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अब नहीं चलेगी Jio-Airtel-Vi की मनमानी! सरकार बदलने जा रही शिकायत निपटाने के नियम

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 9, 2026
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  • ग्राहकों को बेहतर और तेज सेवा मिलने की उम्मीद।

Jio-Airtel-Vi: मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट से जुड़ी शिकायतों को लेकर परेशान रहने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है. Telecom Regulatory Authority of India यानी TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों की शिकायत निवारण व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव जारी किया है. अगर ये नए नियम लागू होते हैं तो Jio, Airtel और Vi जैसी कंपनियों को ग्राहकों की शिकायतें पहले से ज्यादा तेजी और आसान तरीके से सुलझानी पड़ सकती हैं.

सरकार का मानना है कि मौजूदा सिस्टम अब पुराने दौर के हिसाब से बना हुआ है जबकि आज ग्राहक शिकायत दर्ज कराने के लिए मोबाइल ऐप, वेबसाइट, चैटबॉट और ईमेल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं.

क्यों बदलना चाहती है सरकार नियम?

TRAI के अनुसार मौजूदा Telecom Consumers Complaint Redressal Regulation पहली बार 2012 में लागू किया गया था. इसके बाद 2012, 2013 और 2014 में इसमें कुछ बदलाव किए गए थे. लेकिन पिछले कई सालों में ग्राहकों और टेलीकॉम कंपनियों के बीच बातचीत का तरीका पूरी तरह बदल चुका है.

पहले ज्यादातर लोग IVRS यानी कॉल करके शिकायत दर्ज कराते थे लेकिन अब ग्राहक ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए मदद लेना ज्यादा पसंद करते हैं. ऐसे में पुराने नियम आज के डिजिटल दौर के हिसाब से पर्याप्त नहीं माने जा रहे.

क्या बदल सकता है?

नए ड्राफ्ट नियमों का मकसद शिकायत दर्ज कराने और उसे ट्रैक करने की प्रक्रिया को ज्यादा आसान बनाना है. सरकार चाहती है कि यूजर्स बिना लंबी कॉल या इंतजार के सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से शिकायत दर्ज कर सकें. इसके अलावा अगर किसी ग्राहक को कंपनी की तरफ से मिली शिकायत समाधान प्रक्रिया पसंद नहीं आती तो अपील करने का सिस्टम भी पहले से ज्यादा आसान और तेज बनाया जा सकता है. यानी अब ग्राहकों को अपनी बात रखने के लिए ज्यादा पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली व्यवस्था मिल सकती है.

ऐप और चैटबॉट्स पर बढ़ेगा फोकस

TRAI ने माना है कि आज के समय में ग्राहक सिर्फ कॉल सेंटर पर निर्भर नहीं हैं. लोग अब मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल, ईमेल और AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं. इसलिए नए नियमों में डिजिटल माध्यमों को ज्यादा महत्व दिया जा सकता है. इससे कंपनियों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे ग्राहकों की शिकायतों का जवाब जल्दी दें और ट्रैकिंग सिस्टम को बेहतर बनाएं.

जनता से मांगे गए सुझाव

सरकार ने इस ड्राफ्ट नियम को सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया है. टेलीकॉम कंपनियां, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और आम लोग इस पर अपनी राय दे सकते हैं. सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 5 जून 2026 तय की गई है.

अगर यह नया ढांचा लागू होता है तो आने वाले समय में मोबाइल नेटवर्क, कॉल ड्रॉप, इंटरनेट स्पीड और बिलिंग जैसी समस्याओं को लेकर ग्राहकों को पहले से बेहतर और तेज सेवा मिल सकती है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։