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अब बिजली की तरह यूज के हिसाब से देना होगा AI का बिल, इस कंपनी ने कर दी शुरुआत

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By Aman Shanti .In On April 17, 2026
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  • एंथ्रोपिक ने क्लाउड के प्राइसिंग मॉडल में बदलाव किया है।
  • अब एंटरप्राइज यूजर्स यूसेज के आधार पर भुगतान करेंगे।
  • API डिस्काउंट हटाए गए, फिक्स्ड सब्सक्रिप्शन से सस्ते हुए प्लान।
  • AI कंपनियां अब राजस्व पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

AI Use: पिछले महीने OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा था कि फ्यूचर में एआई बिजली-पानी की तरह एक बेसिक सर्विस बन जाएगी. लोग इसका यूज करते समय ज्यादा नहीं सोचेंगे और यह एक ऐसी यूटिलिटी बन जाएगी, जिसे लोग बिजली और पानी की तरह मीटर से खरीदेंगे. उनकी यह बात अब सच होते हुए नजर आ रही है. एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने Claude की प्राइसिंग में बदलाव किया है. अब कंपनी ने एंटरप्राइज यूजर्स के लिए पर-सीट यूसेज के हिसाब से पैसा लेना शुरू कर दिया है. साथ ही कंपनी ने API पर मिलने वाले डिस्काउंट को भी हटा दिया है. 

अब यूज के हिसाब से पैसा लेगी एंथ्रोपिक

कंपनी के नए इंटरप्राइज प्लान फिक्स्ड सब्सक्रिप्शन की तुलना में सस्ते हैं. इसका मतलब है कि कंपनी ने प्लान सस्ते कर दिए हैं, लेकिन अब वह यूसेज के हिसाब से पैसा लेगी. कंपनी पहले कई टेक्नीकल और बिजनेस सीट के लिए हर महीने 40 से 200 डॉलर प्रति महीने के हिसाब से चार्ज करती थी, लेकिन अब ऐसी कई सीट्स के लिए 20 डॉलर लिए जा रहे हैं. अब यूजर्स को मंथली यूज के हिसाब से पैसा देना पड़ेगा. साथ ही API पर मिलने वाला 10-15 प्रतिशत डिस्काउंट भी हटा लिया गया है.

यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?

एंथ्रोपिक के इस फैसले से यूजर को अपने यूज के हिसाब से एआई के लिए पैसा देना होगा. कंपनी के प्लान में सीट फीस का मतलब है कि यूजर को उससे प्लेटफॉर्म की एक्सेस मिल जाएगी. इसके बाद उसे टोकन के हिसाब से पैसा देना होगा और यह प्री-पेमेंट होगी. यानी एआई यूज करने से पहले उसे यह पैसा चुकाना होगा.

रेवेन्यू की तरफ देख रही हैं एआई कंपनियां

पिछले कुछ समय से एआई कंपनियां एआई के विकास पर भारी निवेश कर रही है. डेटा सेंटर समेत दूसरी चीजों पर इन कंपनियों के खर्चे आसमान छू रहे हैं, लेकिन इनका बिजनेस अभी तक रेवेन्यू जनरेट नहीं कर पाया है. ऐसे में अब कंपनियां पैसा कमाने पर भी ध्यान दे रही हैं. इसके लिए रिस्पॉन्स के साथ एड दिखाने जैसे तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. 

क्या बेसिक सर्विस बन जाएगी एआई?

एंथ्रोपिक के इस कदम के बाद ऑल्टमैन की वह बात सच होती दिख रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एआई बेसिक सर्विस बन जाएगी और लोग बिजली की तरह यूज के आधार पर इसका बिल पे करेंगे. उनके कहने का मतलब था कि आगे चलकर लोग एआई सर्विस के लिए फिक्स प्राइस देने की बजाय अपनी जरूरत की कंप्यूटिंग पावर के हिसाब से पैसा चुकाएंगे.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։