Gurugram biker hit-and-run case: हाल ही में गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर हुई हिट-एंड-रन घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा है. Aprilia RS 457 जैसी महंगी स्पोर्ट्स बाइक चला रही बाइकर सिया (शिवानी चौहान) को एक कार ने कथित तौर पर पीछा कर टक्कर मारी, जिसके बाद वे सड़क पर घिसटती हुई कई मीटर तक चली गईं. हाथ-पैर और बॉडी में चोटें आईं. इस घटना से एक बार फिर साफ हो गया कि सड़क पर सुरक्षा कितनी जरूरी है.
लाखों रुपये की बाइक खरीदने वाले अक्सर इंजन और स्पीड पर ध्यान देते हैं, लेकिन राइडिंग गियर्स को नजरअंदाज कर देते हैं. सिया जैसी घटनाओं में सही हेलमेट, जैकेट, ग्लव्स और राइडिंग बूट चोट की गंभीरता को काफी कम कर सकते हैं. 15-20 हजार रुपये का ये छोटा निवेश जिंदगी बचाने वाला साबित हो सकता है. जिम्मेदार राइडिंग का मतलब सिर्फ बाइक चलाना नहीं, बल्कि खुद को पूरी तरह सुरक्षित रखना भी है. आइए उन जरूरी राइडिंग गियर्स के बारे में जानते हैं, जो हर बाइकर्स के पास होने ही चाहिए.
हेलमेट: सिर का रक्षक
हेलमेट राइडिंग गियर का सबसे जरूरी हिस्सा है. फुल-फेस हेलमेट सिर, चेहरे और जबड़े को बेहतर सुरक्षा देता है. ISI या ECE प्रमाणित हेलमेट चुनें जिसमें मजबूत शेल, अच्छी पैडिंग और क्लियर विज़न हो. सस्ता हेलमेट न खरीदें. अच्छी क्वालिटी का हेलमेट 4 से 8 हजार रुपये में मिल जाता है. एक्सीडेंट या स्किड में सिर पर चोट लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है और सही हेलमेट इस खतरे को काफी हद तक कम कर देता है.
राइडिंग जैकेट: शरीर का सुरक्षा कवच
राइडिंग जैकेट सिर्फ स्टाइल के लिए नहीं होती. इसमें कंधे, कोहनी और पीठ पर आर्मर लगे होते हैं जो टक्कर या फिसलने पर झटका सोखते हैं. अब्रेशन-रेसिस्टेंट मटेरियल त्वचा को सड़क से रगड़ने से बचाता है. गर्मियों के लिए मेश और सर्दियों के लिए टेक्सटाइल या लेदर जैकेट मार्केट में उपलब्ध हैं. अच्छी जैकेट 5 से 10 हजार रुपये के आसपास आती है. बिना जैकेट के गिरने पर शरीर पर गहरी खरोंचें और फ्रैक्चर का खतरा बहुत बढ़ जाता है.
ग्लव्स: हाथों का प्रोटेक्शन
हाथ सबसे पहले जमीन से टकराते हैं. इसलिए अच्छे प्रोटेक्टेड ग्लव्स पहनने चाहिए. इनमें नकल, हथेली और कलाई पर सेफ्टी पैडिंग होती है. लेदर या टेक्सटाइल ग्लव्स दोनों काम के हैं. बारिश के मौसम के लिए वॉटरप्रूफ विकल्प भी मौजूद हैं. क्वालिटी ग्लव्स 1,500 से 3,500 रुपये में आसानी से मिल जाते हैं. ग्लव्स न सिर्फ चोट से बचाते हैं, बल्कि बाइक पर बेहतर ग्रिप भी देते हैं.
बूट्स: पैर और टखने की सेफ्टी
सामान्य जूते राइडिंग के लिए पर्याप्त नहीं होते. राइडिंग बूट्स में टखने, पिंडली और एड़ी की सुरक्षा होती है. ये एंटी-स्किड सोल के साथ आते हैं और गिरने पर पैर को कुचलने से बचाते हैं. शॉर्ट या लॉन्ग दोनों तरह के बूट उपलब्ध हैं. अच्छे राइडिंग बूट्स 3 से 6 हजार रुपये की रेंज में आते हैं. कई दुर्घटनाओं में पैर की हड्डियां इसलिए टूट जाती हैं, क्योंकि राइडर ने सामान्य स्नीकर्स पहने होते हैं.
राइडिंग पैंट्स और अन्य जरूरी गियर्स
राइडिंग पैंट्स में घुटनों और कूल्हों पर आर्मर होता है जो गिरने पर सुरक्षा देता है. इसके अलावा अलग से नी गार्ड्स, एल्बो गार्ड्स और बैक प्रोटेक्टर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. रात में सफर के लिए रिफ्लेक्टिव जैकेट या स्ट्रिप्स लगाना फायदेमंद रहता है. ये सारी चीजें मिलाकर भी कुल खर्च 15-20 हजार रुपये के आसपास ही रहता है.
बाइक खरीदना सिर्फ शौक नहीं, जिम्मेदारी भी है. लाखों रुपये खर्च करने के बाद सेफ्टी पर थोड़ा और निवेश करना समझदारी है.अगर आपने अच्छी-खासी बाइक खरीद रखी है, तो 15-20 हजार रुपये के आसपास का ये इनवेस्टमेंट भी जरूर कर लें.