भारत के टेक सेक्टर से एक बार फिर नौकरियों को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. Oracle भारत में करीब 3,000 पदों को खत्म करने की तैयारी में है जबकि Microsoft ने अपने भारत स्थित लगभग 400 से 500 कर्मचारियों को Performance Improvement Plan यानी PIP के तहत रखा है. इन दोनों घटनाओं को टेक कंपनियों की बदलती जरूरतों और नए कौशल की ओर बढ़ते फोकस से जोड़कर देखा जा रहा है.
Oracle में करीब 3,000 पदों पर असर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oracle भारत में लगभग 3,000 नौकरियों में कटौती कर रहा है. कंपनी में ये बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और क्लाउड कंप्यूटिंग पर इनवेस्टमेंट तेजी से बढ़ रहा है.
इसके अलावा Microsoft भी अपने भारत के कर्मचारियों को लेकर बड़ा बदलाव कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, करीब 400 से 500 कर्मचारियों को Performance Improvement Plan में रखा गया है. इसका मतलब है कि इन कर्मचारियों के परफॉर्मेंस की एक तय पीरियड में समीक्षा की जाएगी और उन्हें अपने काम में सुधार करने के लिए साफ गोल दिया गया है.
Oracle की कुल कर्मचारी संख्या भी घटी
रिपोर्ट के अनुसार, Oracle में कर्मचारियों की संख्या पहले से ही कम हुई है. 31 मई को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की कुल कर्मचारी संख्या लगभग 21,000 कम हुई जो करीब 13 फीसदी की गिरावट है. इसके बाद कंपनी के कर्मचारियों की संख्या लगभग 1.41 लाख रह गई. कंपनी ने अपने 2026 Restructuring Plan के तहत करीब 1.8 अरब डॉलर के खर्च दर्ज किए हैं. आने वाले समय में ये खर्च बढ़कर 2.1 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है.
AI डेटा सेंटर पर भारी खर्च बना बड़ी वजह
Oracle के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक AI डेटा सेंटर पर होने वाला भारी इनवेस्टमेंट है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का Capital Expenditure करीब 55.7 अरब डॉलर रहा जबकि इससे पिछले साल ये आंकड़ा 21.2 अरब डॉलर था.
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AI कंप्यूटिंग ताकत बढ़ाने के लिए Oracle बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर तैयार कर रहा है. इस विस्तार के लिए कंपनी ने कर्ज बाजार से करीब 43 अरब डॉलर जुटाए और लगभग 5 अरब डॉलर शेयर बेचकर हासिल किए हैं.
टेक कर्मचारियों के लिए क्या है जरूरी
आपको बता दें कि Oracle और Microsoft के ये कदम बताते हैं कि टेक इंडस्ट्री में सिर्फ नौकरी होना ही काफी नहीं रह गया है. कंपनियां तेजी से AI और नई टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही हैं. ऐसे में कर्मचारियों के लिए AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा, साइबर सिक्योरिटी और ऑटोमेशन जैसी स्किल्स सीखना पहले से ज्यादा जरूरी हो चुका है.
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