नागपुर में शुरू हुआ ‘सुरक्षा रीलोडेड’, नियमों के पालन के मार्ग पर जागरूकता के बढ़ते कदम


श्री नितिन गडकरी जी के नेतृत्व में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI के साथ मिलकर चलाया जा रहा सड़क सुरक्षा अभियान अब अपने चौथे संस्करण से आगे बढ़कर पहले से कहीं ज्यादा सक्रियता के दौर में पहुंच चुका है. “परवाह से कर्तव्य तक” थीम के साथ राष्ट्रीय टेलीथॉन में शुरुआत के बाद यह अभियान अब देश के अलग-अलग शहरों में पहुंच रहा है, ताकि सड़क सुरक्षा का संदेश केवल कहने सुनने तक ही सीमित ना रहे बल्कि इसमें जन भागीदारी भी सुनिश्चित हो.

‘सुरक्षा रीलोडेड’ कॉन्सर्ट्स के जरिए इस अभियान का उद्देश्य साफ है—सड़क सुरक्षा को सिर्फ एक संदेश नहीं, बल्कि लोगों की आदत बनाना. इसमें मनोरंजन और मंच यह प्रस्तुतियों को मात्र एक माध्यम के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जिससे लोग इस विषय से जुड़ सकें.

इस यात्रा की शुरुआत नागपुर से हुई, जहां ‘सुरक्षा रीलोडेड’ कॉन्सर्ट आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में ऐसे लोगों ने हिस्सा लिया, जो इस अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. इस मुहिम ने लोगों को सड़कों पर चलते समय अपनी लापरवाही पूर्वक आदतों के बारे में सोचने के लिए मजबूर किया.

कार्यक्रम की शुरुआत कोंकण कन्या बैंड ने की, जिन्होंने बॉलीवुड और क्षेत्रीय संगीत का शानदार मिश्रण पेश किया. उनकी प्रस्तुति में मनोरंजन के साथ-साथ जिम्मेदार सड़क व्यवहार का संदेश भी सहज रूप से शामिल था.

इसके बाद नागपुर की नेहा थोम्बरे ने अपने हास्य अंदाज से लोगों को खूब हंसाया, लेकिन साथ ही रोजमर्रा की सड़क पर चलते समय हमारी आदतों पर सोचने के लिए भी मजबूर किया.

फिर गणेश जोशी ने अपने अनोखे अंदाज में जानकारी और हास्य को मिलाकर लोगों को यह समझाया कि सड़क सुरक्षा क्यों जरूरी है और यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है.

कार्यक्रम के अंत में, श्री नितिन गडकरी ने मराठी अभिनेता अमेय वाघ और फिल्ममेकर निपुण धर्माधिकारी के साथ मंच साझा किया. उन्होंने सड़क सुरक्षा पर एक सरल और व्यावहारिक बातचीत की, जिसमें लोगों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराया गया. यह बातचीत नीतियों को लोगों से सीधे जोड़ने का एक अच्छा उदाहरण थी.

नागपुर में ‘सुरक्षा रीलोडेड’ ने सिर्फ जागरूकता ही नहीं बढ़ाई, बल्कि लोगों को इस अभियान का हिस्सा भी बनाया. इसने संदेश और नियमों को पालन करने के लिए सरल और यादगार बनाया.

सड़क सुरक्षा कोई एक दिन का अभियान नहीं है, यह रोज का निर्णय है. अगर इस कार्यक्रम के बाद लोग सड़क पर चलते समय थोड़ा भी ज्यादा सतर्क हो जाते हैं, तो यह अभियान सफल माना जाएगा.



Source link