कार इंश्योरेंस खरीदते समय कई लोग कन्फ्यूजन में रहते हैं कि बेसिक कवरेज क्या होना चाहिए और ऐड-ऑन किसमें फायदेमंद हैं. ऑन-डेमेज यानी Own Damage (OD) कवर और ज़ीरो डेप्रिसिएशन (Zero Dep) इनमें से दो महत्वपूर्ण टर्म्स हैं. OD आपकी अपनी कार को हुए नुकसान की सेफ्टी करता है, जबकि ज़ीरो डेप क्लेम के समय पार्ट्स पर होने वाली डेप्रिसिएशन कटौती को खत्म कर देता है.
आजकल बढ़ती मरम्मत लागत और पार्ट्स की महंगाई को देखते हुए इन दोनों के बीच सही चुनाव करना जरूरी है. इस लेख में हम विस्तार से अंतर समझेंगे. क्लेम प्रोसेस, प्रीमियम इम्पैक्ट और ये भी कि आपके लिए कौन सा विकल्प बेहतर है? सही इंश्योरेंस चुनने से आप अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं और पूरी सुरक्षा पा सकते हैं.
Own Damage इंश्योरेंस क्या है?
Own Damage कवर मुख्य रूप से आपकी कार को खुद हुए नुकसान की सुरक्षा प्रदान करता है. इसमें सड़क दुर्घटना, चोरी, आग, प्राकृतिक आपदाएं (बाढ़, भूकंप), दंगे-फसाद आदि शामिल हैं. ये थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के साथ खरीदा जा सकता है और स्टैंडअलोन OD पॉलिसी के रूप में भी उपलब्ध है.
OD कवर में क्लेम सेटलमेंट के समय पार्ट्स की लागत पर डेप्रिसिएशन (मूल्य ह्रास) कटौती होती है. उदाहरण के लिए, प्लास्टिक/रबर पार्ट्स पर 50%, मेटल पार्ट्स पर उम्र के अनुसार 0-50% तक कटौती हो सकती है. लेबर चार्जेस आमतौर पर फुल मिलते हैं, लेकिन पार्ट्स की लागत कम हो जाती है. पुरानी कारों या बजट किफायती विकल्प चाहने वालों के लिए OD बेसिक सेफ्टी देता है. IRDAI नियमों के अनुसार ये 2019 से स्टैंडअलोन रूप में उपलब्ध है.
Zero Dep का क्या मतलब?
ज़ीरो डेप्रिसिएशन एक ऐड-ऑन कवर है, जो OD या कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी के साथ लिया जाता है. इसे बंपर-टू-बंपर या Nil Depreciation भी कहते हैं. इसमें क्लेम के समय बदले गए पार्ट्स पर कोई डेप्रिसिएशन कटौती नहीं होती. मतलब, इंश्योरेंस कंपनी पूरे बिल की भरपाई करती है (कुछ डिडक्टिबल्स के बाद).
ये नई या लग्जरी कारों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है, क्योंकि पार्ट्स महंगे होते हैं और डेप्रिसिएशन का अमाउंट ज्यादा हो सकता है. आमतौर पर ये 5 साल तक की पुरानी कारों के लिए उपलब्ध होता है. प्रीमियम OD प्रीमियम से 15-30% ज्यादा लगता है, लेकिन क्लेम में बचत काफी होती है. इस ऐड-ऑन में क्लेम की संख्या (2-3 क्लेम्स प्रति) लिमिटेड होती है. दोनों में ये अंतर हैं-
- OD एक पॉलिसी (Standalone) है, जबकि Zero Dep सिर्फ ऐड-ऑन है.
- OD सस्ता, Zero Dep महंगा (अतिरिक्त 10-30% लागत) है.
- OD में डेप्रिसिएशन कटने से क्लेम कम, Zero Dep में फुल पेआउट मिलता है.
- OD पुरानी कारों या कम बजट वालों के लिए, Zero Dep नई/महंगी कारों के लिए बेहतर.
- OD में उम्र और पार्ट्स के हिसाब से कटौती (जैसे प्लास्टिक पर 50%), Zero Dep में जीरो डिडक्शन.
उदाहरण: ₹50,000 के रिपेयर बिल में OD में ₹15,000-20,000 तक आपकी जेब से जा सकता है, जबकि Zero Dep में लगभग पूरा बिल क्लेम हो जाता है.
किसे खरीदना सही?
ये पूरी तरह से आपकी कार की उम्र, वैल्यू, इस्तेमाल और बजट पर निर्भर करता है. नई कार (0-5 साल) है तो Zero Dep के साथ कॉम्प्रिहेंसिव या OD लेना बेहतर है. एक-दो क्लेम्स में ही अतिरिक्त प्रीमियम की लागत निकल आएगी. लग्जरी या हाई-वैल्यू कारों में तो ये जरूरी है. वहीं, पुरानी कार के लिए सिर्फ OD पर्याप्त है क्योंकि पार्ट्स सस्ते और डेप्रिसिएशन ज्यादा होने पर Zero Dep महंगा पड़ सकता है.
सलाह और सावधानियां
क्लेम करते समय 30 दिनों के अंदर रिपोर्ट करें, अन्यथा ये रिजेक्ट हो सकता है. इंजन प्रोटेक्शन, कंज्यूमेबल्स जैसे अन्य ऐड-ऑन्स भी देखें. IDV (Insured Declared Value) सही चुनें क्योंकि ये क्लेम की ऊपरी सीमा तय करता है. हमेशा IRDAI अप्रूव्ड इंश्योरेंस कंपनी चुनें और पॉलिसी डॉक्यूमेंट अच्छे से पढ़ें.