Ferrari का यू-टर्न! ऑटोमैटिक के दौर में मैनुअल गियरबॉक्स के साथ उतारी सुपरकार, जानिए वजह


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Ferrari ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसकी शायद किसी ने उम्मीद नहीं की थी. जब पूरी दुनिया ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की तरफ बढ़ रही है, तब कंपनी ने मैनुअल गियरबॉक्स को नए अंदाज में वापस लाकर सबको चौंका दिया है. आखिर इसके पीछे क्या रणनीति है, नई Manuale By-Wire टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है और ये सुपरकार बाकी Ferrari मॉडल्स से कितनी अलग है? जानिए डिटेल.

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Ferrari का यू-टर्न! ऑटोमैटिक के दौर में मैनुअल गियरबॉक्स के साथ उतारी सुपरकारZoom

Ferrari ने मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ सुपरकार लॉन्च की है.

एक समय था जब स्पोर्ट्स कार चलाने का असली मज़ा मैनुअल गियरबॉक्स में माना जाता था. लेकिन पिछले दो दशकों में ऑटोमैटिक और डुअल-क्लच ट्रांसमिशन (DCT) की तेज़ी, सुविधा और बेहतर परफॉर्मेंस ने लगभग सभी सुपरकार कंपनियों को मैनुअल गियरबॉक्स से दूर कर दिया. Ferrari भी इसी राह पर चल रही थी और 2012 के बाद उसने कोई नई मैनुअल कार लॉन्च नहीं की.

अब कंपनी ने सभी को चौंकाते हुए सीमित संख्या में Ferrari 12Cilindri Manuale पेश की है. सवाल ये है कि जब ज्यादातर ग्राहक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन पसंद करते हैं, तब Ferrari ने मैनुअल गियरबॉक्स को दोबारा क्यों जिंदा किया? इसकी वजह सिर्फ पुरानी यादें नहीं, बल्कि ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पहले से ज्यादा बेहतर बनाना है. आइए जानते हैं कि Ferrari ने ऐसा क्यों किया?

ड्राइवर और कार का सीधा कनेक्शन

Ferrari का कहना है कि नई 12Cilindri Manuale का मकसद ड्राइवर और कार के बीच उस फिजिकल कनेक्शन को वापस लाना है, जो मॉडर्न ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में कहीं खो गया था. कंपनी ने इसे खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए तैयार किया है जो केवल फास्ट स्पीड नहीं, बल्कि गियर बदलने का एहसास महसूस करना चाहते हैं.

नई तकनीक का इस्तेमाल

नई Ferrari में पारंपरिक मैनुअल गियरबॉक्स नहीं दिया गया है. इसके बजाय कंपनी ने अपना नया Manuale By-Wire सिस्टम डेवलप किया है. इसमें गियर लीवर और क्लच पैडल मौजूद हैं, लेकिन ये इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम के जरिए 8-स्पीड डुअल-क्लच ट्रांसमिशन को ऑपरेट करते हैं. यानी ड्राइवर को मैनुअल गियर बदलने का पूरा अनुभव मिलेगा, जबकि DCT की स्पीड और सटीकता भी बरकरार रहेंगी. जरूरत पड़ने पर इसे ऑटोमैटिक मोड में भी चलाया जा सकेगा.

मैनुअल का पूरी फील

Ferrari ने इस सिस्टम को इतना रियलिस्टिक बनाया है कि अगर ड्राइवर क्लच और एक्सिलरेटर का सही तालमेल नहीं बैठाता, तो गियर बदलने में झटका महसूस होगा या इंजन भी स्टॉल हो सकता है. यानी ये केवल दिखावे का मैनुअल नहीं, बल्कि असली ड्राइविंग स्किल की मांग करने वाला सिस्टम है.

चुनिंदा ग्राहकों के लिए उपलब्ध

Ferrari इस कार की सिर्फ 1,499 यूनिट बनाएगी. ये संख्या कंपनी के पहले V12 इंजन (1947) की 1,499 सीसी कैपेसिटी से इंस्पायर्ड है. इसे मुख्य रूप से उन Ferrari लवर्स के लिए तैयार किया गया है, जो फ्रंट-इंजन V12 ग्रैंड टूरर और क्लासिक मैनुअल ड्राइविंग का अनुभव दोबारा जीना चाहते हैं.

परफॉर्मेंस से कोई समझौता नहीं

नई Ferrari 12Cilindri Manuale में 6.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड V12 इंजन है, जो 830 hp की पावर और 9,500 rpm पर 678 Nm तक का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. ये सुपरकार 0-100 किमी/घंटे की रफ्तार सिर्फ 2.9 सेकेंड में पकड़ लेती है और इसकी टॉप स्पीड 340 किमी/घंटा से ज्यादा है. यानी मैनुअल एक्सपीरिएंस देने के बावजूद इसकी परफॉर्मेंस Ferrari के किसी भी मॉडर्न से कम नहीं है.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें





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