बढ़ते बिजली के बिल की वजह से अब हर कोई अपने घर में सोलर पैनल लगवाने का प्लान कर रहा है. ऐसे में लोगों के मन में सोलर पैनल को लेकर कई तरह के सवाल होता है कि उनके घर के लिए कौनसा सोलर पैनल बेहतर होगा व इससे बचत कितनी होगी? अगर आपके घर में केवल घरेलू जरूरतों को हिसाब से बिजली का उपयोग होता है, तो 2KW का सोलर पैनल आपके लिए बेहतर विकल्प है. हालांकि सोलर पैनल लगवाने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि यह बिजली का कितना उत्पादन करता है और इससे कितनी बचत होती है.
महीने में कितनी बिजली बनाता है?
2KW सोलर सिस्टम से बनने वाली बिजली आपके शहर की धूप और मौसम पर निर्भर करती है. भारत के अधिकांश हिस्सों में एक 2KW ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम सामान्य परिस्थितियों में लगबग करीब 7 से 9 यूनिट बिजली प्रतिदिन पैदा करता है. इस हिसाब से एक महीने में लगभग 210 से 270 यूनिट बिजली का उत्पादन संभव है.
कितनी हो सकती है बिजली बिल में बचत?
बिजली बिल की बचत आपके कुल बिजली इस्तेमाल पर निर्भर करती है. हालांकि बताया जाता है कि भारत में एक घर में यदि 2KW सोलर सिस्टम लगा है, तो उस घर की सालाना बिजली की बचत 20,00 रुपए तक हो सकती है.
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ऑन-ग्रिड सिस्टम में बचत कैसे होती है?
अगर आप ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगवाते हैं, तो दिन में सोलर पैनल से बनने वाली बिजली पहले घर के सामानों में इस्तेमाल होती है. जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर नेट बिलिंग नियमों के अनुसार अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाती है. रात में जब सोलर पैनल बिजली नहीं बना रहे होते, तब घर ग्रिड से बिजली लेता है. इसी वजह से ऑन-ग्रिड सिस्टम सामान्य घरेलू उपयोग के लिए काफी लोकप्रिय माने जाते हैं.
2KW सोलर सिस्टम किसके लिए सही है?
2KW सिस्टम छोटे या सामान्य बिजली इस्तेमाल वाले घरों के लिए उपयोगी हो सकता है. अगर आपके घर में पंखे, लाइट, टीवी, फ्रिज, कूलर, कंप्यूटर और दूसरे सामान्य उपकरण चलते हैं, तो यह आपके बिजली खर्च को काफी कम करने में मदद करता है. लेकिन अगर घर में एयर कंडीशनर, गीजर, इलेक्ट्रिक कार चार्जर या अन्य ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरण नियमित रूप से चलते हैं, तो 2KW सिस्टम पर्याप्त नहीं भी होता.
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