचर जानलेवा साबित हो सकता है. इसी खतरे को देखते हुए चीन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इन फैंसी हैंडल्स वाली कारों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही चीन ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है. वजह आपको भी जाननी चाहिए.
चीन के इस सख्त फैसले के पीछे वजह सुरक्षा है. बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में चीन में शाओमी की इलेक्ट्रिक कारों समेत कई वाहनों के एक्सीडेंट हुए. इन हादसों में देखा गया कि पावर फेल होने या तकनीकी खराबी के कारण दरवाजे लॉक हो गए और बाहर से हैंडल न होने की वजह से मदद करने वाले लोग दरवाजा खोल ही नहीं पाए. नतीजा तमाम लोगों की कार के अंदर ही मौत हो गई.
2027 से बदल जाएगा कारों का डिजाइन
- चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा. नए नियमों के मुताबिक अब कारों के दरवाजों के अंदर और बाहर, दोनों तरफ मैकेनिकल रिलीज बटन होना अनिवार्य होगा, ताकि पावर फेल होने पर भी दरवाजा खोला जा सके.
- दरवाजों में हैंडल पकड़ने के लिए कम से कम 6 सेंटीमीटर लंबा, 2 सेंटीमीटर चौड़ा और 2.5 सेंटीमीटर गहरा गैप होना चाहिए. यह नियम 1 जनवरी, 2027 से लागू होगा. जो गाड़ियां अभी मार्केट में आने वाली हैं, उन्हें अपने डिजाइन को बदलने के लिए दो साल का वक्त दिया गया है.
अमेरिका में भी टेस्ला पर लटकी तलवार
सिर्फ चीन ही नहीं, अमेरिका और यूरोप भी इस फीचर से परेशान हैं. अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी NHTSA पहले से ही टेस्ला के इलेक्ट्रॉनिक हैंडल्स की जांच कर रही है. अमेरिका में ऐसी शिकायतें मिलीं कि टेस्ला (मॉडल Y) की पावर अचानक बंद हो गई और अंदर बैठे बच्चे बाहर नहीं निकल पाए. 9 में से 4 मामलों में लोगों को जान बचाने के लिए कार की खिड़की तोड़नी पड़ी. कंपनियों का तर्क है कि इमरजेंसी के लिए मैनुअल में तरीका बताया गया है, लेकिन जांचकर्ताओं का कहना है कि मुसीबत के वक्त मैनुअल कोई नहीं पढ़ता और यह तरीका बहुत पेचीदा होता है.