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क्या सॉकेट में लगे मोबाइल चार्जर से भी खर्च होती है बिजली, जानें कितना बढ़ता है बिल?

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On May 11, 2026
2 min read 1.2k views
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  • मोबाइल चार्जर प्लग इन रहने पर थोड़ी बिजली खींचता है।
  • स्टैंडबाय पावर खपत बहुत कम, पर शून्य नहीं होती।
  • नकली चार्जर से शॉर्ट सर्किट, आग लगने का खतरा।
  • स्मार्ट बिजली उपयोग हेतु चार्जिंग के बाद चार्जर निकालें।

Mobile Charger: आज के समय में मोबाइल चार्जर हर घर की सबसे आम चीजों में से एक बन चुका है. कई लोग फोन चार्ज करने के बाद सिर्फ केबल निकाल देते हैं लेकिन चार्जर को सॉकेट में लगा हुआ ही छोड़ देते हैं. कुछ लोगों का मानना होता है कि इससे कोई बिजली खर्च नहीं होती जबकि कुछ लोग इसे बिजली की बर्बादी मानते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सच्चाई क्या है? क्या बिना मोबाइल कनेक्ट किए भी चार्जर बिजली खींचता रहता है?

क्या सच में चार्जर बिजली खाता रहता है?

दरअसल, जब चार्जर सॉकेट में लगा रहता है और स्विच ऑन होता है तब उसमें थोड़ी मात्रा में बिजली का प्रवाह जारी रहता है. इसे वैंपायर पावर या स्टैंडबाय पावर कहा जाता है यानी भले ही आपका फोन चार्ज नहीं हो रहा हो लेकिन चार्जर के अंदर मौजूद सर्किट एक्टिव रहते हैं और बहुत कम मात्रा में बिजली लेते रहते हैं.

हालांकि यह बिजली की खपत बेहद छोटी होती है लेकिन पूरी तरह शून्य नहीं होती. पुराने और सस्ते चार्जर आमतौर पर ज्यादा स्टैंडबाय पावर लेते हैं जबकि नए और ब्रांडेड चार्जर काफी ऊर्जा-कुशल बनाए जाते हैं.

आखिर कितना बढ़ता है बिजली बिल?

अगर सामान्य तौर पर देखा जाए तो एक अच्छा मोबाइल चार्जर स्टैंडबाय मोड में लगभग 0.1 से 0.5 वॉट तक बिजली खर्च कर सकता है. यह खपत इतनी कम होती है कि महीने के बिजली बिल में इसका असर बहुत ज्यादा दिखाई नहीं देता. मान लीजिए आपका चार्जर 0.3 वॉट बिजली खींच रहा है और वह पूरे महीने लगातार सॉकेट में लगा रहता है तो उसकी कुल बिजली खपत बेहद मामूली होगी. इसका खर्च कुछ रुपये से भी कम हो सकता है यानी सिर्फ एक मोबाइल चार्जर की वजह से बिजली बिल में बड़ा उछाल नहीं आता.

लेकिन अगर घर में कई चार्जर, टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, माइक्रोवेव और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हमेशा स्टैंडबाय मोड में लगे रहते हैं तो इन सभी की छोटी-छोटी खपत मिलकर सालभर में अच्छा-खासा बिजली खर्च करा सकती है.

सिर्फ बिल ही नहीं सुरक्षा का भी मामला

चार्जर को हमेशा सॉकेट में लगाए रखना सिर्फ बिजली की बर्बादी का मामला नहीं है बल्कि सुरक्षा से भी जुड़ा है. खराब गुणवत्ता वाले या नकली चार्जर ज्यादा गर्म हो सकते हैं. लंबे समय तक बिजली सप्लाई मिलने पर उनमें शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग का खतरा भी बढ़ सकता है.

खासतौर पर गर्मियों में या खराब वायरिंग वाले घरों में यह जोखिम और बढ़ जाता है. इसलिए इस्तेमाल के बाद चार्जर को सॉकेट से निकाल देना बेहतर माना जाता है.

क्या करना सबसे सही रहेगा?

अगर आप बिजली बचाना चाहते हैं और सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहते हैं तो सबसे अच्छा तरीका यही है कि फोन चार्ज होने के बाद चार्जर को सॉकेट से निकाल दें. इससे बिजली की छोटी-छोटी बचत भी होगी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की लाइफ भी बेहतर रह सकती है. छोटी आदतें लंबे समय में बड़ा फर्क डालती हैं और यही समझदारी स्मार्ट बिजली इस्तेमाल की असली पहचान है.

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Սաթիշ Կումարը թվային բովանդակության ստեղծող և նորությունների հրատարակիչ է։ Նա գրում է հոդվածներ պետական ​​ծրագրերի, տեխնոլոգիական նորությունների և ավտոմոբիլային թարմացումների վերաբերյալ։ Նրա հոդվածների նպատակն է մարդկանց ճիշտ և արագ տեղեկատվություն տրամադրելը։