अन्य UP योजनाएं

PM Matsya Sampada Yojana 2026: पात्रता, लाभ, सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया

satish
By satish On September 27, 2026
5 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

PM Matsya Sampada Yojana 2026: भारत सरकार द्वारा मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana – PMMSY) लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य मछली उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना, मत्स्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, फसल के बाद होने वाले नुकसान को कम करना, मछुआरों और मछली किसानों की आय एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना तथा मत्स्य क्षेत्र को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाना है।

PMMSY के तहत मत्स्यपालन से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियों के लिए सहायता का प्रावधान है। इसमें तालाब निर्माण, हैचरी, बायोफ्लॉक, Recirculatory Aquaculture System यानी RAS, केज कल्चर, मछली परिवहन, कोल्ड स्टोरेज, मछली कियोस्क, मछुआरों से संबंधित कई गतिविधियां और अन्य मत्स्य अवसंरचना शामिल हैं।

अगर आप मछली पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या पहले से मत्स्यपालन कर रहे हैं, तो PM Matsya Sampada Yojana के अंतर्गत उपलब्ध गतिविधियों और सहायता के बारे में जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

महत्वपूर्ण: PMMSY में सहायता गतिविधि, लाभार्थी श्रेणी, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और स्वीकृत परियोजना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य के मत्स्य विभाग/जिला मत्स्यपालन अधिकारी से वर्तमान नियम और उपलब्ध लक्ष्य की पुष्टि करें।

PM Matsya Sampada Yojana क्या है?

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) भारत सरकार के मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा लागू की जाने वाली प्रमुख मत्स्य क्षेत्र योजना है।

इस योजना को मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्ता, तकनीक, पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और वैल्यू चेन को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आधिकारिक योजना दस्तावेज के अनुसार PMMSY में Central Sector Scheme और Centrally Sponsored Scheme दोनों घटक शामिल हैं।

आधिकारिक PMMSY पोर्टल पर योजना के अंतर्गत मछली उत्पादन, अंतर्देशीय मत्स्यपालन, समुद्री मत्स्यपालन, जलीय स्वास्थ्य, मत्स्य अवसंरचना और मछुआरा कल्याण जैसी गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध है।

PMMSY का मुख्य उद्देश्य क्या है?

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:

  • मछली उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना।
  • मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना।
  • मछुआरों और मछली किसानों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना।
  • मछली की गुणवत्ता और मूल्य श्रृंखला में सुधार करना।
  • मछली के भंडारण और परिवहन की सुविधाओं को मजबूत करना।
  • पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान को कम करना।
  • मत्स्य क्षेत्र में निजी निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देना।
  • मछुआरों के सामाजिक और आर्थिक कल्याण को बढ़ावा देना।
  • जलीय कृषि और मत्स्यपालन को अधिक टिकाऊ बनाना।
  • मत्स्य क्षेत्र के लिए मजबूत प्रबंधन और नियामक व्यवस्था विकसित करना।

PM Matsya Sampada Yojana 2026 के तहत किन गतिविधियों को सहायता मिल सकती है?

PMMSY के अंतर्गत अलग-अलग मत्स्यपालन गतिविधियों को शामिल किया गया है। आधिकारिक FAQ में कई beneficiary-oriented activities का उल्लेख है। इनमें निम्न शामिल हैं:

1. मछली पालन के लिए तालाब

मछली उत्पादन के लिए नए तालाब और grow-out/rearing ponds जैसी गतिविधियों को योजना के अंतर्गत सहायता मिल सकती है।

2. Fish Hatchery

मछली बीज उत्पादन के लिए hatchery से संबंधित परियोजनाएं भी PMMSY के तहत समर्थित गतिविधियों में शामिल हैं।

3. Biofloc Fish Farming

कम जगह में आधुनिक तरीके से मछली पालन के लिए Biofloc unit भी योजना के beneficiary-oriented activities में शामिल है।

4. RAS Fish Farming

Recirculatory Aquaculture System (RAS) यानी आधुनिक recirculating aquaculture system भी PMMSY के तहत समर्थित गतिविधियों में शामिल है।

5. Cage Culture

जलाशयों और अन्य उपयुक्त जल निकायों में cage culture को भी योजना के तहत प्रोत्साहित किया जाता है।

6. Sea Cage

समुद्री मत्स्यपालन से संबंधित open sea cages भी PMMSY की गतिविधियों में शामिल हैं।

7. Seaweed Farming

समुद्री शैवाल की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सहायता का प्रावधान है। आधिकारिक पोर्टल पर seaweed cultivation से संबंधित गतिविधियां दर्ज हैं।

8. Ornamental Fish Farming

सजावटी मछली पालन और उससे जुड़ी इकाइयों को भी PMMSY में शामिल किया गया है।

9. Fishing Vessel से संबंधित सहायता

कुछ पात्र गतिविधियों के तहत fishing vessels की खरीद, मौजूदा fishing vessels के उन्नयन आदि से संबंधित सहायता का प्रावधान है।

10. Fish Transportation

मछली को बाजार तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए fish transportation facilities भी योजना की अनुमोदित गतिविधियों में शामिल हैं।

11. Cold Storage और Ice Plant

मछली के पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन के लिए ice plant और cold storage जैसी infrastructure activities भी PMMSY के अंतर्गत दर्ज हैं।

12. Fish Kiosk और Retail Market

मछली की बिक्री और retail infrastructure के लिए fish retail market तथा fish kiosk जैसी गतिविधियां भी योजना में शामिल हैं।

PM Matsya Sampada Yojana में सब्सिडी कितनी मिलती है?

PMMSY में मिलने वाली वित्तीय सहायता को एक ही निश्चित प्रतिशत के रूप में सभी लाभार्थियों पर लागू नहीं किया जा सकता। सहायता परियोजना और beneficiary category के अनुसार बदल सकती है।

योजना में beneficiary-oriented activities के लिए निर्धारित unit cost, admissible assistance और beneficiary contribution जैसे प्रावधान लागू होते हैं।

इसलिए इंटरनेट पर दिखाई देने वाली किसी एक निश्चित राशि को हर मछली किसान के लिए लागू मानना सही नहीं होगा।

आवेदन करने से पहले यह जांचना जरूरी है:

  • आप किस activity के लिए आवेदन कर रहे हैं?
  • आपकी beneficiary category क्या है?
  • आपके राज्य में उस activity का target उपलब्ध है या नहीं?
  • निर्धारित unit cost क्या है?
  • सरकारी सहायता की admissible सीमा क्या है?
  • beneficiary contribution कितना होगा?
  • आपकी परियोजना को राज्य/UT की स्वीकृति मिली है या नहीं?

आधिकारिक दिशानिर्देश और राज्य स्तर की प्रक्रिया के अनुसार ही सहायता निर्धारित की जाती है।

PMMSY के लाभार्थी कौन हो सकते हैं?

PMMSY की अलग-अलग गतिविधियों के अनुसार लाभार्थी अलग हो सकते हैं।

मत्स्यपालन से सीधे जुड़े लोग और संस्थाएं, जैसे:

  • मछुआरे
  • मछली किसान
  • Fish Farmer
  • मत्स्य श्रमिक
  • मत्स्य व्यवसाय से जुड़े उद्यमी
  • कुछ प्रकार की संस्थाएं
  • Fisheries Cooperatives
  • अन्य पात्र मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लाभार्थी

अपने संबंधित activity के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

इसके अलावा PM-MKSSY नामक PMMSY की केंद्रीय क्षेत्र की उप-योजना के तहत fishers, aquaculture farmers, fish workers, fish vendors और fisheries value chain से जुड़े अन्य लोगों के साथ fisheries micro और small enterprises को भी लक्षित किया गया है।

PM Matsya Sampada Yojana के लिए पात्रता

पात्रता आपके द्वारा चुनी गई गतिविधि पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर आवेदक का संबंधित मत्स्य गतिविधि से जुड़ा होना आवश्यक हो सकता है।

आवेदन से पहले निम्न बातों की जांच करें:

  1. आवेदक संबंधित मत्स्यपालन गतिविधि के लिए पात्र है या नहीं।
  2. प्रस्तावित activity PMMSY के अंतर्गत स्वीकृत है या नहीं।
  3. परियोजना के लिए आवश्यक भूमि/स्थान उपलब्ध है या नहीं।
  4. आवश्यक documents उपलब्ध हैं या नहीं।
  5. संबंधित राज्य/UT में उस activity का target उपलब्ध है या नहीं।
  6. परियोजना के लिए निर्धारित नियम और technical requirements पूरी होती हैं या नहीं।

भूमि खरीदने की लागत को PMMSY की केंद्रीय वित्तीय सहायता के लिए सामान्य रूप से परियोजना लागत का हिस्सा नहीं माना जाता। आधिकारिक FAQ के अनुसार आवश्यक भूमि उपलब्ध न होने पर beneficiary/implementing agency को भूमि की व्यवस्था अपने खर्च पर करनी होती है।

क्या लीज की जमीन पर PMMSY का लाभ मिल सकता है?

कुछ परिस्थितियों में lease land को भी स्वीकार किया जा सकता है।

आधिकारिक FAQ के अनुसार culture infrastructure के लिए lease land के मामले में registered lease document के साथ न्यूनतम 10 वर्ष की lease अवधि बताई गई है। Non-infrastructure projects के लिए FAQ में 7 वर्ष की अवधि का उल्लेख है।

हालांकि वास्तविक आवेदन में संबंधित राज्य विभाग की वर्तमान शर्तों की जांच जरूर करें।

PM Matsya Sampada Yojana के लिए कौन-कौन से Documents लग सकते हैं?

Documents activity और राज्य की प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है:

  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक खाता विवरण
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • पता प्रमाण
  • भूमि से संबंधित दस्तावेज
  • Lease agreement, जहां लागू हो
  • परियोजना से संबंधित दस्तावेज
  • DPR/Project Proposal, जहां आवश्यक हो
  • संबंधित विभाग द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज

ध्यान दें: सभी applicants के लिए यही documents अनिवार्य हों, यह जरूरी नहीं है। अपनी activity के अनुसार जिला मत्स्यपालन कार्यालय से दस्तावेजों की नवीनतम सूची प्राप्त करें।

PM Matsya Sampada Yojana Online Apply कैसे करें?

PMMSY का आवेदन केवल सामान्य सरकारी योजना registration जैसा एक ही universal form भरकर पूरा नहीं होता। अलग-अलग activity और राज्य के अनुसार प्रक्रिया अलग हो सकती है।

आवेदन के लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार समझी जा सकती है:

Step 1: अपनी मत्स्य गतिविधि चुनें

सबसे पहले तय करें कि आप किस गतिविधि के लिए सहायता लेना चाहते हैं।

उदाहरण:

  • Fish Pond
  • Biofloc
  • RAS
  • Hatchery
  • Cage Culture
  • Fish Transportation
  • Fish Kiosk
  • Cold Storage
  • Fishing Vessel आदि।

Step 2: जिला मत्स्यपालन अधिकारी से संपर्क करें

PMMSY की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इच्छुक stakeholders को अपने संबंधित राज्य/UT के District Fisheries Officer से संपर्क करना चाहिए।

Step 3: Project Proposal/DPR तैयार करें

जहां आवश्यक हो, प्रस्तावित परियोजना के लिए DPR या संबंधित project proposal तैयार करना पड़ सकता है।

इसमें सामान्य तौर पर परियोजना की लागत, स्थान, activity, क्षमता, तकनीकी विवरण और वित्तीय विवरण शामिल हो सकते हैं।

Step 4: जरूरी Documents जमा करें

विभाग द्वारा मांगे गए दस्तावेज और project proposal जमा करें।

Step 5: विभागीय जांच

संबंधित विभाग आपके आवेदन और परियोजना की जांच कर सकता है।

Step 6: स्वीकृति के बाद परियोजना

यदि प्रस्ताव निर्धारित नियमों के अनुसार स्वीकृत होता है, तो योजना के प्रावधानों के अनुसार परियोजना को आगे बढ़ाया जाता है।

महत्वपूर्ण: आवेदन प्रक्रिया राज्य और activity के अनुसार बदल सकती है, इसलिए अंतिम प्रक्रिया के लिए अपने राज्य के मत्स्य विभाग की वर्तमान सूचना देखें।

उत्तर प्रदेश में PM Matsya Sampada Yojana

उत्तर प्रदेश भी PMMSY के अंतर्गत शामिल राज्यों में है। आधिकारिक PMMSY database में उत्तर प्रदेश के लिए fish production target के रूप में 5,00,000 टन वृद्धि का आंकड़ा दर्ज है और उत्तर प्रदेश के लिए FFPOs/Companies का target 50 दिया गया है।

अगर आप उत्तर प्रदेश में मछली पालन, Biofloc, तालाब, hatchery या अन्य पात्र मत्स्य गतिविधि शुरू करना चाहते हैं, तो स्थानीय स्तर पर जिला मत्स्यपालन अधिकारी/मत्स्य विभाग से वर्तमान योजना, target, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सहायता की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

PMMSY में Biofloc Fish Farming

Biofloc आधुनिक fish farming methods में से एक है जिसमें सीमित क्षेत्र में नियंत्रित वातावरण के माध्यम से मछली पालन किया जा सकता है।

PMMSY के आधिकारिक FAQ में Biofloc unit को beneficiary-oriented supported activities में शामिल किया गया है।

लेकिन Biofloc के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता की वास्तविक राशि activity की स्वीकृत unit cost, beneficiary category और संबंधित राज्य की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

इसलिए केवल सोशल मीडिया या YouTube पर बताई गई subsidy amount के आधार पर project शुरू नहीं करना चाहिए।

PMMSY में RAS Fish Farming

RAS यानी Recirculatory Aquaculture System ऐसी आधुनिक aquaculture technology है जिसमें पानी को treatment और filtration के बाद system में दोबारा circulate किया जाता है।

PMMSY के अंतर्गत RAS भी supported activities में शामिल है।

RAS project शुरू करने से पहले:

  • तकनीकी feasibility
  • पानी की गुणवत्ता
  • बिजली की आवश्यकता
  • system capacity
  • fish species
  • feed cost
  • market
  • project cost

जैसी बातों का अध्ययन करना जरूरी है।

PMMSY में मछुआरों के लिए सहायता

PMMSY केवल fish farming तक सीमित नहीं है। योजना के अंतर्गत मछुआरों के कल्याण से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं।

आधिकारिक PMMSY पोर्टल पर safety kits, replacement boats और nets, fishing vessels से संबंधित सहायता तथा fishing ban/lean period के दौरान मछुआरा परिवारों को livelihood और nutritional support जैसी गतिविधियों का उल्लेख है।

PM Matsya Sampada Yojana की विशेषताएं

PMMSY की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं:

  • देशभर में मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देना।
  • आधुनिक fish farming technologies को प्रोत्साहित करना।
  • उत्पादन और productivity बढ़ाने पर जोर।
  • पोस्ट-हार्वेस्ट infrastructure को मजबूत करना।
  • Cold chain और transportation infrastructure को बढ़ावा देना।
  • Fisheries value chain को मजबूत करना।
  • मछुआरों के कल्याण पर ध्यान।
  • रोजगार और entrepreneurship को बढ़ावा देना।
  • Aquatic health और quality management को मजबूत करना।
  • Inland और marine fisheries दोनों को शामिल करना।

PMMSY और PM-MKSSY में क्या अंतर है?

दोनों नाम एक जैसे लगने के कारण अक्सर confusion होता है।

PMMSY यानी Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana व्यापक मत्स्य क्षेत्र की योजना है।

वहीं PM-MKSSY (Pradhan Mantri Matsya Kisan Samridhi Sah-Yojana) PMMSY के तहत एक Central Sector sub-scheme है। इसका उद्देश्य fisheries sector को formalise करना, fisheries micro और small enterprises को support करना, institutional finance तक पहुंच बढ़ाना और aquaculture insurance जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। PM-MKSSY को FY 2023-24 से FY 2026-27 तक चार वर्षों के लिए लागू करने का प्रावधान है।

इसलिए PMMSY और PM-MKSSY को एक ही योजना समझना सही नहीं है।

PM Matsya Sampada Yojana का Helpline Number

PMMSY की आधिकारिक वेबसाइट पर Toll-Free Number: 1800-425-1660 दिया गया है।

आवेदन से जुड़ी स्थानीय जानकारी के लिए अपने जिले के Fisheries Department/District Fisheries Officer से संपर्क करना भी उचित है।

PMMSY की आधिकारिक वेबसाइट

PM Matsya Sampada Yojana की आधिकारिक वेबसाइट पर योजना, approved activities, dashboard और अन्य जानकारी उपलब्ध है।

PM Matsya Sampada Yojana की आधिकारिक वेबसाइट

PM Matsya Sampada Yojana 2026: जरूरी बातें

अगर आप PMMSY के तहत लाभ लेना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • सबसे पहले अपनी activity निर्धारित करें।
  • केवल subsidy की राशि देखकर project शुरू न करें।
  • वर्तमान unit cost और assistance की जानकारी लें।
  • अपने राज्य के मत्स्य विभाग से संपर्क करें।
  • जमीन/lease से जुड़े नियम पहले जांचें।
  • DPR/Project Proposal की जरूरत है या नहीं, पता करें।
  • बैंक और project finance की व्यवस्था समझें।
  • सभी documents तैयार रखें।
  • आवेदन की अंतिम प्रक्रिया संबंधित राज्य/विभाग से verify करें।

PM Matsya Sampada Yojana 2026 FAQs

PM Matsya Sampada Yojana क्या है?

PMMSY भारत सरकार की मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य fish production, productivity, infrastructure, value chain और fisher welfare को बढ़ावा देना है।

PM Matsya Sampada Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?

सहायता की राशि सभी गतिविधियों के लिए समान नहीं है। यह activity, beneficiary category, approved unit cost और राज्य/UT की प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित होती है।

क्या Biofloc Fish Farming PMMSY में शामिल है?

हां। Biofloc unit PMMSY के beneficiary-oriented supported activities में शामिल है।

क्या RAS Fish Farming के लिए सहायता मिल सकती है?

हां। RAS यानी Recirculatory Aquaculture System PMMSY की supported activities में शामिल है।

क्या PMMSY में तालाब निर्माण शामिल है?

हां। Grow-out और rearing ponds सहित संबंधित aquaculture activities योजना के अंतर्गत समर्थित गतिविधियों में शामिल हैं।

PMMSY के लिए कहां आवेदन करें?

आधिकारिक PMMSY वेबसाइट के अनुसार इच्छुक stakeholders को अपने संबंधित राज्य/UT के District Fisheries Officer से संपर्क करना चाहिए।

PMMSY का हेल्पलाइन नंबर क्या है?

PMMSY की आधिकारिक वेबसाइट पर toll-free number 1800-425-1660 दिया गया है।

क्या उत्तर प्रदेश में PMMSY लागू है?

हां। PMMSY के आधिकारिक database में उत्तर प्रदेश को योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है।

क्या lease की जमीन पर PMMSY का लाभ मिल सकता है?

कुछ परिस्थितियों में lease land स्वीकार की जा सकती है। आधिकारिक FAQ में culture infrastructure के लिए न्यूनतम 10 वर्ष और non-infrastructure projects के लिए 7 वर्ष की lease अवधि का उल्लेख है, लेकिन वर्तमान राज्य-स्तरीय नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

निष्कर्ष

PM Matsya Sampada Yojana 2026 मत्स्य क्षेत्र से जुड़े किसानों, मछुआरों और अन्य पात्र हितधारकों के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को समर्थन देने वाली महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। इसके अंतर्गत fish pond, hatchery, Biofloc, RAS, cage culture, seaweed cultivation, fish transportation, cold storage, fish kiosk और मछुआरा कल्याण से जुड़ी कई गतिविधियां शामिल हैं।

हालांकि PMMSY में मिलने वाली सहायता सभी लोगों और सभी activities के लिए समान नहीं होती। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य के मत्स्य विभाग या जिला मत्स्यपालन अधिकारी से वर्तमान eligibility, activity, unit cost, financial assistance और application process की पुष्टि करना जरूरी है।

इस तरह आप सही activity के लिए सही प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं और योजना से संबंधित गलत या अधूरी जानकारी से बच सकते हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
satish

satish

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.